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US: पन्नूं के सिखों को उड़ान न भरने की धमकी देने पर हंगामा, SFJ को नो फ्लाई लिस्ट में शामिल करने की मांग
Tue, 21 Nov 2023 11:44 AM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Tue, 21 Nov 2023 11:44 AM IST
सार
एफआईआईडीएस खांडेराव कंद ने कहा कि कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने आतंकवाद की स्वतंत्रता के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को गलत तरीके से पेश किया है। भारत के खिलाफ उनके आरोपों ने कनाडा में हिंदू विरोधी अपराधों को भड़काया है।
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Terrorist Pannu
- फोटो : Social Media
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विस्तार
अमेरिका में प्रवासी भारतीयों के एक पैनल ने आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नूं और उसके प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) को 'नो फ्लाई लिस्ट' में शामिल करने की मांग की है। दरअसल, भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार को पन्नूं के खिलाफ 'भारत में परिवहन क्षेत्र को लक्षित और बाधित करने' के कथित प्रयास के लिए मामला दर्ज किया है। पन्नूं ने एक वीडियो जारी कर सिखों को जान का खतरा बताते हुए 19 नवंबर और उसके बाद एयर इंडिया से उड़ान न भरने की सलाह दी है।
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अलगाववादी सिख नेता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें
भारतीय-अमेरिकियों और भारतीय-कनाडाई लोगों के एक समूह 'फाउंडेशन फॉर इंडिया एंड इंडियन डायस्पोरा स्टडीज' (एफआईआईडीएस) ने कनाडा के अंदर आतंक और नफरत फैलाने को लेकर पैनल चर्चा के प्रतिभागियों ने जोर देकर कहा कि अब समय आ गया है कि सरकारें एसएफजे के अलगाववादी सिख नेता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।
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भारत विरोधी गतिविधियों एसएफजे पर प्रतिबंध
एसएफजे अमेरिका स्थित एक संगठन है, जिसे भारत विरोधी गतिविधियों के लिए गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत भारत में प्रतिबंधित किया है। इस समूह पर साल 2019 में प्रतिबंध लगाया गया था। वहीं, एक जुलाई 2020 में पन्नुन को अलगाववाद को बढ़ावा देने और पंजाबी सिख युवाओं को हथियार उठाने के लिए कथित तौर पर प्रोत्साहित करने के लिए यूएपीए के तहत व्यक्तिगत आतंकवादी भी घोषित किया गया था।
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अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को गलत तरीके से पेश किया
एफआईआईडीएस खांडेराव कंद ने कहा, 'कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने आतंकवाद की स्वतंत्रता के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को गलत तरीके से पेश किया है। साथ ही निज्जर की हत्या के लिए भारत के खिलाफ उनके आरोपों ने कनाडा में भारत विरोधी और हिंदू विरोधी अपराधों को भड़काया है। ऐसा लगता है कि उनकी नीतियां चरमपंथ के खतरों की अनदेखी कर रही हैं जो कनाडा पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा।'
नो फ्लाई लिस्ट में क्यों नहीं रखा
कंद ने आगे कहा, 'पैनल के सदस्यों ने सवाल किया कि गुरपतवंत पन्नूं और एसएफजे के सदस्यों को एयर इंडिया से यात्रा करने की धमकी देने के लिए नो फ्लाई लिस्ट में क्यों नहीं रखा गया है?'
नफरत के ऐतिहासिक बीज बोए
इसके अलावा, कैलिफोर्निया स्थित सुखी चहल ने कहा कि अंग्रेजों और कांग्रेस पार्टी दोनों ने हिंदुओं और सिखों के बीच नफरत के ऐतिहासिक बीज बोए थे। सिख फॉर जस्टिस ने सिखों का प्रतिनिधित्व नहीं किया बल्कि हिंदुओं तथा सिखों के खिलाफ नफरत का प्रचार किया। चहल ने सामूहिक जिम्मेदारी से इस विमर्श को खत्म करने, मूक सिख समुदाय के साथ जुड़ने और यह स्वीकार करने का आग्रह किया कि कई सिख नकली खालिस्तानियों के प्रभाव का शिकार हुए हैं, जिन्हें पश्चिमी राज्यों द्वारा अच्छी तरह से वित्त पोषित किया जाता है।
उदारवादी आवाजों को दबा रहे
कनाडा की रुचि वालिया ने हिंदुओं और सिखों की एकता के महत्व का उल्लेख किया। वहीं, कैनेडियन हिंदूज फॉर हार्मनी के प्रवक्ता विजय जैन ने जोर देकर कहा कि कट्टरपंथी उदारवादी आवाजों को दबा रहे हैं और शांति व सद्भाव के लिए खतरा हैं। उन्होंने सामुदायिक और राजनीतिक स्तर पर जुड़ाव के महत्व पर जोर दिया।
45 साल पहले कनाडा...
एफआईआईडीएस के विश्लेषक मोहन सोंटी ने कहा कि कनाडा में भारतीयों को मौजूदा खतरा, विशेष रूप से खालिस्तानी आतंकवादियों से करीब 45 साल पहले कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री के पिता पियरे ट्रूडो के साथ उत्पन्न हुआ था।