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ड्रैगन का प्रोपेगेंडा: 350 से ज्यादा फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल कर रहीं चीन समर्थक एजेंडे का प्रसार, एक अध्ययन में दावा

Thu, 05 Aug 2021 04:28 PM IST
सुरेंद्र जोशी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Thu, 05 Aug 2021 04:28 PM IST
सार

350 से ज्यादा ऐसी फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल का पता चला है, जो पूरी दुनिया में चीन समर्थक प्रोपेगेंडा चला रही हैं। इनका मंतव्य चीन विरोधियों को जवाब देना है। 
 

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Dragons propaganda: More than 350 fake social media profiles are spreading pro-China agenda, a study claims
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विस्तार

सेंटर फॉर इंफर्मेशन रिसाइलेंस (CIR)  अध्ययन में पता चला है कि सोशल मीडिया में 350 से ज्यादा फर्जी प्रोफाइल चलाई जा रही हैं, जिनका एजेंडा पूरी दुनिया में चीन समर्थक प्रोपेगेंडा करना है। इतना ही नहीं इनके जरिए चीन के आलोचकों व विरोधियों, खासकर अमेरिका व पश्चिम देशों को निशाना बनाया जा रहा है। 

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इन प्रोफाइलों का मकसद पश्चिमी देशों के चीन को लेकर प्रचार को अवैधानिक करार देना और चीन का प्रभाव बढ़ाना है। सेंटर फॉर इंफर्मेशन रिसाइलेंस (CIR) ने अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है। यह अध्ययन रिपोर्ट बीबीसी से साझा की गई है। फर्जी प्रोफाइलों का नेटवर्क देश के कट्टर आलोचक रहे निर्वासित चीनी टाइकून गुओ वेंगुइ व अन्य के भड़कीले कार्टून भी जारी करता है। 
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इन फर्जी प्रोफाइलों में जिन अन्य विवादित लोगों के कार्टून बनाए जा रहे हैं, उनमें व्हिसलब्लोअर वैज्ञानिक ली मेंग यान और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राजनीतिक सलाहकार रहे स्टीव बेनन शामिल हैं। इन सभी को चीन गलत सूचनाएं व कोरोना को लेकर झूठी जानकारियां फैलाने का आरोपी मानता है। 

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ये फर्जी प्रोफाइलें ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम व यूट्यूब तक फैली हुई हैं। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित फर्जी तस्वीरों का भी इस्तेमाल किया जाता है। इस बात के ठोस सबूत नहीं हैं कि यह नेटवर्क चीन की सरकार से जुड़ा है, लेकिन सीआईआर के मुताबिक इसके चीन समर्थित होने का संकेत मिलता है। सीआईआर, एक गैर लाभकारी समूह है, जो कि गलत सूचनाओं का जवाब देता है। 


खास बात यह है कि इन फर्जी प्रोफाइलों के जरिए उन्हीं चीन समर्थित दृष्टिकोणों का प्रसार किया जाता है, जो चीन के सरकारी प्रतिनिधि या वहां का सरकारी मीडिया प्रसारित करता है। इनकी अधिकांश विषय वस्तु अमेरिका को कटघरे में रखने वाली होती है। इनमें अमेरिकी शस्त्र कानून, नस्लीय राजनीति आदि को उछाला जाता है। इसके अलावा अमेरिका में मानवाधिकारों की कमजोर स्थिति, जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या जैसे मामलों को उठाकर अमेरिका को नीचा दिखाने की कोशिश होती है। 



शिनजियांग क्षेत्र में पांच लाख मुस्लिमों को बंधक बनाने का खंडन
इन्हीं कुछ सोशल मीडिया अकाउंट में बार-बार यह बताया जाता है कि चीन के शिनजियांग प्रांत में मानवाधिकारों का कोई उल्लंघन नहीं होता है। हालांकि शिनजियांग के बारे मे विशेषज्ञों का दावा है कि वहां कम से कम पांच लाख मुस्लिमों को बंधक बनाकर रखा गया है। इन प्रोफाइलों में दावा किया जाता है कि ये फर्जी बातें अमेरिका व अन्य पश्चिमी देशों द्वारा फैलाई जाती हैं। सीआईआर रिपोर्ट के लेखक बेंजामिन स्ट्रिक का कहना है कि इस नेटवर्क का उद्देश्य पश्चिमी देशों की दलीलों को अवैध व गलत करार देना होता है। 

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