{"_id":"5e08419a8ebc3e87eb43d56a","slug":"dg-of-border-guards-bangladesh-md-shafeenul-islam-we-have-not-found-bangladeshi-pushed-back-india","type":"story","status":"publish","title_hn":"बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड के डीजी ने कहा, एनआरसी भारत सरकार का आंतरिक मामला","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड के डीजी ने कहा, एनआरसी भारत सरकार का आंतरिक मामला
Sun, 29 Dec 2019 08:41 PM IST
अनवर अंसारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढ़ाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढ़ाका
Published by: अनवर अंसारी
Updated Sun, 29 Dec 2019 08:41 PM IST
विज्ञापन
बीजीबी के महानिदेशक मेजर जनरल शफीनुल इस्लाम और बीएसएफ के महानिदेशक वी के जौहरी
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांग्लादेश ने एक बार फिर राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) से लेकर नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) तक को भारत का आंतरिक मामला बताया है। बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड (बीजीबी) के महानिदेशक मेजर जनरल शफीनुल इस्लाम ने रविवार को कहा कि एनआरसी के निर्माण की प्रक्रिया पूरी तरह भारत सरकार का आंतरिक मामला है। साथ ही यह भी दावा किया कि बीजीबी भारत में अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रही है।
विज्ञापन
मेजर जनरल इस्लाम इस समय द्विपक्षीय दौरे पर भारत आए हुए हैं। इस दौरान वह बीएसएफ के अपने समकक्ष वीके जौहरी के साथ डीजी स्तर की द्विपक्षीय वार्ता में दोनों देशों के बीच सीमा पर घुसपैठ व अन्य मुद्दों से जुड़ी चर्चा में हिस्सेदारी करेंगे।
विज्ञापन
इस्लाम ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि दोनों देशों के सीमा सुरक्षा बलों के बीच सहयोग बेहद अच्छा है। उन्होंने एनआरसी को भारत का आंतरिक मामला बताया। साथ ही नागरिकता संशोधन कानून के प्रावधानों को लेकर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
विज्ञापन
हाल ही में भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पश्चिम बंगाल में एक बीजीबी सैनिक द्वारा एक बीएसएफ जवान की हत्या के मुद्दे को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण, अनुचित और अप्रत्याशित घटना बताया। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच जारी है और हम जरूरी कार्रवाई करेंगे।
इस दौरान बीएसएफ के डीजी वीके जौहरी ने भी इस घटना को अनुचित और दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि इससे बहुत कुछ सीखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि हम बांग्लादेश के साथ लगती नदी सीमा पर हुई इस घटना को ध्यान में रखकर एक विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया तैयार कर रहे हैं।
भारत द्वारा भेजा गया कोई भी बांग्लादेशी नहीं मिला
साथ ही, मेजर जनरल शफीनुल इस्लाम ने कहा है कि हमें भारत द्वारा वापस भेजा गया कोई भी बांग्लादेशी नहीं मिला है। जितने भी लोग सीमा पार कर वापस बांग्लादेश आए हैं। वे सभी अपनी इच्छा से यहां वापस आए हैं।
शफीनुल इस्लाम ने कहा है कि लोग परिवारों और रिश्तेदारों से मिलने सहित अलग-अलग कारणों से सीमा पार करते हैं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश को भारत द्वारा देश वापस भेजा गया कोई भी बांग्लादेशी नहीं मिला है।
300 लोगों को बिना दस्तावेजों को पकड़ा: मेजर शफीनुल इस्लाम
शफीनुल ने कहा कि जितने भी लोग सीमा पार कर वापस बांग्लादेश आए हैं। वे सभी अपनी इच्छा से यहां वापस आए हैं। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में लगभग 300 लोगों को बिना दस्तावेजों के सीमा पार करते पकड़ा गया है।
गौरतलब है कि भारत सरकार ने अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए पूरे देश में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) लिस्ट बनाने की बात कही है। इसके बाद से ही बांग्लादेश में घुसपैठ की घटनाएं बढ़ गई हैं। बांग्लादेश सीमा पुलिस ने इससे पहले नवंबर महीने में बताया था कि उन्होंने तीन सप्ताह में 300 से ज्यादा लोगों को सीमा पर घुसपैठ करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
बांग्लादेश सीमा पुलिस ने बताया था कि पकड़े गए लोगों ने खुद को बांग्लादेशी नागरिक बताया। हालांकि इन लोगों के पास खुद को बांग्लादेशी साबित करने का कोई दस्तावेज नहीं थे।
बताया गया था कि जो लोग गिरफ्तार किए गए हैं उन्होंने अपने बचाव में कहा है कि वह चार-पांच साल पहले बांग्लादेश छोड़कर भारत चले गए। भारत में वो कर्नाटक के बंगलूरू और असम में रहे। हालांकि, जबसे भारत सरकार ने घोषणा की है कि वह असम के बाद पूरे देश में एनआरसी लिस्ट तैयार कराएगी, इसके बाद से ही गिरफ्तारी से बचने के लिए सभी लोग लौट रहे हैं।