{"_id":"6ac930eb40c663bcea09bb4a","slug":"elon-musk-taunts-mukesh-ambani-starlink-entry-in-india-2026-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"मस्क नियम-जवाब से बौखलाए: भारत में स्टारलिंक इंटरनेट पर बहस के बीच अंबानी पर एक और बयान, क्या है पूरा मामला?","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
मस्क नियम-जवाब से बौखलाए: भारत में स्टारलिंक इंटरनेट पर बहस के बीच अंबानी पर एक और बयान, क्या है पूरा मामला?
Sat, 10 Oct 2026 08:09 AM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 10 Oct 2026 08:09 AM IST
सार
दिग्गज कारोबारी एलन मस्क ने उद्योगपति मुकेश अंबानी पर तंज कसते हुए स्टारलिंक को भारत में एंट्री देने की अपील की है। उन्होंने अंबानी को 'प्रधानमंत्री' कहकर निशाना साधा और इंटरनेट की पहुंच से वंचित लोगों का मुद्दा भी उठाया। आखिर भारत में स्टारलिंक की शुरुआत में देरी क्यों हो रही है? पढ़िए इस रिपोर्ट में।
विज्ञापन
अंबानी पर मस्क की एक और टिप्पणी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
विस्तार
टेस्ला और स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क ने भारत में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक की व्यावसायिक शुरुआत में हो रही देरी को लेकर सवाल उठाए हैं। मस्क ने उद्योगपति मुकेश अंबानी पर तंज कसा और पूछा कि क्या अंबानी ही भारत के असली बॉस हैं?
'प्रधानमंत्री अंबानी' कहकर कसा तंज
उन्होंने ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'प्रिय प्रधानमंत्री अंबानी, मुझे यह समझने में देर हो गई कि भारत के असली बॉस आप हैं। इसके लिए कृपया मेरी यह छोटी-सी माफी स्वीकार करें। स्वाभाविक रूप से, आप भारत के महान लोगों का एकाधिकार के जरिए शोषण जारी रखना चाहेंगे। लेकिन क्या आप फिर भी स्टारलिंक को प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति देने पर विचार करेंगे?'
मस्क ने आगे लिखा, भारत के कई ऐसे इलाके हैं, जैसे दुनिया के दूसरे देशों में भी हैं, जहां इंटरनेट की सुविधा नहीं है। इसकी वजह से बच्चे शिक्षा के अवसरों से वंचित रह जाते हैं। छोटे कारोबारियों को भी अपना सामान वैश्विक बाजार में बेचने का मौका नहीं मिल पाता। स्टारलिंक उनकी जिंदगी को बेहतर बना सकता है। धन्यवाद।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: अंदाज-ए-ट्रंप!: नोबेल शांति सम्मान पाने वाली नवी पिल्लई जिस अदालत में थीं जज; उस पर अमेरिका ने लगाया प्रतिबंध
मस्क ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जब पारंपरिक संचार प्रणालियां काम करना बंद कर देती हैं, तब स्टारलिंक जैसी सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं अहम साबित हुई हैं। उन्होंने तर्क दिया कि भारत में भी ऐसी सेवा लोगों की जान बचाने और आपातकालीन संचार बहाल करने में मदद कर सकती है।
भारत सरकार की क्या रही प्रतिक्रिया?
मस्क की ओर से लगाए गए आरोपों पर इससे पहले केंद्र सरकार ने जवाब दिया कि भारत में सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवाओं के लिए बनाए गए नियम सभी कंपनियों के लिए समान है।
मस्क ने कहा था कि भारत के कुछ बड़े कारोबारी नहीं चाहते कि स्टारलिंक देश में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करें, ताकि उनका दबदबा बना रहे। इस पर सरकार ने बृहस्पतिवार को बताया कि भारत में सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवा शुरू करने की इच्छुक कंपनियों के लिए सुरक्षा जांच की प्रक्रिया तय नियमों के मुताबिक चल रही है। फिलहाल स्टारलिंक समेत तीन कंपनियां इसी चरण में हैं। केंद्र के जवाब पर फिर पलटवार करते हुए मस्क ने लिखा, स्टारलिंक को 165 से अधिक देशों में लाइसेंस मिल चुका है और कंपनी भारत में सरकार की सभी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए करीब पांच साल से काम कर रही है। इसके बावजूद भारत में लाइसेंस मिलने में देरी क्यों हो रही है? मस्क ने सवाल किया क्या अंबानी भारत में बॉस हैं?
