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Elon Musk: ब्रिटेन, जर्मनी, कनाडा और फ्रांस, कैसे-क्यों एक के बाद एक वैश्विक नेताओं से उलझ रहे एलन मस्क, जानें

Wed, 08 Jan 2025 02:01 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Wed, 08 Jan 2025 02:01 PM IST
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सार
एलन मस्क के निशाने पर दुनिया के कौन-कौन से नेता हैं? वह किन-किन देशों के नेताओं की तारीफ करने में लगे हैं? उन पर दूसरे देशों की अंदरूनी राजनीति में हस्तक्षेप के आरोप क्यों लग रहे हैं? उनके किन बयानों से अलग-अलग देशों में स्थितियां बदली हैं? और किन-किन नेताओं ने एलन मस्क के आरोपों का क्या जवाब दिया है? आइये जानते हैं...
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Elon Musk vs World Leaders from UK to Germany and Macron to Trudeau the tussle internal Politics Keir Starmer
एलन मस्क बनाम वैश्विक नेता। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क बीते कुछ दिनों में राजनीति में जबरदस्त तरह से सक्रिय दिख रहे हैं। खासकर अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी और डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति चुनाव में जीत के बाद से। इस चुनाव के बाद एलन मस्क की ताकत किस हद तक बढ़ी है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ट्रंप के विदेशी नेताओं से फोन कॉल पर बातचीत के दौरान मस्क के जुड़ने की भी खबरें सामने आई हैं। इतना ही नहीं मस्क ने बीते कुछ दिनों में कई राष्ट्राध्यक्षों पर भी निशाना साधा है। उन पर देशों की अंदरूनी राजनीति में भी दखल देने के आरोप लगने लगे हैं। 


इस पूरे घटनाक्रम के बीच यह जानना अहम है कि आखिर एलन मस्क के निशाने पर दुनिया के कौन-कौन से नेता हैं? वह किन-किन देशों के नेताओं की तारीफ करने में लगे हैं? उन पर दूसरे देशों की अंदरूनी राजनीति में हस्तक्षेप के आरोप क्यों लग रहे हैं? उनके किन बयानों से अलग-अलग देशों में स्थितियां बदली हैं? और किन-किन नेताओं ने एलन मस्क के आरोपों का क्या जवाब दिया है? आइये जानते हैं...

पहले जानें- मस्क पर किस वजह से लग रहे ऐसे आरोप

गौरतलब है कि एलन मस्क ने हाल ही में एक्स पर एक पोस्ट साझा किया था। इस पोस्ट में लिखा था- "ट्रंप जीते, ट्रूडो ने इस्तीफा दिया, कीएर स्टार्मर एक्सपोज हो गए, नाइब बुकेले ने अल साल्वाडोर में अपराध 95 फीसदी तक कम कर दिया। हावियर मिलेई ने 2008 के बाद पहली बार अर्जेंटीना की अर्थव्यवस्था को विकास के रास्ते पर ले गए। महान व्यक्ति उभार पर हैं। हमें उनकी जरूरत होगी।" 

मस्क ने इसी पोस्ट पर लिखा- 2025 काफी अच्छा लग रहा है। 
 
 

अब जानें- मस्क का ताजा विवाद किससे है? 

1. एलन मस्क बनाम कीएर स्टार्मर (ब्रिटेन)
एलन मस्क पर मौजूदा समय में जिस देश की राजनीति में उलझने का आरोप लगा है, वह है ब्रिटेन। एलन मस्क ने बीते कुछ दिनों में ब्रिटेन की सत्तासीन लेबर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ब्रिटेन में पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग स्कैंडल का मुद्दा उठाया है। दरअसल, यहां पाकिस्तान से आए शरणार्थी, जो कि बाद में नागरिकता भी हासिल करने में सफल हो जाते हैं, पर ब्रिटिश लड़कियों को बहला-फुसलाकर गलत कामों में ढकेलने और उनके साथ यौन अपराध करने का आरोप लगा है। इसे लेकर ब्रिटेन में बीते कुछ दिनों से बवाल जारी है। 

क्या हैं ब्रिटेन के पाकिस्तानी 'ग्रूमिंग गैंग्स'? जिन पर 1400 बच्चियों के शोषण का आरोप





 

मस्क ने स्टार्मर पर क्यों बोला हमला?
एलन मस्क ने इसी मुद्दे पर कूदते हुए कीएर स्टार्मर और पूर्व प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन का नाम लेकर उन पर यौन अपराधों में शामिल होने तक का दावा कर दिया। मस्क ने एक पोस्ट में तो यहां तक आरोप लगाए कि गॉर्डन ब्राउन ने 'पीड़ित छोटी बच्चियों को वोट के लिए बेच दिया।' इतना ही नहीं टेस्ला के मालिक ने 3 जनवरी को कहा था कि स्टार्मर ब्रिटेन के इस दुष्कर्म के अपराध में भागीदार हैं। उन्होंने मांग की कि स्टार्मर पर ब्रिटेन के इतिहास की इस सबसे खराब अपराध की घटना के लिए आरोप तय होने चाहिए।

एलन मस्क की तरफ से स्टार्मर पर हमले के पीछे की वजह मौजूदा प्रधानमंत्री का प्रशासनिक इतिहास रहा है। आरोप हैं कि ब्रिटेन में जब ग्रूमिंग गैंग्स से जुड़ी घटनाओं का 2012 में जब पहली बार खुलासा हुआ तब कीएर स्टार्मर क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (सीपीएस) को प्रमुख थे। वह ब्रिटेन में 2008 से 2013 तक मुख्य अभियोजक (भारत में अटॉर्नी जनरल के बराबर का पद) थे। बताया जाता है कि इन मामलों के सामने आने के बाद 2013 में स्टार्मर ने बच्चों के यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों पर गाइडलाइंस जारी की थीं, जिनमें बताया गया था कि पीड़ित बच्चों को कैसे रखना है और इन मामलों में अभियोजन पक्ष को क्या करना है। 

इस पूरे मामले की बड़ी बात यह है कि पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ताओं के अलावा सरकार पर इन घटनाओं से मुंह फेरने का आरोप लगा। हालांकि, मामले से जुड़ी किसी भी जांच में कीएर स्टार्मर पर ऐसा कोई भी आरोप नहीं लगा कि उन्होंने अभियोजन रोकने की कोशिश की हो या किसी को बचाने की कोशिश की हो। 

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर - फोटो : X / @Keir_Starmer
लेबर पार्टी-स्टार्मर भी कर चुके हैं मस्क पर पलटवार
मस्क के इन आरोपों का ब्रिटेन की सत्तासीन लेबर पार्टी के कई नेताओं और यहां तक कि पीएम कीएर स्टार्मर ने खुद जवाब दिया है। स्टार्मर ने कहा है कि कुछ लोग ब्रिटेन के बारे में झूठ और गलत जानकारियां फैला रहे हैं। वे पीड़ितों में कोई रुचि नहीं रखते, बल्कि वह सिर्फ अपने हित के लिए काम करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग हमें ऐसी डराने और हिंसा भड़काने से जुड़ी धमकियां पहले भी दे चुके हैं। उन्हें उम्मीद रहती है कि मीडिया उनकी बात को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाएगी। स्टार्मर ने कहा कि उनके मुख्य अभियोजक रहते ही ब्रिटेन में यौन उत्पीड़न से जुड़े सबसे ज्यादा मामलों में आरोप तय हुए।

पीएम स्टार्मर ने लेबर सरकार में मंत्री जेस फिलिप्स का भी बचाव किया और कहा कि जब अति-दक्षिणपंथियों की तरफ से फैलाया जहर उनके लिए गंभीर खतरा बन जाए तो मेरे लिए यह हद पार करने वाली बात है। गौरतलब है कि मस्क ने ब्रिटेन में महिला सुरक्षा मंत्रालय की प्रमुख जेस फिलिप्स को लेकर कहा था कि उन्हें जेल में होना चाहिए। मस्क ने यह बात तब कही थी, जब जेस फिलिप्स ने ग्रूमिंग गैंग्स स्कैंडल मामले में राष्ट्रीय जांच कराने से इनकार कर दिया। 

इससे पहले ब्रिटेन में ग्रूमिंग गैंग्स से जुड़े मामले सामने आने के बाद टेस्ला के मालिक ने ब्रिटिश महाराज चार्ल्स से ब्रिटिश संसद को भंग करने की मांग की थी। 

और किन देशों-नेताओं से उलझ चुके हैं मस्क?


1. एलन मस्क बनाम ओलाफ शोल्ज (जर्मनी)
एलन मस्क ने बीते कुछ दिनों में जिन और देशों में अपना प्रभाव छोड़ने की कोशिश की है, उनमें जर्मनी भी शामिल है। दरअसल, जर्मनी में मौजूदा सेंटर-लेफ्ट सरकार के गिरने के बाद फरवरी में चुनाव तय किए गए हैं। एलन मस्क ने इसी मौके को लेकर जर्मनी में अति-दक्षिणपंथी पार्टी आल्टरनेटिव फॉर डायचेलैंड (एएफडी) का समर्थन कर दिया। मस्क ने सोशल मीडिया पोस्ट्स और जर्मनी के एक अखबार में ऑप-एड लेख तक लिखा था, जिसमें उन्होंने एएफडी का समर्थन किया था। माना जाता है कि यह पार्टी नाजी विचारधारा को बढ़ावा देती है। मस्क ने इस पार्टी के समर्थन में यहां तक कह दिया कि अब सिर्फ एएफडी ही जर्मनी को बचा सकती है।

इतना ही नहीं एलन मस्क ने जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की और उन्हें ओफ (Oaf) यानी कम दिमाग वाला करार देते हुए उनके हारने की भविष्यवाणी कर दी। इतना ही नहीं मस्क ने उन्हें बेवकूफ तक करार दे दिया।

ओलाफ शोल्ज
ओलाफ शोल्ज - फोटो : एएनआई
हालांकि, शोल्ज ने मस्क के इन निजी हमलों पर पलटवार भी किया और कहा कि उन्हें असल चिंता इस बात की है कि मस्क एएफडी जैसी पार्टी का समर्थन कर रहे हैं, जो कि दक्षिणपंथी चरमपंथियों की पार्टी है। यह पार्टी पुतिन के नेतृत्व वाले रूस से बात करने की वकालत करती है और अटलांटिक महासागर में मौजूद देशों के रिश्तों को कमजोर करना चाहती है। शोल्ज ने इसके बाद मस्क को 'ट्रोल' करार देते हुए कहा कि मैं उनका समर्थन जुटाने पर भरोसा नहीं रखता। उनका समर्थन दूसरों के लिए ही रहे। एक आसान नियम है- ट्रोल्स को भाव मत दो।

जर्मनी के राजनीतिक दलों का मस्क पर एकजुट होकर वार
  • इससे पहले जर्मनी की ग्रीन पार्टी की तरफ से चांसलर पद के उम्मीदवार रॉबर्ट हाबेक ने भी मस्क पर पलटवार किया और जर्मन लोकतंत्र से दूर रहने के लिए कहा। 
  • जर्मनी के प्रधानमंत्री जोनास स्ट्योर ने कहा कि लोकतंत्र और साथी देशों के बीच चीजें इस तरह की नहीं होनी चाहिए। सोशल मीडिया पर जबरदस्त प्रभाव और बेहिसाब आर्थिक संसाधन रखने वाले एक शख्स को किसी देश के आंतरिक मामलों में सीधे तौर पर शामिल नहीं होना चाहिए। 
  • इसके अलावा जर्मन सरकार के एक प्रतिनिधि ने मस्क का नाम लेकर कहा था कि उनके अभियान का कोई खास असर नहीं पड़ेगा। जर्मनी मं लोगों पर मस्क का मामूली असर है। उन्होंने कहा कि जर्मनी में समझदार और सभ्य लोग ज्यादा हैं। 

2. एलन मस्क बनाम इमैनुएल मैक्रों (फ्रांस)
अलग-अलग देशों के अंदरूनी मुद्दों में दखल देने के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एलन मस्क को घेरा है। उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि 10 साल पहले किसने ये सोचा होगा कि दुनिया के सबसे बड़े सोशल मीडिया कंपनियों में से एक के मालिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियावादी अभियानों का समर्थन करेंगे और जर्मनी समेत कई देशों के चुनावों में सीधे दखल देंगे। 

मैक्रों ने कहा है कि स्पेसएक्स के मालिक सीधे तौर जर्मनी समेत कुछ देशों के चुनाव में दखल दे रहे हैं। यह आज की दुनिया है, जिसमें हमें डिप्लोमेसी अपनानी पड़ती है। 
 

इमैनुएल मैक्रों
इमैनुएल मैक्रों - फोटो : एएनआई (फाइल)
एलन मस्क ने दिया जवाब
फ्रांस के राष्ट्रपति के इस बयान पर एलन मस्क भड़क गए। एक्स के मालिक ने ब्रिटिश पीएम कीएर स्टार्मर के ट्रंप के खिलाफ दिए गए एक कथित बयान और लेबर पार्टी की तरफ से चुनाव में ट्रंप  खिलाफ अभियान चलाने के लिए सदस्यों को अमेरिका भेजने के कथित मामले का भी जिक्र किया। मस्क ने लिखा, "जैसे उस समय जब स्टार्मर ने कहा था कि डोनाल्ड ट्रंप एक नस्लभेदी हैं और ब्रिटिश सरकार को उन्हें रोकने के लिए सब कुछ करना चाहिए? या जब स्टार्मर ने ब्रिटिश लेबर पार्टी के सदस्यों को अमेरिका में ट्रंप के खिलाफ अभियान के लिए भेजा था।" 

नॉर्वे के पीएम ने भी मस्क पर साधा है निशाना
इससे पहले नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर ने कहा था कि वो यूरोपीय देशों के आंतरिक मामलों में मस्क के हालिया बयानों से काफी चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और सहयोगी देशों में ऐसी चीजें नहीं होनी चाहिए।

मस्क बनाम जस्टिन ट्रूडो (कनाडा)
डोनाल्ड ट्रंप की जीत के बीच टेस्ला के प्रमुख और अरबपति एलन मस्क ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो पर कटाक्ष किया था। उन्होंने आगामी कनाडाई संघीय चुनाव में उनके पतन की भविष्यवाणी तक कर दी थी। मस्क ने एक्स पर उस पोस्ट पर टिप्पणी की थी, जिसमें कहा गया था कि जर्मनी की समाजवादी सरकार गिर गई है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा था, 'आने वाले चुनाव में ट्रूडो का खेल खत्म होगा।' 

इतना ही नहीं जस्टिन ट्रूडो के लिबरल पार्टी के प्रमुख और कनाडा के पीएम पद से इस्तीफा देने के बाद भी मस्क ने एक्स पर लिखा- 2025 काफी अच्छा लग रहा है। 

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