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सोशल मीडिया से सबसे अधिक खतरे में लड़कियां, ज्यादा इस्तेमाल से हो सकता है डिप्रेशन
Sat, 12 Jan 2019 12:17 PM IST
Shilpa Thakur
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shilpa Thakur
Updated Sat, 12 Jan 2019 12:17 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : pexels.com
सोशल मीडिया आज के समय में जीवन का एक अहम हिस्सा बन चुका है। दुनियाभर के अधिकतर लोग इसपर एक्टिव रहते हैं। जिसमें युवाओं की संख्या सबसे अधिक है। इसका प्रभाव न केवल रिश्तों पर पड़ रहा है बल्कि मानसिक रूप से भी ये लोगों को परेशान कर रहा है। हाल ही में हुए एक शोध में इस बात का खुलासा हुआ है। इस शोध में लड़कियों को लेकर अच्छी खबर नहीं है।
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शोध में कहा गया है कि सोशल मीडिया से लड़कियां डिप्रेशन का शिकार हो रही हैं। आमतौर पर देखा भी जाता है कि युवा तनाव में अधिक ग्रस्त रहते हैं। पहले के समय में जब सोशल मीडिया नहीं था तब डिप्रेशन के मरीजों की संख्या उतनी नहीं थी जितनी अब है।
यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (यूसीएल) की यवोन्ने केली की अगुवाई में शोधकर्ताओं को पता चला कि सोशल मीडिया पर पांच घंटे से अधिक समय बिताना बेहद खतरनाक हो सकता है। सोशल मीडिया पर पांच घंटे से अधिक समय बिताने वाली करीब 40 फीसदी लड़कियों में अवसाद के लक्षण दिखे हैं। इस शोध में करीब 11 हजार लोगों को शामिल किया गया था।
लड़कों में कम है खतरा
सोशल मीडिया पर समय बिताने वाले युवाओं में लड़कियों के मुकाबले लड़कों की संख्या कम है। यह दर लड़कों में 15 फीसदी से भी कम है। रॉयल कॉलेज ऑफ सायकायट्रिस्ट्स के पूर्व अध्यक्ष साइमन वेस्ली का कहना है कि इस अंतर के पीछे की वजह पता लगा पाना मुश्किल है। ये शोध 'ईक्लिनिकलमेडिसीन' पत्रिका में प्रकाशित किया गया है।