राहुल ने मस्क से कहा-वेलकम टू इंडिया
मस्क की पोस्ट के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी बहस में कूद गए। उन्होंने पोस्ट में कहा कि वेलकम टु इंडिया एलन। आप एक और व्यक्ति के बारे में पता लगाइए। राहुल की टिप्पणी को केंद्र सरकार और भारत के बड़े कारोबारी समूहों पर तंज के तौर पर देखा जा रहा है।
राजीव ने पूछा-चीन में मंजूरी क्यों नहीं
लेखक व टिप्पणीकार राजीव मल्होत्रा ने सोशल मीडिया पर स्टारलिंक को लेकर चीन पर सवाल खड़ा किया। उन्होंने पूछा, भाई एलन, अगर स्टारलिंक दुनिया के इतने देशों में काम कर रही है तो चीन में मस्क की कंपनी को मंजूरी क्यों नहीं मिली? क्या इसके पीछे कोई चीनी अमीर आदमी है? चीन में टेस्ला के जरिये आपने बहुत अधिक निवेश किया है, फिर भी वे स्टारलिंक को रोकते हैं। राजीव ने आगे लिखा कि मस्क नहीं जानते कि राहुल के साथ मिलकर काम करना मौत को चूमने जैसा है। ऐसा लगता है कि मस्क की टीम उन्हें वास्तविक स्थिति से अवगत नहीं करा रही है।
विज्ञापन
'प्रधानमंत्री अंबानी' कहकर कसा तंज
उन्होंने ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'प्रिय प्रधानमंत्री अंबानी, मुझे यह समझने में देर हो गई कि भारत के असली बॉस आप हैं। इसके लिए कृपया मेरी यह छोटी-सी माफी स्वीकार करें। स्वाभाविक रूप से, आप भारत के महान लोगों का एकाधिकार के जरिए शोषण जारी रखना चाहेंगे। लेकिन क्या आप फिर भी स्टारलिंक को प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति देने पर विचार करेंगे?'
विज्ञापन
मस्क ने आगे लिखा, भारत के कई ऐसे इलाके हैं, जैसे दुनिया के दूसरे देशों में भी हैं, जहां इंटरनेट की सुविधा नहीं है। इसकी वजह से बच्चे शिक्षा के अवसरों से वंचित रह जाते हैं। छोटे कारोबारियों को भी अपना सामान वैश्विक बाजार में बेचने का मौका नहीं मिल पाता। स्टारलिंक उनकी जिंदगी को बेहतर बना सकता है। धन्यवाद।
विज्ञापन
Dear Prime Minister Ambani, Please accept my humble apologies for not realizing that you are the real boss of India. Naturally, you would prefer to maintain your monopolistic exploitation of the great people of India, but would you nonetheless consider allowing Starlink to compete? There are many areas of India, as there are in all countries, with no Internet access, which denies children the opportunity for education and for small businesses the opportunity to sell their goods to a global market. Starlink would change their lives for the better. Thank you 🙏
— Elon Musk (@elonmusk) October 9, 2026
ये भी पढ़ें: अंदाज-ए-ट्रंप!: नोबेल शांति सम्मान पाने वाली नवी पिल्लई जिस अदालत में थीं जज; उस पर अमेरिका ने लगाया प्रतिबंध
मस्क ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जब पारंपरिक संचार प्रणालियां काम करना बंद कर देती हैं, तब स्टारलिंक जैसी सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं अहम साबित हुई हैं। उन्होंने तर्क दिया कि भारत में भी ऐसी सेवा लोगों की जान बचाने और आपातकालीन संचार बहाल करने में मदद कर सकती है।
भारत सरकार की क्या रही प्रतिक्रिया?
मस्क की ओर से लगाए गए आरोपों पर इससे पहले केंद्र सरकार ने जवाब दिया कि भारत में सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवाओं के लिए बनाए गए नियम सभी कंपनियों के लिए समान है।
मस्क ने कहा था कि भारत के कुछ बड़े कारोबारी नहीं चाहते कि स्टारलिंक देश में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करें, ताकि उनका दबदबा बना रहे। इस पर सरकार ने बृहस्पतिवार को बताया कि भारत में सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवा शुरू करने की इच्छुक कंपनियों के लिए सुरक्षा जांच की प्रक्रिया तय नियमों के मुताबिक चल रही है। फिलहाल स्टारलिंक समेत तीन कंपनियां इसी चरण में हैं। केंद्र के जवाब पर फिर पलटवार करते हुए मस्क ने लिखा, स्टारलिंक को 165 से अधिक देशों में लाइसेंस मिल चुका है और कंपनी भारत में सरकार की सभी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए करीब पांच साल से काम कर रही है। इसके बावजूद भारत में लाइसेंस मिलने में देरी क्यों हो रही है? मस्क ने सवाल किया क्या अंबानी भारत में बॉस हैं?
राहुल ने मस्क से कहा-वेलकम टू इंडिया
मस्क की पोस्ट के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी बहस में कूद गए। उन्होंने पोस्ट में कहा कि वेलकम टु इंडिया एलन। आप एक और व्यक्ति के बारे में पता लगाइए। राहुल की टिप्पणी को केंद्र सरकार और भारत के बड़े कारोबारी समूहों पर तंज के तौर पर देखा जा रहा है।
राजीव ने पूछा-चीन में मंजूरी क्यों नहीं
लेखक व टिप्पणीकार राजीव मल्होत्रा ने सोशल मीडिया पर स्टारलिंक को लेकर चीन पर सवाल खड़ा किया। उन्होंने पूछा, भाई एलन, अगर स्टारलिंक दुनिया के इतने देशों में काम कर रही है तो चीन में मस्क की कंपनी को मंजूरी क्यों नहीं मिली? क्या इसके पीछे कोई चीनी अमीर आदमी है? चीन में टेस्ला के जरिये आपने बहुत अधिक निवेश किया है, फिर भी वे स्टारलिंक को रोकते हैं। राजीव ने आगे लिखा कि मस्क नहीं जानते कि राहुल के साथ मिलकर काम करना मौत को चूमने जैसा है। ऐसा लगता है कि मस्क की टीम उन्हें वास्तविक स्थिति से अवगत नहीं करा रही है।