फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Europe ›   Britain blames Russia for doing nerve agent attack on former spy and its daughter

रूस बताये, क्या उसने पूर्व जासूस को जहर दिया- ब्रिटेन

Tue, 13 Mar 2018 03:12 PM IST
बीबीसी, हिंदी
बीबीसी, हिंदी Updated Tue, 13 Mar 2018 03:12 PM IST
विज्ञापन
Britain blames Russia for doing nerve agent attack on former spy and its daughter
बेटी के साथ पूर्व रूसी जासूस

'पूर्व रूसी जासूस सर्गेई स्क्रिपल और उनकी बेटी यूलिया को जहर देने के लिए रूस में निर्मित नर्व एजेंट का इस्तेमाल क्यों किया गया। रूस को इस बारे में बताना ही होगा।' ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने सर्गेई को जहर देने के मामले में रूस के प्रति सख्ती दिखाई। थेरेसा ने कहा, ''मंगलवार तक अगर 'विश्वसनीय प्रतिकिया' नहीं मिलती है तो ब्रिटेन इसको रूस द्वारा 'शक्ति के गैर-कानूनी प्रयोग' के तौर पर मानेगा।'' उन्होंने सांसदों से कहा है कि जिस तरह का नर्व एजेंट हमले में इस्तेमाल किया गया था, वो सैन्य-ग्रेड का और रूस द्वारा निर्मित था। प्रधानमंत्री ने कहा है कि सरकार इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि सेलिस्बरी हमले के लिए रूस के जिम्मेदार होने की बहुत अधिक संभावना है। विदेश कार्यालय ने रूसी राजदूत से इस पर सफाई मांगी है।

विज्ञापन


नर्व एजेंट

उन्होंने आगे जानकारी दी कि इस हमले में जिस रसायन का इस्तेमाल किया गया है वह नर्व एजेंट का ही रूप है जिसे नोविचोक के नाम से जाना जाता है। थेरेसा मे ने सीधे कहा, "या तो यह रूसी राष्ट्र द्वारा हमारे देश पर सीधा हमला है या फिर रूसी सरकार नर्व एजेंट पर नियंत्रण खो चुकी है और उसने उसे दूसरे लोगों के हाथों में जाने की अनुमति दी है।" उन्होंने कहा कि विदेश सचिव बोरिस जॉनसन ने रूस के राजदूत को नोविचोक कार्यक्रम की पूरी जानकारी रासायनिक शस्त्र निषेध संगठन को देने को कही है। मे ने कहा कि ब्रिटेन को अधिक व्यापक उपायों के लिए तैयार रहना चाहिए। 66 साल के रिटायर्ड सैन्य खुफिया अधिकारी स्क्रिपल और उनकी 33 वर्षीय बेटी सेलिस्बरी सिटी सेंटर में एक बेंच पर बेहोशी की हालत में मिले थे। अभी भी उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
विज्ञापन


क्या है नोविचोक एजेंट?

नोविचोक को रूसी भाषा में 'नवागंतुक' कहा जाता है। यह उन नर्व एजेंटों के समूह का हिस्सा है जिसे सोवियत राष्ट्र ने 1970 से 1980 के बीच खुफिया तरीके से विकसित किया था। इसमें इस्तेमाल होने वाला एक रासायन ए-230 कहलाता है जो कथित तौर पर वीएक्स नर्व एजेंट से पांच से आठ गुना जहरीला है। इससे किसी शख्स को चंद मिनटों में मारा जा सकता है। इस रसायन के कई प्रकार बनाए जाते हैं और उसमें से कथित रूप से एक को रूसी सेना ने रासायनिक हथियारों के रूप में अनुमति दी है। इसमें से कुछ नर्व एजेंट तरल पदार्थ में होते हैं। वहीं, कुछ का मानना है कि यह ठोस रूप में भी होते हैं। कुछ नर्व एजेंट इतने खतरनाक होते हैं कि अगर उनको मिला दिया जाए तो वह और जहरीले एजेंटों को निर्मित कर देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ब्रिटेन प्रधानमंत्री के इन आरोपों के बाद रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा है कि मे का बयान 'ब्रितानी संसद में एक सर्कस के कार्यक्रम' की तरह है। उन्होंने कहा कि उकसावे का यह एक राजनीतिक अभियान है। रूसी विदेश मंत्रालय ने थेरेसा मे के बयान को एक तरह की परीकथा बताया है। लेकिन यूरोपीय संघ और अमरीका ने ब्रिटेन का पक्ष लिया है। अमरीकी राष्ट्रपति के कार्यालय व्हाइट हाउस ने हमले की निंदा की है, जबकि यूरोपीय संघ के वाइस प्रेसिडेंट फ्रांस टिमरमैन्स ने इस मौके पर ब्रिटेन के साथ पूरी एकजुटता दिखाई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed