SCO: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से की मुलाकात, एससीओ बैठक में दिखा कूटनीतिक संवाद
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। यह मुलाकात एससीओ बैठक के दौरान हुई, जिसमें दोनों देशों के बीच संबंध सुधारने और सीमा पर तनाव कम करने पर चर्चा हुई। जयशंकर ने वांग यी से भी मुलाकात की और आतंकवाद, व्यापार, और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दे उठाए। कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर शुरू करने पर सहमति बनी।
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Beijing | EAM Dr S Jaishankar among the SCO Foreign Ministers calling on President of China, Xi Jinping
Photo source: Embassy of India in China https://t.co/n8tZIa4s58 pic.twitter.com/HNjaBRbKnk— ANI (@ANI) July 15, 2025विज्ञापन
विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने शी जिनपिंग को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से शुभकामनाएं दीं। साथ ही उन्होंने भारत-चीन के द्विपक्षीय संबंधों में हाल के सुधारों की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि दोनों देशों के नेताओं का मार्गदर्शन इस संबंध में काफी अहम रहा है और रिश्तों को नई दिशा देने में मदद कर रहा है।
Called on President Xi Jinping this morning in Beijing along with my fellow SCO Foreign Ministers.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) July 15, 2025
Conveyed the greetings of President Droupadi Murmu & Prime Minister @narendramodi.
Apprised President Xi of the recent development of our bilateral ties. Value the guidance of… pic.twitter.com/tNfmEzpJGl
चीन के विदेश मंत्री से भी हुई अहम बातचीत
जयशंकर ने इसी एससीओ बैठक में सोमवार को चीनी विदेश मंत्री वांग यी से भी द्विपक्षीय चर्चा की। इस बातचीत में उन्होंने बताया कि पिछले 9 महीनों में भारत और चीन के बीच संबंधों में ‘अच्छी प्रगति’ हुई है। खासकर सीमा पर तनाव कम हुआ है और शांति की स्थिति बनी है। उन्होंने यह भी कहा कि अब दोनों पक्षों को डि-एस्केलेशन और अन्य लंबित मुद्दों को हल करने की जरूरत है।
विदेश मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और चीन को अपने मतभेदों को विवाद में नहीं बदलना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा कभी संघर्ष का रूप नहीं लेनी चाहिए। भारत और चीन के बीच स्थिर और रचनात्मक संबंध केवल हमारे लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए फायदेमंद हैं। उन्होंने इस संबंध को आपसी सम्मान, आपसी हित और संवेदनशीलता के आधार पर संभालने की जरूरत बताई।
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व्यापार और पर्यटन पर भी बातचीत
जयशंकर ने चीनी विदेश मंत्री वांग यी से एक्सपोर्ट कंट्रोल और व्यापारिक प्रतिबंधों पर भी चिंता जताई। उन्होंने मांग की कि चीन भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को नुकसान पहुंचाने वाले कदमों से बचे। साथ ही उन्होंने लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए ट्रैवल को आसान बनाने, सीधी फ्लाइट्स फिर से शुरू करने और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की भी बात कही।
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