{"_id":"6587987e5d781fce6d018277","slug":"drone-attack-on-israel-affilated-ship-in-arabian-sea-near-gujarat-fired-from-iran-said-usa-2023-12-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Drone Attack: ईरान से किया गया था भारत आ रहे तेल टैंकर पर अरब सागर में हमला, अमेरिका का बड़ा दावा","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Drone Attack: ईरान से किया गया था भारत आ रहे तेल टैंकर पर अरब सागर में हमला, अमेरिका का बड़ा दावा
Sun, 24 Dec 2023 08:19 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 24 Dec 2023 08:19 AM IST
सार
पहले यह माना जा रहा था कि यह हमला हूती विद्रोहियों ने किया है क्योंकि हाल के समय में अरब सागर और हिंद महासागर में कई जहाजों को हूती विद्रोहियों ने निशाना बनाया है।
विज्ञापन
जहाज पर ड्रोन हमला
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जापान के स्वामित्व वाले एक केमिकल टैंकर पर शनिवार को अरब सागर में भारत के नजदीक ड्रोन हमला हुआ था। अब अमेरिका के रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने दावा किया है कि यह ड्रोन हमला ईरान से किया गया था। बता दें कि पहले यह माना जा रहा था कि यह हमला हूती विद्रोहियों ने किया है क्योंकि हाल के समय में अरब सागर और हिंद महासागर में कई जहाजों को हूती विद्रोहियों ने निशाना बनाया है, लेकिन अब अमेरिका ने दावा किया है कि शनिवार को जो हमला हुआ था, वह ईरान से हुआ था।
भारतीय नौसेना ने दी टैंकर को सुरक्षा
बता दें कि तेल टैंकर पर हमला शनिवार सुबह करीब 10 बजे हुआ। टैंकर पर सवार चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं, जिनमें करीब 20 भारतीय भी शामिल हैं। ड्रोन हमले से टैंकर पर आग लग गई थी लेकिन इसे बुझा दिया गया और ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। जिस वक्त टैंकर पर हमला हुआ, वह भारत की तटीय सीमा से करीब 200 नॉटिकल माइल्स की दूरी पर था। हमले की सूचना मिलते ही भारतीय नौसेना ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और एक एयरक्राफ्ट टैंकर की सुरक्षा के लिए रवाना किया। साथ ही भारतीय तटरक्षक बलों के जहाज आईसीजीएस को भी टैंकर की सुरक्षा के लिए रवाना किया गया।
इस्राइल से संबंधित है जहाज
पेंटागन ने बताया कि एमवी केम प्लूटो जहाज लाइबेरियाई झंडे के तले संचालित हो रहा था लेकिन इसकी मालिक एक जापानी कंपनी है। एक मेरीटाइम सिक्योरिटी फर्म का दावा है कि जिस जहाज पर हमला हुआ, वह इस्राइल से संबंद्ध था और सऊदी अरब से भारत आ रहा था। दरअसल जो कंपनी जहाज का संचालन कर रही है, वह इस्राइल के शिपिंग टाइकून इदान ओफेर से संबंधित है। बता दें कि बीते महीने भी इस्राइल से ही संबंधित एक जहाज पर हमला हुआ था। दरअसल जब से इस्राइल हमास का युद्ध शुरू हुआ है, तब से लाल सागर इलाके में कार्गो वेसल, तेल टैंकरों पर हमले की घटनाएं ज्यादा हो रही हैं। हूती विद्रोहियों ने इस दौरान 100 से ज्यादा ड्रोन हमले किए हैं, जिनमें 35 विभिन्न देशों के कार्गो वेसल और तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
भारतीय नौसेना ने दी टैंकर को सुरक्षा
बता दें कि तेल टैंकर पर हमला शनिवार सुबह करीब 10 बजे हुआ। टैंकर पर सवार चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं, जिनमें करीब 20 भारतीय भी शामिल हैं। ड्रोन हमले से टैंकर पर आग लग गई थी लेकिन इसे बुझा दिया गया और ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। जिस वक्त टैंकर पर हमला हुआ, वह भारत की तटीय सीमा से करीब 200 नॉटिकल माइल्स की दूरी पर था। हमले की सूचना मिलते ही भारतीय नौसेना ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और एक एयरक्राफ्ट टैंकर की सुरक्षा के लिए रवाना किया। साथ ही भारतीय तटरक्षक बलों के जहाज आईसीजीएस को भी टैंकर की सुरक्षा के लिए रवाना किया गया।
विज्ञापन
इस्राइल से संबंधित है जहाज
पेंटागन ने बताया कि एमवी केम प्लूटो जहाज लाइबेरियाई झंडे के तले संचालित हो रहा था लेकिन इसकी मालिक एक जापानी कंपनी है। एक मेरीटाइम सिक्योरिटी फर्म का दावा है कि जिस जहाज पर हमला हुआ, वह इस्राइल से संबंद्ध था और सऊदी अरब से भारत आ रहा था। दरअसल जो कंपनी जहाज का संचालन कर रही है, वह इस्राइल के शिपिंग टाइकून इदान ओफेर से संबंधित है। बता दें कि बीते महीने भी इस्राइल से ही संबंधित एक जहाज पर हमला हुआ था। दरअसल जब से इस्राइल हमास का युद्ध शुरू हुआ है, तब से लाल सागर इलाके में कार्गो वेसल, तेल टैंकरों पर हमले की घटनाएं ज्यादा हो रही हैं। हूती विद्रोहियों ने इस दौरान 100 से ज्यादा ड्रोन हमले किए हैं, जिनमें 35 विभिन्न देशों के कार्गो वेसल और तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया है।
विज्ञापन