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Energy Supply: चीनी दबदबा घटाने के लिए भारत-अमेरिका की कंपनियां एकजुट; न्यूयॉर्क-लॉस एंजल्स में अपार संभावनाएं

Tue, 06 Feb 2024 01:57 AM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: ज्योति भास्कर Updated Tue, 06 Feb 2024 01:57 AM IST
सार

एनर्जी सप्लाई चेन में चीनी कंपनियों के दबदबे को चुनौती देने के लिए भारतीय कंपनियां अमेरिकी इकाइयों के साथ हाथ मिला रही हैं। यह कहना है कि अमेरिकी राजनयिक जेफ्री आर पायट का। अमेरिकी ऊर्जा संसाधन विभाग में सहायक सचिव पायट ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन सेगमेंट के साथ-साथ ऊर्जा सप्लाई चेन में चीनी प्रभुत्व को कम करने की दिशा में भारतीय-अमेरिकी कंपनियां आगे बढ़ रही हैं।

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Energy Supply India US companies aligned against Chinese dominance US diplomat Geoffrey R Pyatt
अमेरिका में सहायक सचिव जेफ्री आर पायट (फाइल) - फोटो : ANI

विस्तार

शीर्ष अमेरिकी राजनयिक ने ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में चीनी प्रभुत्व को कम करने पर जोर दिया है। अमेरिका के ऊर्जा विभाग में सहायक सचिव सहायक सचिव जेफ्री आर पायट ने कहा कि भारतीय कंपनियों ने अमेरिका के साथ गठबंधन किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में भी अहम योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि न्यूयॉर्क और लॉस एजिल्स जैसे शहरों में भारतीय इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों के लिए अपार संभावनाएं हैं।
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उन्होंने कहा कि मॉड्यूलर रिएक्टर प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी नए अवसर पैदा हो रहे हैं। रक्षा सचिव पायट ने कहा, भारत में स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने ऊर्जा परिवर्तन, विश्वसनीय सप्लाई चेन, ऊर्जा सुरक्षा और निजी क्षेत्र के भागीदारों के साथ वाणिज्यिक सहयोग जैसे अहम विषयों पर शीर्ष भारतीय अधिकारियों और कंपनियों के पदाधिकारियों से भी बात की। बता दें कि पायट ने हाल ही में नई दिल्ली और हैदराबाद का दौरा किया था।
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भारत और अमेरिका के बीच सहयोग पर शीर्ष अमेरिकी राजनयिक पायट ने कहा, दोनों देश यह पता लगाने में दिलचस्पी ले रहे हैं कि वे बड़े पारंपरिक रिएक्टरों पर कैसे आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने अमेरिका-भारत परमाणु समझौते का जिक्र करते हुए नए अवसरों की पहचान करने पर भी जोर दिया। पायट ने कहा कि छोटे और मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर) प्रौद्योगिकी के आसपास अनेकों अवसर उभर रहे हैं।
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भारत, पश्चिम एशिया और अमेरिकी पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान पायट ने कहा, वह भारत की सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों में से एक ग्रीनको के साथ हुई बातचीत से काफी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि कंपनियां अमेरिका और अन्य देशों में भंडारण और हरित हाइड्रोजन के क्षेत्र में बड़ी राशि निवेश पर विचार कर रही हैं। 


उन्होंने कहा, भारतीय कंपनियां स्वच्छ प्रौद्योगिकी की सप्लाई चेन के क्षेत्र में चीनी प्रभुत्व को कम करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। पायट ने कहा कि भारत और अमेरिका के साझा हित हैं। भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, अडानी, टाटा, रिलायंस, बिड़ला सहित शीर्ष भारतीय कंपनियों ने विशेष रूप से गहरी रुचि दिखाई है। सभी ने स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर) का उपयोग करने में अपनी रुचि दिखाई है। 
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