अमेरिका में मंडराया बेघर होने का खतरा: मकान बेदखली रोकने में नाकामी महंगी पड़ सकती है डेमोक्रेटिक पार्टी को
अमेरिकी कांग्रेस (संसद) के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में बीते शुक्रवार को बेदखली पर रोक बढ़ाने का प्रस्ताव लाया गया, लेकिन डेमोक्रेटिक पार्टी के अंदर अनिश्चय के कारण उसे पारित नहीं कराया जा सका...
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अमेरिका में मकान बेखदली पर रोक की सीमा हटने के साथ ही एक तरफ जहां लाखों लोगों के बेघर हो जाने का खतरा पैदा हो गया है, वहीं इस मुद्दे पर सत्ताधारी डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर गहरा विवाद खड़ा हो गया है। किराया न चुका सकने वाले लोगों को बेदखल करने पर रोक पिछले साल कोरोना राहत पैकेज के तहत लगाई गई थी। ये समयसीमा 31 जुलाई की आधी रात उस समय खत्म हो गई। ऐसा उस समय हुआ है, जब अमेरिका में कोरोना वायरस के डेल्टा वैरिएंट के फैलाव के कारण महामारी के लौटने का अंदेशा खड़ा हो गया है।
अमेरिकी कांग्रेस (संसद) के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में बीते शुक्रवार को बेदखली पर रोक बढ़ाने का प्रस्ताव लाया गया, लेकिन डेमोक्रेटिक पार्टी के अंदर अनिश्चय के कारण उसे पारित नहीं कराया जा सका। उसके बाद सदन छह हफ्तों के अवकाश के लिए स्थगित हो गया। डेमोक्रेटिक पार्टी के अंदर प्रोग्रेसिव खेमे ने इसके बाद खुल कर आरोप लगाए कि पार्टी के अंदर मौजूद मकान मालिकों की लॉबी ने बिल पारित नहीं होने दिया। सदन की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने बिल पास ना होने के लिए रिपब्लिकन पार्टी को दोषी ठहराया है। लेकिन ये बात लोगों के गले नहीं उतरी है, क्योंकि सदन में डेमोक्रेटिक पार्टी का बहुमत है।
नेतृत्व की इस नाकामी से नाराज डेमोक्रेटिक पार्टी के समर्थक समूहों ने सप्ताहांत में ट्विटर पर #ऑक्यूपाईकांग्रेस (कांग्रेस पर कब्जा करो) का हैशटैग ट्रेंड कराया। इससे नया विवाद खड़ा हो गया है। रिपब्लिकन पार्टी के कई समर्थकों ने इस हैशटैग की तुलना इस साल छह जनवरी को कैपिटॉल हिल (संसद भवन) पर हुए हमले से की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि डेमोक्रेटिक पार्टी के वामपंथी समर्थक लोगों को संसद भवन पर हमला बोलने के लिए उकसा रहे हैं।
राष्ट्रपति जो बाइडन ने अब किराया न चुका पाने वाले लोगों को राहत देने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों पर टालने की कोशिश की है। बेदखली की समयसीमा खत्म होने के बाद एक बयान में उन्होंने कहा- ‘हर राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन को अपने खजाने से धन का प्रावधान कर लोगों की बेदखली रोकने की कोशिश करनी चाहिए।’ उन्होंने कहा कि राज्य और स्थानीय प्रशासन आपातकालीन किराया सहायता और अमेरिकन बचाव योजना (कोरोना राहत पैकेज) के तहत संघीय सरकार से मिले कोष का उपयोग कर ऐसी सहायता दे सकते हैं।
अमेरिकी मीडिया में छपे अनुमानों के मुताबिक अमेरिका में इस समय डेढ़ करोड़ लोग ऐसे हैं, जिन्होंने अपना किराया नहीं चुकाया है। उन पर कुल मिल कर 20 अरब डॉलर का किराया बकाया है। एक अन्य अनुमान में बताया गया है कि अगर राज्य और स्थानीय प्रशासन से मदद नहीं मिली, तो 36 लाख लोग ऐसे हैं, जिनकी अगले एक हफ्ते के अंदर बेदखली हो सकती है।
पर्यवेक्षकों ने कहा है कि कॉरपोरेट सेक्टर के मकान मालिक अपने मकान खाली कराने के इंतजार में थे। आरोप है कि उनकी तरफ से हुई लॉबिंग के कारण ही बेदखली पर रोक का बिल पारित नहीं हो सका। इस मुद्दे पर सबसे ज्यादा गुस्से का शिकार डेमोक्रेटिक पार्टी है। चर्चाओं में ये आम शिकायत है कि डेमोक्रेटिक नेतृत्व ने सदन में पार्टी का बहुमत होने के बावजूद बिल पारित कराने के लिए जोर नहीं लगाया। इससे देश में लाखों लोग मुसीबत में पड़ गए हैं। इसकी भारी कीमत अगले साल पार्टी को संसदीय चुनाव में चुकानी पड़ सकती है।