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Earthquake: भूटान के पास आया 5.6 तीव्रता का भूकंप, असम समेत पूरे पूर्वोत्तर भारत में महसूस किए गए तेज झटके
Sun, 07 Jun 2026 11:43 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 07 Jun 2026 11:43 PM IST
सार
भूटान में भूकंप आने से पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र जमीन के भीतर 10 किलोमीटर नीचे था। अभी तक भूकंप के चलते किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है।
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earthquake भूकंप
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
भारत के पड़ोसी देश भूटान के पास 5.6 तीव्रता का भूकंप आया। इस भूकंप के चलते असम समेत पूर्वोत्तर भारत के कई इलाकों में तेज झटके महसूस किए गए। फिलहाल किसी तरह से नुकसान की खबर नहीं है। 7 जून 2026 की रात करीब 11.06 बजे भूटान के पास भूकंप आया। जिस जगह भूकंप आया, वह भारत के राज्य असम के कई इलाकों से महज 252 किलोमीटर की दूरी पर है, जिसके चलते असम में भी झटके महसूस किए गए।
भूटान का पनुखा इलाका था भूकंप का केंद्र
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भूकंप का केंद्र भूटान का पनुखा इलाके था। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंस के अनुसार, भूकंप का केंद्र जमीन के 10 किलोमीटर नीचे है। पश्चिम बंगाल के भी कुछ हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियो-साइंस के अनुसार, भूकंप के झटके भूटान, भारत के साथ ही चीन, बांग्लादेश और नेपाल में भी महसूस किए गए। इससे लोगों में दहशत का माहौल पैदा हो गया और लोग अपने घरों से निकल आए।
पूरा हिमालय क्षेत्र भूकंपीय तौर पर बेहद संवेदनशील
भूकंप के इन झटकों ने एक बार फिर हिमालय क्षेत्र की भूकंपीय संवेदनशीलता को उजागर कर दिया है। भूटान एक बेहद संवेदनशील भूकंपीय क्षेत्र में स्थित है और यहां भारतीय और यूरेशियन प्लेट्स लगातार धीमी गति से होने वाली टक्कर के चलते भूकंप का खतरा हमेशा बना रहता है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। जिनकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 5.0 रही। 5 जून को महसूस किए गए भूकंप का केंद्र धर्मशाला से करीब 40 किलोमीटर दूर धोलाधार पर्वतमाला में था, जो कांगड़ा-चंबा सीमा के पास स्थित है।
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भूटान का पनुखा इलाका था भूकंप का केंद्र
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भूकंप का केंद्र भूटान का पनुखा इलाके था। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंस के अनुसार, भूकंप का केंद्र जमीन के 10 किलोमीटर नीचे है। पश्चिम बंगाल के भी कुछ हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियो-साइंस के अनुसार, भूकंप के झटके भूटान, भारत के साथ ही चीन, बांग्लादेश और नेपाल में भी महसूस किए गए। इससे लोगों में दहशत का माहौल पैदा हो गया और लोग अपने घरों से निकल आए।
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पूरा हिमालय क्षेत्र भूकंपीय तौर पर बेहद संवेदनशील
भूकंप के इन झटकों ने एक बार फिर हिमालय क्षेत्र की भूकंपीय संवेदनशीलता को उजागर कर दिया है। भूटान एक बेहद संवेदनशील भूकंपीय क्षेत्र में स्थित है और यहां भारतीय और यूरेशियन प्लेट्स लगातार धीमी गति से होने वाली टक्कर के चलते भूकंप का खतरा हमेशा बना रहता है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। जिनकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 5.0 रही। 5 जून को महसूस किए गए भूकंप का केंद्र धर्मशाला से करीब 40 किलोमीटर दूर धोलाधार पर्वतमाला में था, जो कांगड़ा-चंबा सीमा के पास स्थित है।
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