डोनाल्ड ट्रंप ने फिर की डब्ल्यूएचओ की आलोचना, बोले- चीन के हाथ की कठपुतली है संस्था
- चीन के हाथ की कठपुतली है विश्व स्वास्थ्य संगठन: डोनाल्ड ट्रंप
- चीन पर प्रतिबंध नहीं लगाए होते तो अधिक लोगों की होती मौत
- मुझे लगता है कि उन्होंने बहुत खराब काम किया है: डोनाल्ड ट्रंप
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) पर एक बार फिर सोमवार को हमला बोला और कहा कि संयुक्त राष्ट्र का यह स्वास्थ्य निकाय चीन के हाथ की ‘कठपुतली’ है। ट्रंप ने दावा किया कि अगर उन्होंने चीन से यात्रा पर प्रतिबंध नहीं लगाए होते तो कोरोना वायरस से देश में और लोगों की मौत हुई होती जिसका स्वास्थ्य एजेंसी ने ‘विरोध’ किया था।
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, वे (डब्ल्यूएचओ) चीन के हाथ की कठपुतली हैं। सही ढंग से कहा जाए तो वे चीन केंद्रित हैं। लेकिन वे हैं चीन के हाथ की कठपुतली ही। ट्रंप ने एक सवाल के जवाब में कहा, मुझे लगता है कि उन्होंने बहुत खराब काम किया है। अमेरिका उन्हें हर साल 45 करोड़ डॉलर देता है। चीन उनको साल में 3.8 करोड़ डॉलर का भुगतान करता है।”
ट्रंप ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन जनवरी अंत में चीन से यात्रा पर प्रतिबंध लगाए जाने के खिलाफ था। उन्होंने कहा, डब्ल्यूएचओ इसके खिलाफ था। वे मेरे प्रतिबंध लगाने के खिलाफ थे। उन्होंने कहा था कि आपको इसकी जरूरत नहीं है, ये बहुत ज्यादा है और बेहद सख्त है लेकिन वे गलत साबित हुए। ट्रंप ने कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार एवं पूर्व उपराष्ट्रपति जो बाइडेन भी इस प्रतिबंध के खिलाफ थे।
उन्होंने कहा, सुस्त जो बाइडेन ने भी यही बात कही थी। उन्होंने कहा कि मैं विदेशी लोगों से नफरत करता हूं। ऐसा इसलिए कहा गया क्योंकि मैंने कहा था कि चीन से आने वाले लोग देश में प्रवेश नहीं कर सकते। आप अब बहुत जल्दी हमारे देश में प्रवेश नहीं कर सकते। और बाइडेन ने कहा कि मैं विदेशियों से नफरत करता हूं।
ट्रंप ने कहा, अगर मैंने प्रतिबंध नहीं लगाया होता, तो इस देश ने हजारों और लोगों को गंवा दिया होता। यह बहुत महत्त्वपूर्ण प्रतिबंध था। लोग प्रतिबंध के बारे में बात करना पसंद नहीं करते लेकिन यह बहुत महत्त्वपूर्ण था। राष्ट्रपति ने दावा किया कि उन्हें छोड़कर कोई नहीं चाहता था कि यह प्रतिबंध लगाया जाए।