फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   EAM S Jaishankar acknowledged interest in Made in India TEJAS fighter aircraft for Argentina Air Force

India-Argentina: अर्जेंटीना ने दिखाई मेड इन इंडिया 'तेजस' लड़ाकू विमान में दिलचस्पी, इन मुद्दों पर भी हुई बात

Sat, 27 Aug 2022 09:45 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ब्यूनस आयर्स
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ब्यूनस आयर्स Published by: संजीव कुमार झा Updated Sat, 27 Aug 2022 09:45 AM IST
सार

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने अर्जेंटीना विदेश मंत्री सैंटियागो कैफिएरो के साथ सह-अध्यक्षता में एक व्यापक और संयुक्त आयोग की बैठक की। जिसमें रणनीतिक क्षेत्रों पर व्यापक समीक्षा की गई जिसमें रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु मुद्दे बाजार पहुंच, कृषि और पशुपालन व्यापार और निवेश शामिल हैं।

विज्ञापन
EAM S Jaishankar acknowledged interest in Made in India TEJAS fighter aircraft for Argentina Air Force
एस जयशंकर और अर्जेंटीना के विदेश मंत्री सैंटियागो कैफिएरो - फोटो : Twitter@ S Jaishankar

विस्तार

विदेश मंत्री एस जयशंकर का अर्जेंटीना दौरा समाप्त हो गया है। अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान उन्होंने अर्जेंटीना के मंत्रियों के साथ कई मुद्दों पर डील और चर्चा की। अपनी यात्रा के पहले दिन जयशंकर ने राष्ट्रपति अल्बर्टो फर्नांडीज से मुलाकात की और व्यापार संबंधों को अधिक टिकाऊ और महत्वाकांक्षी बनाने के उपायों के साथ-साथ रक्षा और परमाणु ऊर्जा में द्विपक्षीय सहयोग की संभावना पर चर्चा की।

विज्ञापन


अर्जेंटीना ने इंडिया मेड तेजस लड़ाकू विमान में दिखाई दिलचस्पी
भारत में निर्मित तेजस लड़ाकू विमान खरीदने के लिए अर्जेंटीना ने भी रुचि दिखाई है। इतना ही नहीं अमेरिका भी भारत में विकसित इस लड़ाकू विमान में दिलचस्पी दिखा रहा है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया और फिलीपींस समेत 6 देशों ने भारत के हल्के लड़ाकू विमान तेजस में रुचि दिखाई है। जबकि मलेशिया पहले ही इस विमान को खरीदने की तैयारी में है।
विज्ञापन


जयशंकर ने अर्जेंटीना के विदेश मंत्री सैंटियागो कैफिएरो के साथ की बात
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने अर्जेंटीना विदेश मंत्री सैंटियागो कैफिएरो के साथ सह-अध्यक्षता में एक व्यापक और संयुक्त आयोग की बैठक की। जिसमें रणनीतिक क्षेत्रों पर व्यापक समीक्षा की गई जिसमें रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु मुद्दे बाजार पहुंच, कृषि और पशुपालन व्यापार और निवेश शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अर्जेंटीना जी-20 में करेगा भारत का समर्थन
नई दिल्ली और ब्यूनस आयर्स द्वारा जारी साझा बयान के मुताबिक, अर्जेंटीना ने भारत के आगामी जी-20 देशों की प्रेसीडेंसी के लिए अपने समर्थन की पुष्टि की है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अर्जेंटीना के विदेश मंत्री सैंटियागो कैफिएरो में हुई मुलाकात के दौरान इस बारे में विस्तार से चर्चा की। अर्जेंटीना के इस समर्थन में जी-20 में दक्षिणी विश्व के विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाना शामिल है।

दोनों नेताओं ने संयुक्त आयोग की बैठक की अध्यक्षता के बाद यह बयान दिया। बता दें कि भारत सितंबर 2023 में जी-20 की अध्यक्षता ग्रहण करेगा। भारत-अर्जेंटीना में घनिष्ठ संबंधों पर संतोष जताते हुए दोनों मंत्रियों ने कहा, इस चर्चा में आतंकवाद, सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, क्षेत्रीय शांति, जैव विविधता जैसे व्यापक के मुद्दे अहम रहे। 

