भारत ने मालदीव के साथ पांच करोड़ डॉलर के रक्षा ऋण सुविधा समझौते पर हस्ताक्षर किए
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को यहां कहा कि भारत हमेशा मालदीव का एक भरोसेमंद सुरक्षा साझेदार रहेगा। भारत ने मालदीव के साथ पांच करोड़ डॉलर के रक्षा ऋण समझौते पर भी हस्ताक्षर किये हैं जिससे इस द्वीपीय राष्ट्र में नौवहन क्षेत्र में क्षमता निर्माण सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा। रविवार की शाम जयशंकर मॉरीशस पहुंच गए।
दो दिवसीय दौरे पर यहां आए जयशंकर ने मालदीव की रक्षा मंत्री मारिया दीदी से भी मुलाकात की। उन्होंने ट्वीट किया कि रक्षा मंत्री मारिया दीदी के साथ सौहार्दपूर्ण मुलाकात। हमारे रक्षा सहयोग पर उपयोगी आदान-प्रदान हुआ। भारत हमेशा मालदीव का एक भरोसेमंद सुरक्षा साझेदार रहेगा।
उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री मारिया दीदी के साथ यूटीएफ हार्बर परियोजना समझौते पर हस्ताक्षर करने की खुशी है। इससे मालदीव की तटरक्षक क्षमताएं बढ़ेंगी और क्षेत्रीय एचएडीआर परियोजना को मदद मिलेगी। विकास में साझेदार, सुरक्षा में भी साझेदार।
जयशंकर ने राष्ट्रपति इब्राहिम सोलिह से की मुलाकात
विदेश मंत्री जयशंकर ने रविवार को मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम सोलिह से मुलाकात की और कोविड-19 महामारी और उसके बाद भी इस द्वीपीय राष्ट्र के समग्र विकास साझेदार के तौर पर भारत की पूर्ण प्रतिबद्धता दोहराई। दो देशों के दौरे के पहले चरण में शनिवार को दो दिवसीय यात्रा पर यहां पहुंचे जयशंकर ने मालदीव को कोविड-19 रोधी टीके की एक लाख अतिरिक्त खुराक भी उपहार के तौर पर दीं।
राष्ट्रपति सोलिह के साथ वार्ता के बाद जयशंकर ने ट्वीट किया, 'मेरी मेजबानी के लिए धन्यवाद राष्ट्रपति इब्राहिम सोलिह। प्रधानमंत्री की शुभकामनाएं उन्हें प्रेषित कीं। कोविड के दौरान और उसके बाद भी समग्र विकास साझेदार के तौर पर अपनी पूर्ण प्रतिबद्धताएं दोहराईं।'
Thank President @ibusolih for receiving me. Conveyed PM’s greetings. Reiterated our fullest commitment as comprehensive development partners- during COVID and beyond. pic.twitter.com/sneMKDeyEG
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) February 21, 2021
शनिवार को मालदीव के अपने समकक्ष अब्दुल्ला शाहिद के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा, राष्ट्रपति सोलिह की ‘भारत प्रथम’ की विदेश नीति को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘पड़ोसी सर्वप्रथम’ की नीति में पूरी तरह दोहराया गया है और मालदीव इसमें केंद्रीय स्थान में है।
भारत ने पिछले महीने भारत की अनुदान सहायता के तौर पर मालदीव को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) द्वारा निर्मित कोविशील्ड टीके की एक लाख खुराक उपलब्ध कराई थीं। उन्होंने कहा कि भारत की कोविड सहायता पहल का पहला और सबसे बड़ा लाभार्थी मालदीव था फिर चाहे वह दवा की बात हो, खाद्य सामग्री, चिकित्सा सहायता या फिर आर्थिक पैकेज की बात हो।