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अमेरिका: 1964 के नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं की हत्या से जुड़े दस्तावेज किए गए सार्वजनिक
Mon, 28 Jun 2021 12:57 AM IST
Kuldeep Singh
पीटीआई, जैकसन
पीटीआई, जैकसन
Published by: Kuldeep Singh
Updated Mon, 28 Jun 2021 12:57 AM IST
सार
- वर्ष 1964 से 2007 तक पूर्व की सीलबंद सामग्री को 2019 में मिसिसिपी के अटॉर्नी जनरल के कार्यालय से मिसिसिपी अभिलेखागार एवं इतिहास विभाग भेज दिया गया। इसमें पीड़ितों के शवों की तस्वीर, पोस्टमार्टम के बाद की तस्वीर के साथ कब्र के स्थान की तस्वीर भी शामिल है।
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1964 के नागरिक अधिकार कार्यकर्ता
- फोटो : social media
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विस्तार
अमेरिका के मिसिसिपी में तीन नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं की हत्या के संबंध में जांच से जुड़ी केस फाइलों, तस्वीरों और अन्य रिकॉर्ड को घटना के 57 साल बाद सार्वजनिक किया गया है।
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नेशोबा काउंटी में वर्ष 1964 में नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं जेम्स चानी, एंड्रयू गुडमैन, और माइकल श्वार्नर की हत्या की घटना से राष्ट्रीय आक्रोश पैदा हुआ था, जिसके बाद 1964 के नागरिक अधिकार कानून के पारित होने में मदद मिली थी। बाद में इन पर मिसिसिपी बर्निंग फिल्म बनी थी।
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वर्ष 1964 से 2007 तक पूर्व की सीलबंद सामग्री को 2019 में मिसिसिपी के अटॉर्नी जनरल के कार्यालय से मिसिसिपी अभिलेखागार एवं इतिहास विभाग भेज दिया गया। पिछले सप्ताह तक वे जैकसन में विलियम एफ विंटर आर्काइव्स एंड हिस्ट्री बिल्डिंग में आम लोगों के लिए उपलब्ध रहे।
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इन रिकॉर्ड में मामले से जुड़ी फाइलें, संघीय जांच ब्यूरो का ज्ञापन, शोध नोट और संघीय सूचनात्मक रिपोर्ट तथा गवाहों के बयान शामिल हैं। मिसिसिपी अभिलेखागार एवं इतिहास विभाग की घोषणा के अनुसार इसमें पीड़ितों के शवों की तस्वीर, पोस्टमार्टम के बाद की तस्वीर के साथ कब्र के स्थान की तस्वीर भी शामिल है।
फ्रीडम समर के तीनों कार्यकर्ताओं की उम्र करीब 20 साल थी। वे फिलाडेल्फिया, मिसिसिपी के निकट अश्वेतों के एक गिरजाघर को जलाये जाने के मामले की जांच कर रहे थे, तभी जून 1964 में वे लापता हो गये।
फिलाडेल्फिया में एक डिप्टी शेरिफ ने उन्हें यातायात नियमों के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किया और बाद में भीड़ से चेतावनी मिलने पर उन्हें रिहा कर दिया। मिसिसिपी के तत्कालीन गवर्नर ने दावा किया कि उनका लापता होना एक छलावा था। अलगाववादी सीनेटर जिम ईस्टलैंड ने राष्ट्रपति लिंडन जॉनसन को बताया कि उनके शवों को दफनाने से पहले यह प्रचार का हथकंडा था।
वर्ष 1967 के मामले में 19 लोगों को संघीय आरोप में आरोपी बनाया गया। इनमें से सात को पीड़ितों के नागरिक अधिकारों के हनन का दोषी पाया गया। वर्ष 2004 में मिसिसिपी के अटॉनी जनरल के कार्यालय ने जांच फिर शुरू की। जून 2005 में जांच में 1960 के दशक के कु क्लक्स क्लान के नेता और बाप्टिस्ट मंत्री इजर रे किलेन को नरसंहार के आरोपों में दोषी पाया गया।