खतरे में पर्यावरण: दूर तक पहुंच रही है ग्रीस में लगी आग की तपिश, 35 हजार हेक्टेयर जंगल खाक
ग्रीस के वित्त मंत्री क्रिस्टोस स्ताइकोरस ने अब जाकर यह एलान किया है कि जिन लोगों के घर जल गए हैं, उन्हें छह हजार यूरो की सहायता दी जाएगी। जो लोग इस दौरान जख्मी हुए हैं, उन्हें साढ़े चार हजार यूरो की मदद दी जाएगी...
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ग्रीस के जंगलों में आग थमने का नाम नहीं ले रही है। अब इस कारण ग्रीस सरकार की आलोचना तेज हो गई है। उस पर आरोप है कि उसने आग पर काबू पाने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए हैं। आग के कारण हजारों लोगों को अपने निवास की जगहों से विस्थापित होना पड़ा है। ग्रीस के दूसरे सबसे बड़े द्वी एविया के अधिकारियों ने ग्रीस सरकार पर नाकाफी कदम उठाने के आरोप लगाए हैं। एविया ग्रीस की राजधानी एथेंस से लगभग 200 किलोमीटर दूर है। वहां आग गांव-गांव तक फैल गई। इस कारण वहां के करीब 2,600 निवासियों और आग लगने के समय वहां आए पर्यटकों को हटाना पड़ा है। उन लोगों को नौकाओं के जरिए वहां से निकाला गया।
एविया के उप-गवर्नर गियोर्गोस केलैत्जिदिस ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि कम से कम 35 हजार हेक्टेयर में मौजूद जंगल और सैकड़ों घर जल कर राख हो गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर आग इसी तरह लगी रही, तो वह और घने जंगलों में पहुंच जाएगी। उसके बाद उसे बुझाना और मुश्किल हो जाएगा। आग के हफ्तों से बेकाबू बने रहने के कारण स्थानीय निवासी भी अब गुस्से में हैं। गियोर्गोस ने कहा कि सरकार ने यहां के लोगों के लिए पानी और खाने तक की व्यवस्था नहीं की है। ये काम खुद दुकानदारों और आम लोगों को करना पड़ा है। जंगलों के आसपास बसे लोगों का कहना है कि वहां के लोग जंगल, फसल, और पर्यटन पर निर्भर थे। अब उनमें से कुछ भी नहीं बचा है।
आलोचनाओं के बाद ग्रीस के वित्त मंत्री क्रिस्टोस स्ताइकोरस ने अब जाकर यह एलान किया है कि जिन लोगों के घर जल गए हैं, उन्हें छह हजार यूरो की सहायता दी जाएगी। जो लोग इस दौरान जख्मी हुए हैं, उन्हें साढ़े चार हजार यूरो की मदद दी जाएगी। उसके अलावा उन्होंने कहा कि नागरिक रक्षा बजट को बढ़ा कर 1.76 अरब यूरो कर दिया जाएगा। साथ ही जंगलों को फिर से लगाने पर साढ़े 22 करोड़ यूरो खर्च किए जाएंगे।
ग्रीस की समाचार एजेंसी एएनए के मुताबिक आग बीते सोमवार को नए शहरों तक पहुंच गई। ग्रीस बीते दो हफ्तों से भी ज्यादा समय से भयानक आग का सामना कर रहा है। जानकारों के मुताबिक सूखे और असामान्य रूप से ऊंचे तापमान के कारण आग लगी। इस बार पूरे यूरोप में असाधारण गर्मी पड़ी है। ग्रीस में पारा चढ़ने का रिकॉर्ड बन गया। इस गर्मी को जलवायु परिवर्तन का नतीजा माना गया है। पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर जलवायु परिवर्तन इसी तरह जारी रहा, तो आने वाले समय में आग लगने की ऐसी घटनाएं आम हो जाएंगी।
जानकारों ने ध्यान दिलाया है कि 2008 के बाद आग लगने की घटनाएं बढ़ती गई हैं। तब से 2020 के बीच औसतन हर साल लगभग 1,700 हेक्टयर जंगल राख हुए हैं। इस बार ग्रीस में आग अधिक भयानक हो गई। लेकिन उसके साथ ही इटली, अल्बानिया, नॉर्थ मेसिडोनिया और टर्की में भी जंगलों में आग लगी है।
यूरोपीय आयोग ने बीते रविवार को एलान किया था कि आयोग और अधिक फायर ब्रिग्रेड और दूसरे उपकरण जल्द ही ग्रीस भेजेगा। इसके अलावा भी यूरोप के कई देशों ने मदद करने की पेशकश की है। मगर विश्लेषकों का कहना है कि असल सवाल यह है कि जलवायु परिवर्तन को कैसे रोका जाए? अगर उसके लिए देश कदम नहीं उठाते हैं, तो ऐसी मदद फौरी साबित होकर रह जाएगी।