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Rahul Gandhi US Visit: आइडिया ऑफ शिव, देवता से लेकर बुद्ध, भारत जोड़ो यात्रा तक, राहुल ने क्या-क्या बोला?
Mon, 09 Sep 2024 09:54 AM IST
काव्या मिश्रा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Mon, 09 Sep 2024 09:54 AM IST
सार
राहुल गांधी अमेरिका की तीन दिवसीय अनौपचारिक यात्रा पर हैं। इस दौरान उन्होंने डलास, टेक्सास और वाशिंगटन डीसी में भारतीय प्रवासियों और युवाओं से बातचीत की।
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राहुल गांधी
- फोटो : एएनआई
विस्तार
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इस समय अमेरिका के तीन दिनों के दौरे पर हैं। इस दौरान डलास स्थित टेक्सास विश्वविद्यालय में छात्रों और शिक्षाविदों से बाचतीच की। उन्होंने भारत जोड़ो यात्रा, बेरोजगारी और महंगाई से लेकर शिव तथा बुद्ध तक पर चर्चा की।
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लोगों तक बात पहुंचाने के सभी रास्ते बंद कर दिए गए थे, इसलिए...
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा ने राजनीति में प्यार का विचार पेश किया। इसके आयोजन के कारणों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा के पीछे का कारण यह था कि भारत में लोगों तक बात पहुंचाने के सभी रास्ते बंद कर दिए गए थे। हमने जो भी किया, वह सब बंद था। हमने संसद में बात की। यह टेलीविजन पर नहीं दिखाया गया। हम मीडिया के पास जाते हैं, वे हमारी बात नहीं सुनते। हम कानूनी व्यवस्था के पास भी दस्तावेज लेकर जाते हैं, लेकिन कुछ नहीं होता। इसलिए हमारे सभी रास्ते बंद थे। लंबे समय तक हम समझ नहीं पाए कि बात कैसे करें, लोगों तक अपनी बात कैसे पहुंचाएं और फिर अचानक हमें यह विचार आया कि देशभर में पैदल चलने से बेहतर तरीका और क्या हो सकता है? और इसलिए हमने यह किया।
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राहुल ने कहा, 'यह चौंकाने वाली बात है कि इतना सब कुछ आसान रहा। इससे मेरे काम के बारे में सोचने के तरीके में बदलाव आया। इससे राजनीति को देखने के मेरे तरीके, हमारे लोगों को देखने के मेरे तरीके, बात करने के तरीके, सुनने के तरीके में पूरी तरह से बदलाव आया। मेरे लिए सबसे शक्तिशाली चीज जो हुई, वह यह थी कि हमने निश्चित रूप से भारत में पहली बार (संभवतः कई देशों में पहली बार) राजनीति में 'प्यार' के विचार को पेश किया।'
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उन्होंने कहा, 'यह अजीब है क्योंकि अधिकांश देशों में राजनीतिक बातचीत या प्रतिद्वंद्विता में आपको 'प्यार' शब्द कभी नहीं मिलेगा। आपको नफरत, गुस्सा, अन्याय, भ्रष्टाचार मिलेगा। 'भारत जोड़ो यात्रा' ने वास्तव में उस विचार को भारतीय राजनीतिक प्रणाली में पेश किया और मुझे इस बात पर आश्चर्य है कि यह विचार कैसे काम कर रहा है।'
देवता शब्द पर यह बोले राहुल गांधी
कांग्रेस सांसद ने देवता शब्द के अर्थ पर भी बात की। उन्होंने देवता शब्द का अर्थ बताते हुए कहा कि देवता आखिर कौन होता है? देवता ऐसा शख्स है, जिसकी अंदरूनी भावनाएं ठीक वैसी ही होती हैं, जैसी उसकी बाहरी अभिव्यक्ति। इसका सीधा सा मतलब है कि जो साफ दिल का शख्स है और पूरी तरह से पारदर्शी है। वह देवता है।
उन्होंने कहा, 'अगर कोई शख्स मुझे वह सब बता देता है, जो वह सोचता है, उसे खुले तौर पर जाहिर कर देता है तो वही देवता है। वह असल मायने में देवता है।'
हमारे ऐतिहासिक नायकों को देखें...
उन्होंने आगे कहा कि अगर हम हमारे ऐतिहासिक नायकों को देखें तो आपको सब महान नजर आएंगे। जैसे आप बुद्ध को देखें तो वह महानता का प्रतिनिधित्व करते हैं। आप भगवान राम और महात्मा गांधी को देख सकते हैं। दरअसल, सामान्य बात पहचान (Identity) के विनाश का है। खुद के अहम को खत्म करने और दूसरों को सुनने का है।
राहुल ने कहा कि हमारी राजनीति के बारे में दिलचस्प बात यह है कि आप अपने विचारों को कैसे दबाते हैं? आप अपने डर, लालच या महत्वाकांक्षाओं को दबाकर दूसरों के डर और महत्वाकांक्षाओं पर कैसे फोकस करते हैं।
भारत के नेता अमेरिकी नेताओं से अलग
उन्होंने कहा, 'मेरे लिए यही भारतीय राजनीति है, यही भारतीय राजनीति का दिल है और यही भारतीय नेताओं को परिभाषित करता है। इसी तरह भारत के नेता अमेरिकी नेताओं से अलग है। अमेरिका नेता कहते हैं कि सुनो, हमें वहां जाना है। मैं आपको वहां ले चलूंगा। वहीं दूसरी तरफ भारत के नेता खुद को चुनौती देते हैं। यह एक अलग कॉन्सेप्ट है। कुछ तरीकों से भारत जोड़ो यात्रा मेरे लिए एक चुनौती थी। 4000 किलोमीटर की यात्रा। इससे अलग तरीके से सोचने को मिला, लोगों के साथ बेहतरीन रिश्ता बना।'
शिव क्या है?
राहुल गांधी ने कहा कि आप शिव के विचार के बारे मे जानते हैं? जब वे कहते हैं कि शिव विनाशक हैं तो वह किसका विनाश कर रहे हैं? खुद का। यही विचार है। वह अपने अहम, अपनी संरचना और अपनी मान्यताओं का विनाश कर रहे हैं। इस तरह भारतीय राजनीति का विचार आगे बढ़ना है।
बता दें कि राहुल गांधी अमेरिका के तीन दिनों के दौरे पर हैं। उन्होंने अपनी अमेरिकी यात्रा के पहले दिन आठ सितंबर को डलास में यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास के छात्रों और शिक्षाविदों से बातचीत की।
तीन दिवसीय अनौपचारिक यात्रा पर राहुल
दरअसल, राहुल गांधी अमेरिका की तीन दिवसीय अनौपचारिक यात्रा पर हैं। इस दौरान डलास में भारतीय प्रवासियों और युवाओं से बातचीत की। वाशिंगटन डीसी की अपनी यात्रा के दौरान वह सांसदों और अमेरिकी सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मिल सकते हैं। वह शनिवार रात को डलास पहुंचे थे। इंडियन नेशनल ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा और इसकी अमेरिकी विंग के अध्यक्ष मोहिंदर गिलजियान ने उनका स्वागत किया था।