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Ebola Virus: कांगो में कोरोना के बाद इबोला ने दी दस्तक, चार लोगों की मौत, WHO ने भी की पुष्टि
Tue, 02 Jun 2020 03:36 AM IST
योगेश साहू
वर्ल्ड डेस्क, मबंडाका।
वर्ल्ड डेस्क, मबंडाका।
Published by: योगेश साहू
Updated Tue, 02 Jun 2020 03:36 AM IST
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इबोला वायरस
पूरी दुनिया में पैर पसार चुकी वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के बाद अब कांगो में इबोला वायरस ने दस्तक दे दी है। स्थानीय अधिकारियों के साथ—साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इसकी पुष्टि की है। जानकारी के अनुसार कांगो इबोला के छह नए मामले सामने आए हैं, इनमें से चार की मौत हो गई है।
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Authorities in Congo announced a new Ebola outbreak in the western city of Mbandaka on Monday, adding to another epidemic of the virus that has raged in the east since 2018. Six cases have been detected, four of which have died in the city: Reuters
— ANI (@ANI) June 1, 2020विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, कांगो के स्वास्थ्य अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि पश्चिमी शहर मबंडाका में इबोला वायरस के छह नए मामले सामने आए हैं। इनमें से चार मरीजों की मौत हो गई है। बता दें कि साल 2018 के बाद यह दूसरी बार है जब कांगो में इबोला वायरस के नए मामले सामने आए हैं।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस ने कहा कि कांगो के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इबोला वायरस के मामलों की जानकारी दी है। हालांकि जिस शहर में इबोला वायरस के मामले सामने आए हैं, वहां कोरोना वायरस का अब तक कोई मामला सामने नहीं आया है। हालांकि पूरे कांगो में कोरोना के अब तक करीब 3,000 मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना और इबोला का आपस में कोई संबंध नहीं है।
इबोला अफ्रीका के उष्णकटिबंधीय वर्षावन वाले इलाके की क्षेत्रीय बीमारी है, जो इससे संक्रमित व्यक्ति के शरीर से निकलने वाले तरल पदार्थ के संपर्क में आने पर फैलती है। इसके लक्षणों में शुरू में अचानक बुखार, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द और गले में खराश होती है।
इसके बाद उल्टी होना, डायरिया और कुछ मामलों में अंदरूनी और बाहरी रक्तस्राव होता है। अधिक रक्तस्राव से मौत होने का खतरा रहता है। मनुष्यों में इसका संक्रमण संक्रमित जानवरों, जैसे चिंपैंजी, चमगादड़ और हिरण आदि के सीधे संपर्क में आने से होता है।