China: श्रीलंका में प्रतिबंध के कारण चीनी जासूसी जहाज ने मालदीव का किया रुख, भारतीय सैन्य अधिकारी का खुलासा
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार नवंबर में राष्ट्रपति मुइज्जू के पदभार संभालने के बाद से भारत और मालदीव के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए, जिससे सरकार का ध्यान चीन की ओर केंद्रित हो गया। मालदीव ने उनके यहां तैनात करीब 80 भारतीय सैनिकों की वापसी का अनुरोध किया है।
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श्रीलंका में लगे प्रतिबंद्ध के बाद चीनी जासूसी जहाज ने मालदीव का रुख किया है। यह खुलासा एक भारतीय सैन्य अधिकारी और स्वतंत्र शोधकर्ता के हवाले से न्यूज एजेंसी रायटर्स ने किया है। डेमियन साइमन नाम के स्वतंत्र शोधकर्ता ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाला, जिसमें उन्होंने लिखा हिंद महासागर क्षेत्र में चीन का जासूसी जहाज शिआंग एंग हांग को देखा गया है। यह मालदीव की ओर बढ़ रहा है। नई दिल्ली के लिए चिंता की बात। अधिकारी के हवाले से न्यूज एंजेंसी ने बताया कि मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की चीन यात्रा के बाद से इस तरह की गतिविधियों का होना साफ इशारा है कि दोनों देशों के संबंध मजबूत हो रहे हैं। यह निश्चित रूप से नई दिल्ली के लिए चिंता की बात है। क्योंकि भारत ने 2022 में श्रीलंका समेत अपने तटों के पास चीन के जासूसी जहाजों की उपस्थिति पर आपत्ति उठाई थी।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार नवंबर में राष्ट्रपति मुइज्जू के पदभार संभालने के बाद से भारत और मालदीव के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए, जिससे सरकार का ध्यान चीन की ओर केंद्रित हो गया। मालदीव ने उनके यहां तैनात करीब 80 भारतीय सैनिकों की वापसी का अनुरोध किया है।
पिछले साल भी चीन के जहाज ने श्रीलंका में किया था डॉक
अली साबरी ने कहा कि 'हमारे पड़ोस में क्या हो रहा है, कोई भी घटनाक्रम, जिसका हमारी सुरक्षा पर असर पड़ता है, वह जाहिर तौर पर हमारे लिए दिलचस्पी का विषय है।' बीते साल भी चीन के जासूसी जहाज युआन वांग-5 ने श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगार पर कई दिनों तक ठहरा था। यह चीन का बैलेस्टिक मिसाइल और सैटेलाइट ट्रैकिंग जहाज था। भारत ने इस पर आपत्ति जताई थी और आशंका जताई थी कि यह भारत के मरीन एसेट्स का सर्विलांस कर सकता है। इस बार भी भारत की ऐसी ही चिंताएं हैं।