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विदेश मंत्री जयशंकर बोले: वैश्विक अर्थव्यवस्था में बढ़ा भारत का दबदबा, इस्राइल की नई विदेश मंत्री को दी बधाई
Fri, 30 Dec 2022 04:39 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, निकोसिया
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, निकोसिया
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 30 Dec 2022 04:39 PM IST
सार
विदेश मंत्री ने कहा, हमारा लक्ष्य भारत को एक प्रमुख विनिर्माण केंद्र (मैन्युफैक्चरिंग हब) बनाना है। इसके साथ ही देश को 2025 तक पांच ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था के रूप में उभारना है।
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निकोसिया स्थित भारतीय दूतावास में आयोजित कार्यक्रम में एस. जयशंकर
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
साइप्रस की राजधानी निकोसिया में शुक्रवार को एक बिजनेस इवेंट को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत का दबदबा बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा, भारत को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के लिए महत्वपूर्ण स्थान बनाने में मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों और सुधारों ने योगदान दिया।
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जयशंकर ने आगे कहा, हम अपने इतिहास में सर्वाधिक एफडीआई प्रवाह प्राप्त कर रहे हैं। पिछले साल हमें एफडीआई के रूप में 81 अरब डॉलर मिले। हमारे व्यापार का काफी विस्तार हुआ है। वर्ष 2021-22 के लिए पहली बार हमारा निर्यात 400 अरब डॉलर के पार गया और इस साल हमने 470 अरब डॉलर का लक्ष्य रखा है। हम दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम में से एक का घर बन गए हैं। अब हम करीब 100 यूनिकॉर्न की मेजबानी कर रहे हैं। वर्तमान में हमारे पास यूनिकॉर्न्स की तीसरी सबसे बड़ी संख्या है।
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विदेश मंत्री ने कहा, हमारा लक्ष्य भारत को एक प्रमुख विनिर्माण केंद्र (मैन्युफैक्चरिंग हब) बनाना है। इसके साथ ही देश को 2025 तक पांच ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था के रूप में उभारना है। जयशंकर ने आगे कहा, कोविड महामारी के दौरान हम टीकों के निर्माण के सबसे बड़े वैश्विक केंद्रों में से एक थे और हमने 100 देशों को टीकों की आपूर्ति की।उन्होंने कहा, जी20 के लिए हमारा आदर्श वाक्य वसुधैव कुटुंबकम है। इसे हमने कोविड महामारी के दौरान व्यवहार में लाया है।
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विदेश मंत्री ने कहा, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत आज एक भरोसेमंद भागीदार है। हम व्यापार को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) पर काम कर रहे हैं; यूरोपीय संघ के साथ बातचीत चल रही है। इस वर्ष, हमने ऑस्ट्रेलिया और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ समझौते किए।
उन्होंने आगे कहा, हम जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटने के लिए भी सौ फीसदी प्रतिबद्ध हैं। मौजूद समय में हम जिन जिन बड़ी पहलों पर काम कर रहे हैं, उनमें से एक जीवनशैली में बदलाव की वकालत करना है। हम इसे आगे बढ़ाने के लिए जी20 की अध्यक्षता का इस्तेमाल करना चाहते हैं। प्रधानमंत्री मोदी महसूस करते हैं कि इससे पर्यावरण पर बहुत फर्क पड़ेगा।
इस्राइल की नई विदेश मंत्री को दी बधाई
जयशंकर ने एलि कोहेन को इस्राइल की नई विदेश मंत्री चुने जाने पर भी बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, इस्राइल के विदेश मंत्री के रूप में आपकी नियुक्ति पर बधाई। हम मिलकर काम करने को लेकर उत्साहित हैं।