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एफिल टॉवर विवाद: अब प्रमुख देंगे इस्तीफा, हिंदू प्रतिनिधिमंडल के दौरे पर महिला स्टाफ को रोकने पर मचा था बवाल
Wed, 30 Sep 2026 11:09 AM IST
अस्मिता त्रिपाठी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Wed, 30 Sep 2026 11:09 AM IST
सार
एफिल टॉवर संचालक कंपनी एसईटीई के प्रमुख पैट्रिक ब्रांको रुइवो साल के अंत में पद छोड़ेंगे। हिंदू प्रतिनिधिमंडल के दौरे के दौरान महिला कर्मचारियों को हटाने के विवाद के बाद यह फैसला लिया गया। आंतरिक जांच में आयोजन संबंधी खामियां सामने आईं।
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एफिल टावर प्रमुख देंगे इस्तीफा
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
एफिल टॉवर का संचालन करने वाली कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अपने पद से हट जाएंगे। यह कदम एक हिंदू धार्मिक समूह के दौरे के दौरान महिला कर्मचारियों की जगह पुरुष सहयोगियों को तैनात करने पर हुए विरोध के बाद उठाया जा रहा है।
बयान में क्या कहा गया है?
कंपनी एसईटीई ने एक बयान में कहा कि पेरिस के इस प्रतिष्ठित स्थल के 2018 से महानिदेशक रहे पैट्रिक ब्रांको रुइवो साल के अंत में अपना पद छोड़ देंगे। इसमें कहा गया है कि एक आंतरिक जांच में पाया गया कि यात्रा के आयोजन में परिचालनात्मक खामियों और कमियों के कारण महिला कर्मचारियों को अस्वीकार्य तरीके से हटाया गया।
क्या है पूरा मामला?
बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) समूह से जुड़े लगभग 100 लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल ने इस महीने की शुरुआत में एफिल टॉवर का दौरा किया, जिसमें उनके स्थान पर पुरुष सहकर्मियों को नियुक्त किया गया था।
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हिंदू प्रतिनिधिमंडल ने क्या अनुरोध की थी?
उस समय, एसईटीई ने कहा था कि हिंदू प्रतिनिधिमंडल ने अनुरोध किया था कि यात्रा को इस तरह से आयोजित किया जाए जिससे महिलाओं के साथ बातचीत सीमित हो। कर्मचारी संघ के एक प्रतिनिधि ने कहा कि महिलाओं को उनके कार्यस्थल छोड़ने के लिए कहा गया और उन्हें अपमानित महसूस हुआ। स्मारक के कर्मचारियों ने कहा कि महिला कर्मचारियों को भी प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति के दौरान कुछ क्षेत्रों से न गुजरने या उन्हें पार न करने का निर्देश दिया गया था।
कर्मचारियों ने क्यों किया हड़ताल?
इस घटना के बाद टावर को बंद कर दिया गया क्योंकि कर्मचारियों ने अपना आक्रोश व्यक्त करने के लिए हड़ताल कर दी।राजनेताओं ने इस घटना की निंदा की। फ्रांस की नेशनल असेंबली की अध्यक्ष याएल ब्रौन-पिवेट ने यात्रा के बाद कहा 'मैं महिलाओं को विदेशी आगंतुकों की मांगों को पूरा करने के लिए मजबूर होकर पीछे हटने की अनुमति देने से इनकार करती हूं।' पेरिस के समाजवादी मेयर, इमैनुएल ग्रेगोइरे ने इसे बेतुका, अन्यायपूर्ण और अस्वीकार्य निर्णय बताया और दो अलग-अलग जांचों के आदेश दिए।
एसईटीई के अध्यक्ष ने क्या कहा?
एसईटीई के अध्यक्ष एरियल वेल ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने लैंगिक समानता को बढ़ावा देने वाले उपायों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को लागू करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा, 'आने वाले महीनों में हमें सर्वोत्तम संभव परिस्थितियों में नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी करने का अवसर मिलेगा।'
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बयान में क्या कहा गया है?
कंपनी एसईटीई ने एक बयान में कहा कि पेरिस के इस प्रतिष्ठित स्थल के 2018 से महानिदेशक रहे पैट्रिक ब्रांको रुइवो साल के अंत में अपना पद छोड़ देंगे। इसमें कहा गया है कि एक आंतरिक जांच में पाया गया कि यात्रा के आयोजन में परिचालनात्मक खामियों और कमियों के कारण महिला कर्मचारियों को अस्वीकार्य तरीके से हटाया गया।
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क्या है पूरा मामला?
बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) समूह से जुड़े लगभग 100 लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल ने इस महीने की शुरुआत में एफिल टॉवर का दौरा किया, जिसमें उनके स्थान पर पुरुष सहकर्मियों को नियुक्त किया गया था।
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हिंदू प्रतिनिधिमंडल ने क्या अनुरोध की थी?
उस समय, एसईटीई ने कहा था कि हिंदू प्रतिनिधिमंडल ने अनुरोध किया था कि यात्रा को इस तरह से आयोजित किया जाए जिससे महिलाओं के साथ बातचीत सीमित हो। कर्मचारी संघ के एक प्रतिनिधि ने कहा कि महिलाओं को उनके कार्यस्थल छोड़ने के लिए कहा गया और उन्हें अपमानित महसूस हुआ। स्मारक के कर्मचारियों ने कहा कि महिला कर्मचारियों को भी प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति के दौरान कुछ क्षेत्रों से न गुजरने या उन्हें पार न करने का निर्देश दिया गया था।
कर्मचारियों ने क्यों किया हड़ताल?
इस घटना के बाद टावर को बंद कर दिया गया क्योंकि कर्मचारियों ने अपना आक्रोश व्यक्त करने के लिए हड़ताल कर दी।राजनेताओं ने इस घटना की निंदा की। फ्रांस की नेशनल असेंबली की अध्यक्ष याएल ब्रौन-पिवेट ने यात्रा के बाद कहा 'मैं महिलाओं को विदेशी आगंतुकों की मांगों को पूरा करने के लिए मजबूर होकर पीछे हटने की अनुमति देने से इनकार करती हूं।' पेरिस के समाजवादी मेयर, इमैनुएल ग्रेगोइरे ने इसे बेतुका, अन्यायपूर्ण और अस्वीकार्य निर्णय बताया और दो अलग-अलग जांचों के आदेश दिए।
एसईटीई के अध्यक्ष ने क्या कहा?
एसईटीई के अध्यक्ष एरियल वेल ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने लैंगिक समानता को बढ़ावा देने वाले उपायों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को लागू करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा, 'आने वाले महीनों में हमें सर्वोत्तम संभव परिस्थितियों में नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी करने का अवसर मिलेगा।'