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Hindi News ›   World ›   EAM Dr S Jaishankar India China Relations Normalcy on traditional troop deployment

India-China:'सैनिकों की पारंपरिक तैनाती पर ही संबंध सामान्य होंगे', मलयेशिया दौरे पर गए जयशंकर की चीन को नसीहत

Wed, 27 Mar 2024 11:16 PM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कुआलालंपुर (मलयेशिया)
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कुआलालंपुर (मलयेशिया) Published by: ज्योति भास्कर Updated Wed, 27 Mar 2024 11:16 PM IST
सार

विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने कहा है कि चीन के साथ भारत के संबंध तभी सामान्य होंगे जब सैनिकों को पारंपरिक स्थिति में तैनात किया जाएगा। उन्होंने मलयेशिया में रहने वाले प्रवासी भारतीयों से मुखातिब होते हुए यह बात कही।

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EAM Dr S Jaishankar India China Relations Normalcy on traditional troop deployment
विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर (फाइल) - फोटो : ANI

विस्तार

विदेश मंत्री एस जयशंकर अपनी बेबाक टिप्पणियों के लिए सुर्खियों में रहते हैं। पूर्व राजनयिक जयशंकर ने ताजा घटनाक्रम में भारत और चीन के द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने की शर्तों पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि चीन के साथ रिश्ते केवल तभी सामान्य होंगे, जब दोनों देशों के सैनिक अपनी पारंपरिक पोजिशन पर वापस जाएंगे। बुधवार को उन्होंने कहा कि चीन के साथ द्विपक्षीय संबंध केवल उसी स्थिति में सामान्य होंगे जब हम सैनिकों की पारंपरिक तैनाती वाली स्थिति में पहुंच जाएंगे। 
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चीन के साथ भारत के संबंधों की वर्तमान स्थिति
विदेश मंत्री ने कहा कि बीजिंग के साथ संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए भी यही शर्त होगी। जयशंकर ने मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में कहा, 'भारतवासियों के प्रति मेरा पहला कर्तव्य सीमा की सुरक्षा करना है। मैं इस पर कभी समझौता नहीं कर सकता।' उन्होंने प्रवासी भारतीयों के साथ बातचीत के दौरान चीन के साथ भारत के संबंधों की वर्तमान स्थिति पर एक सवाल के जवाब में कहा, हर देश अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध चाहता है।
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भारत और चीन के बीच एक समझौता था
उन्होंने कहा कि हर रिश्ते को किसी न किसी आधार पर स्थापित करना पड़ता है। हम अभी भी चीनियों के साथ बातचीत कर रहे हैं। मैं अपने समकक्ष से बात करता हूं। हम समय-समय पर मिलते रहते हैं। हमारे सैन्य कमांडर एक-दूसरे से बातचीत करते हैं, लेकिन हम बिल्कुल स्पष्ट हैं कि भारत और चीन के बीच एक समझौता था। विदेश मंत्री के मुताबिक, वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सेना न लाने की परंपरा है। हम दोनों सैनिकों के बेस कुछ ही दूरी पर हैं। ये हमारी पारंपरिक तैनाती की जगह है। हम वैसी ही सामान्य स्थिति चाहते हैं।
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पश्चिमी एशिया से जुड़े सवाल पर भी दिया जवाब
रूस-यूक्रेन संघर्ष पर एक सवाल के जवाब में जयशंकर ने कहा, समाधान युद्ध के मैदान में नहीं खोजे जा सकते। उन्होंने कहा कि भारत इस संघर्ष को समाप्त करने का रास्ता खोजना चाहता है, क्योंकि 'संघर्ष का कोई विजेता नहीं होता।' उन्होंने कहा, 'हम शुरू से ही अपने रुख पर कायम हैं कि आपको युद्ध के मैदान पर इस संघर्ष का समाधान नहीं मिलेगा।'


7 अक्तूबर को दक्षिणी इस्राइल में हमास का हमला आतंकी वारदात
बकौल जयशंकर, 'संघर्ष के अंत में कई निर्दोष या अन्य राष्ट्र भी बर्बाद हो जाते हैं, या किसी न किसी तरह से संघर्ष से यह बुरी तरह प्रभावित होते हैं। भारत इस संघर्ष को खत्म करने का एक तरीका खोज रहा है। विदेश मंत्री जयशंकर के मुताबिक, 'ईमानदारी से कहूं तो कुछ देशों को संघर्ष के शुरुआती दिनों में भारत की स्थिति बहुत लोकप्रिय नहीं लगी थी।' उन्होंने इस्राइल-हमास संघर्ष और 7 अक्तूबर को दक्षिणी इस्राइल में हमले पर एक सवाल के जवाब में दो टूक कहा, 'जो हुआ वह आतंकवाद था।'
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