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Quad Meeting: 'इस बैठक से स्पष्ट संदेश जाना चाहिए कि क्वाड काम करने और...', जापान में बोले जयशंकर

Mon, 29 Jul 2024 08:50 AM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो Published by: काव्या मिश्रा Updated Mon, 29 Jul 2024 08:50 AM IST
सार

विदेश मंत्री एस जयशंकर 28-30 जुलाई तक जापान के दौरे पर है। इस दौरान उन्होंने ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका के विदेश मंत्रियों के साथ क्वाड बैठक में हिस्सा लिया। 

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EAM Jaishankar in Tokyo, Japan meeting of foreign ministers of Quad coalition news and updates
विदेश मंत्री जयशंकर - फोटो : एएनआई

विस्तार

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर दो दिवसीय दौरे पर जापान में हैं। वह चार देशों के समूह क्वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए टोक्यो पहुंचे। आज सुबह क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक शुरू हुई। विदेश मंत्री ने कहा कि ये आसान समय नहीं है, एक बड़ी चुनौती वैश्विक आर्थिक विकास को सुनिश्चित करने के साथ-साथ इसे जोखिम से मुक्त करना भी है।

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बता दें, इस साल के अंत में भारत में क्वाड नेताओं की बैठक होनी है। ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और संयुक्त राज्य अमेरिका क्वाड के सदस्य हैं।

ये आसान समय नहीं हैं
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, 'ये आसान समय नहीं हैं, एक बड़ी चुनौती वैश्विक आर्थिक विकास सुनिश्चित करना है और साथ ही इसे जोखिम मुक्त करना भी है। आपूर्ति श्रृंखला लचीलेपन के लिए एक विशेष केंद्र है, ठीक उसी तरह जैसे हम विश्वसनीय और पारदर्शी डिजिटल साझेदारी के लिए जोर देते हैं।

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'प्रौद्योगिकी के विकास ने भी असाधारण आयाम हासिल कर लिए'
उन्होंने आगे कहा, 'प्रौद्योगिकी के विकास ने भी असाधारण आयाम हासिल कर लिए हैं, जिससे हमारे जीने, सोचने और काम करने के तरीके में बहुत संभावनाएं पैदा हो गई हैं। एक तरह से, हम पुनः वैश्वीकरण के दौर में हैं। साथ ही यह केवल हमारे सामूहिक प्रयास ही हैं, जो अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली को व्यवधानों 'चाहे वे मानव निर्मित हों या प्राकृतिक' से बचा सकते हैं। लेकिन हमारे पास और अधिक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी हैं।'
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उन्होंने कहा कि राजनीतिक लोकतंत्रों, बहुलवादी समाजों और बाजार अर्थव्यवस्थाओं के रूप में, नियम-आधारित व्यवस्था को बनाए रखने का एक महत्वपूर्ण सवाल है। यह केवल हमारा सहयोग है जो यह सुनिश्चित कर सकता है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र मुक्त, खुला, स्थिर, सुरक्षित और समृद्ध बना रहे।

हमारी बैठक से यह स्पष्ट संदेश...
जयशंकर ने कहा, 'दुनिया की भलाई के लिए हम सभी ने जो प्रतिबद्धता दिखाई है, उसका असर इस क्षेत्र से कहीं आगे तक है। इसलिए, यह आवश्यक है कि हमारी राजनीतिक समझ मजबूत हो, हमारी आर्थिक साझेदारी बढ़े, हमारे प्रौद्योगिकी सहयोग का विस्तार हो और हमारे लोगों के बीच सहजता बढ़े। हमारी बैठक से यह स्पष्ट संदेश जाना चाहिए कि क्वाड यहां रहने, काम करने और बढ़ने के लिए है।'

जयशंकर ने ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री वॉन्ग से की मुलाकात
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने क्वाड बैठक से इतर अपनी ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष पेनी वॉन्ग से भी मुलाकात की। इस दौरान सुरक्षा, व्यापार और शिक्षा सहित द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।

सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा
भारतीय विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, 'टोक्यो में ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वॉन्ग से मुलाकात करके आज सुबह की शुरुआत शानदार रही। सुरक्षा, व्यापार और शिक्षा सहित हमारे द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने और आगे के कदमों के बारे में बात की। इसके अलावा, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हमारे सहयोग को बढ़ाने पर भी चर्चा की। जल्द ही क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में इसे जारी रखने की उम्मीद है।'
 

ब्लिंकन से भी मिले जयशंकर
इससे पहले, विदेश मंत्री जयशंकर ने अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से मुलाकात की। मुलाकात के बाद विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'हमारा द्विपक्षीय एजेंडा लगातार आगे बढ़ रहा है। हमारी मुलाकात में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तृत बातचीत हुई। कल होने वाली क्वाड बैठक में शामिल होने के लिए उत्सुक हूं।'


गौरतलब है, विदेश मंत्री एस जयशंकर 28-30 जुलाई तक जापान के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका के विदेश मंत्रियों के साथ क्वाड बैठक में हिस्सा लेंगे। नवंबर 2017 में, भारत, जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया हिंद प्रशांत में महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों को किसी भी प्रभाव से मुक्त रखने के लिए क्वाड की स्थापना की थी। दक्षिण चीन सागर प्रशांत और हिंद महासागर के बीच जंक्शन पर स्थित है। चीन, दक्षिण चीन सागर के अधिकांश हिस्से पर अपना दावा करता है, जबकि फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान ने समुद्री क्षेत्र पर जवाबी दावे किए हैं।

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