US: 'अगले चार साल पढ़ने के लिए मत आइए अमेरिका', ट्रंप के फैसलों के बाद एक छात्र की पोस्ट पर छिड़ी बहस
एक छात्र ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कोचिंग माफिया घोटाले कर रहा है। अमेरिका को दूध और शहद की जमीन बता रहा है। इसलिए अगले तीन से चार साल तक अमेरिका न आएं। इस पर ऑनलाइन बहस छिड़ गई है। कई छात्रों ने उसका समर्थन किया तो कई छात्र पोस्ट के विरोध में उतरे।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसलों ने हर वर्ग को प्रभावित किया है। अमेरिका के हालात को देखते हुए एक छात्र ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा कि अगले चार साल पढ़ने के लिए अमेरिका मत आइए। इस पर ऑनलाइन बहस छिड़ गई है। कई छात्रों ने उसका समर्थन किया तो कई छात्र पोस्ट के विरोध में उतरे।
अमेरिका के विवि से मास्टर ऑफ साइंस करने वाले एक छात्र ने लिखा कि कोचिंग माफिया घोटाले कर रहा है। अमेरिका को दूध और शहद की जमीन बता रहा है। इसलिए अगले तीन से चार साल तक अमेरिका न आएं। छात्र ने कहा कि छात्र नौकरी पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, मैंने कई भारतीय छात्रों को अवसाद में जाते हुए देखा है। अमेरिकी विश्वविद्यालय आपका पैसा ले लेंगे और आप भारी कर्ज और अवसाद का शिकार हो जाएंगे।
छात्र की सोशल मीडिया पोस्ट तेजी से वायरल हुई और इस पर बहस छिड़ गई। कुछ छात्र पोस्ट से सहमत नजर आए। उन्होंने स्नातक करने के बाद नौकरी पाने में हुई कठिनाई और स्टूडेंट लोन के बोझ के बारे में बताया। जबकि कुछ ने अमेरिका में पढ़ने के फैसले को सही बताते हुए अंतरराष्ट्रीय अनुभव प्राप्त करने का मौका पाने की बात कही।
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एक यूजर ने पोस्ट पर लिखा कि अमेरिका में 202 तक स्नातक होने से पहले ही नौकरी के तीन प्रस्ताव मिल जाते थे। लेकिन अब स्नातक होने के एक साल बाद भी कोई प्रस्ताव नहीं है। यहां केवल तब आएं जब आप अमीर हों या रिस्क लेने की क्षमता हो। आप विवि को दिया पैसा गंवाने का रिस्क ले सकते हों।
एक अन्य यूजर ने लिखा कि मैंने 2024 में स्नातक किया है। बहुत से लोगों को अब तक नौकरी नहीं मिली है। एक और यूजर ने लिखा कि अगर अमेरिका आना है तो अगले दो साल तक प्रतीक्षा करना बेहतर होगा और जब तक आप स्नातक होंगे, नीतियों पर स्पष्टता होगी। एक और यूजर ने कहा कि विदेश जाने पर रोक लगाओ। एनआरआई औसतन 150 हजार डॉलर प्रति वर्ष कमा रहे हैं, जबकि निवासी भारतीयों को इतना पैसा कमाने के लिए अपना पूरा करियर लगाना पड़ेगा।
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सीखने की जरूरत
एक अन्य यूजर ने अमेरिका में पढ़ने के अपने फैसले का बचाव किया। उसने कहा कि यह कठिन था, लेकिन यहां का अनुभव और सीख जरूरी है। एक तीसरा यूजर लिखता है कि डर फैलाने और गेटकीपिंग बंद करो। समय कठिन है, हर कोई यह समझता है। लेकिन अगर आप 20 वर्ष से कम आयु के किसी कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं, तो अमेरिका में आपका रास्ता उतना बुरा नहीं होगा, जितना लोग बता रहे हैं।
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