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ट्रंप का भारत दौरा: भारत-US संबंध कैसे, PM मोदी व अमेरिकी राष्ट्रपति के रिश्ते का कितना असर; राजदूत क्या बोले?

Sat, 27 Jun 2026 07:25 PM IST
प्रशांत तिवारी वर्ल्ड डेस्क, आईएएनएस, नई दिल्ली
वर्ल्ड डेस्क, आईएएनएस, नई दिल्ली Published by: प्रशांत तिवारी Updated Sat, 27 Jun 2026 07:25 PM IST
सार

भारत में अपने कार्यकाल के छह महीने पूरे होने पर, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने शनिवार को न्यूज एजेंसी आईएएनएस को इंटरव्यू दिया। व्हाइट हाउस में हुए बातचीत में, गोर ने भारत में अपने अब तक के अनुभव, द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर हो रही प्रगति, रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, H-1B वीजा, लोगों के बीच संबंधों और रणनीतिक साझेदारी की अपार संभावनाओं के बारे में बात की... 

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Donald Trump India visit In relations impact bond between PM Modi and US President what did ambassador say
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : ANI

विस्तार

भारत में छह महीने का कार्यकाल पूरा करने के बाद अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में भारत-अमेरिका संबंधों, प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की केमिस्ट्री, H-1B वीजा, रक्षा और ऊर्जा सहयोग समेत कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों के रिश्ते पहले से अधिक मजबूत हैं और व्यापार समझौता जल्द अंतिम रूप ले सकता है। 

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सवाल: भारत में छह महीने पूरे होने के बाद आपका अनुभव कैसा रहा?
सर्जियो गोर: भारत में बिताए गए ये छह महीने मेरे लिए बेहद यादगार रहे हैं। इस दौरान मुझे देश के अलग-अलग हिस्सों में जाने और लोगों से मिलने का अवसर मिला। भारत की विविधता, संस्कृति और विकास की संभावनाओं ने मुझे काफी प्रभावित किया है। मेरा मानना है कि फार्मास्युटिकल, आईटी, रक्षा, ऊर्जा और कई अन्य क्षेत्रों में भारत और अमेरिका मिलकर बड़े स्तर पर काम कर सकते हैं।
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सवाल: भारत-अमेरिका संबंधों को आप किस नजरिए से देखते हैं?
गोर: दोनों देशों के रिश्ते बेहद मजबूत हैं और इसकी सबसे बड़ी वजह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मजबूत व्यक्तिगत संबंध हैं। दोनों नेता नियमित रूप से संवाद करते हैं और साझा हितों वाले मुद्दों पर आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा प्रयास है कि यह साझेदारी लगातार नई ऊंचाइयों तक पहुंचे।
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सवाल: द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर क्या प्रगति हुई है?
गोर: व्यापार समझौते पर अधिकांश काम पूरा हो चुका है। अब केवल अंतिम शब्दावली और तकनीकी पहलुओं पर चर्चा चल रही है। हाल ही में अमेरिकी और भारतीय अधिकारियों के बीच हुई बैठकें काफी सकारात्मक रहीं। हमें उम्मीद है कि आने वाले कुछ हफ्तों या महीनों में यह समझौता अंतिम रूप ले लेगा। यह दोनों देशों के लिए लाभदायक साबित होगा।

सवाल: राष्ट्रपति ट्रंप की भारत यात्रा को लेकर क्या कोई योजना है?
गोर: राष्ट्रपति ट्रंप भारत आने के इच्छुक हैं और प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें निमंत्रण भी दिया है। फिलहाल कोई तारीख तय नहीं हुई है, क्योंकि अमेरिका में चुनावी कार्यक्रमों के चलते उनका शेड्यूल व्यस्त है। लेकिन भारत उनकी प्राथमिकता वाले देशों में शामिल है।

सवाल: प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व शैली के बारे में आपकी क्या राय है?
गोर: प्रधानमंत्री मोदी बेहद ऊर्जावान, सक्रिय और परिणामों पर केंद्रित नेता हैं। मुझे उनमें और राष्ट्रपति ट्रंप में कई समानताएं दिखाई देती हैं। दोनों नेता फैसलों को तेजी से लागू करने और ठोस नतीजे देने में विश्वास रखते हैं। यही सोच दोनों देशों के रिश्तों को भी मजबूत बनाती है।

सवाल: लोगों के बीच संबंध, H-1B वीजा और इमिग्रेशन को लेकर उठ रही चिंताओं पर आपका क्या कहना है?
गोर: अमेरिका की नई इमिग्रेशन नीतियां किसी एक देश को ध्यान में रखकर नहीं बनाई गई हैं। हमारा उद्देश्य पूरी व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाना है। भारत अमेरिका का अहम साझेदार है और दोनों देशों के बीच शिक्षा, व्यापार और लोगों का आवागमन आगे भी जारी रहेगा। हमारा दूतावास दुनिया के सबसे व्यस्त वीजा मिशनों में से एक है और यह सहयोग भविष्य में भी मजबूत रहेगा।

सवाल: ऊर्जा, निवेश और रणनीतिक साझेदारी को लेकर आपका विजन क्या है?
गोर: अमेरिका से भारत को ऊर्जा आपूर्ति लगातार बढ़ रही है, जिससे भारत को अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने में मदद मिलेगी। वहीं अमेज़न, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी अमेरिकी कंपनियां भारत में बड़े निवेश कर रही हैं, जबकि कई भारतीय कंपनियां अमेरिका में अपने कारोबार का विस्तार कर रही हैं। रक्षा, तकनीक, डेटा सेंटर और निवेश जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं।


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सवाल: आखिर में आपका संदेश?
गोर: भारत में मेरा पहला छह महीने का कार्यकाल बेहद सफल रहा है। हमारा लक्ष्य व्यापार, रक्षा, निवेश और रणनीतिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में ठोस परिणाम हासिल करना है। मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में भारत-अमेरिका संबंध पहले से कहीं अधिक मजबूत होंगे और दोनों देश मिलकर नई उपलब्धियां हासिल करेंगे।भारत में अपने कार्यकाल के छह महीने पूरे होने पर, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने शनिवार को कहा कि भारत-अमेरिका संबंध मजबूत हैं और इनकी नींव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच करीबी रिश्ते हैं।

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