वहीं, पर्यावरणीय वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति दोनों देशों की जिम्मेदारी और विकसित देशों से बहुपक्षीय वित्त पोषण तथा प्रौद्योगिकी बढ़ाने का आह्वान किया गया। इससे पहले जयशंकर ने अर्जेंटीना के राष्ट्रपति अल्बर्टो फर्नांडीज से मिलकर व्यापार संबंधों को और टिकाऊ बनाने समेत रक्षा-परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग की संभावना पर चर्चा की।

आतंकी चुनौतियों से लड़ने का संकल्प
भारत और अर्जेंटीना ने मानवता के लिए आतंकवाद और उग्रवाद जैसी गंभीर चुनौतियों के खिलाफ लड़ने का संकल्प दोहराया। अर्जेंटीना ने कहा, आतंक का जवाब अंतरराष्ट्रीय ढांचे को ध्यान में रखते हुए व्यापक होना चाहिए। दोनों मंत्रियों ने मौजूदा तरजीही व्यापार समझौते के विस्तार पर भारत और मर्कोसुर के बीच हाल की चर्चाओं का संज्ञान लिया और पारस्परिक लाभ के लिए व्यापार को और बढ़ावा देने के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता पर जोर दिया।

माल्विनास मुद्दे पर दोबारा वार्ता शुरू करने पर भारत का समर्थन
भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्तावों और उपनिवेशीकरण पर विशेष समिति के मुताबिक अर्जेंटीना तथा ब्रिटेन के बीच माल्विनास द्वीप समूह के संबंध में वार्ता को फिर से शुरू करने के लिए अपना समर्थन दोहराया। माल्विनास द्वीप समूह (फॉकलैंड द्वीप) 1982 से अर्जेंटीना और ब्रिटेन के बीच विवाद का विषय रहा है। इसे 1982 में ही महासभा ने मान्यता दी थी। जबकि ब्रिटेन का कहना है कि यह द्वीप उसका विदेशी क्षेत्र (उपनिवेश) है।

इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा
अर्जेंटीना के राष्ट्रपति फर्नांडीज से मुलाकात के बाद डॉक्टर जयशंकर ने कहा कि मुझे रिसीव करने के लिए राष्ट्रपति को धन्यवाद। जयशंकर ने कहा कि अर्जेंटीना के राष्ट्रपति ने व्यापार स्तरों को अधिक टिकाऊ और महत्वाकांक्षी बनाने सहित द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की। उन्होंने ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने फार्मास्यूटिकल्स सहित सस्ती स्वास्थ्य सेवा के महत्व को रेखांकित किया। दोनों नेताओं ने रक्षा सहयोग के साथ-साथ परमाणु ऊर्जा की संभावनाओं पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।

अर्जेंटीना यात्रा पर जयशंकर ने महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि
अर्जेंटीना में रिपब्लिका डि ला इंडिया स्ट्रीट जाकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। विदेश मंत्री तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण में अर्जेंटीना पहुंचे हैं। ट्विटर पर विदेश मंत्री ने कहा, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय समझ और सद्भावना के सार्वभौमिक प्रतीक हैं। इसके बाद जयशंकर ने अर्जेंटीना में रह रहे भारतीय मूल के लोगों से मुलाकात की। 


उन्होंने समुदाय के लिए भारत का समर्थन जताया। ट्वीट में उन्होंने लिखा, सर्द सुबह में भारतीय समुदाय के लोगों के साथ चाय पर चर्चा हुई। उन्होंने मातृभूमि के लिए प्रति अपना स्नेह और समर्थन जताया। साथ ही, जयशंकर ब्यूनस आयर्स में जनरल जोसे डि सान मार्टिन स्मारक पर पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने कहा, स्वतंत्रता के लिए उनका संघर्ष पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed