Sindh: सिंध में राजनीतिक कार्यकर्ताओं के दमन पर दखल दे संयुक्त राष्ट्र; JSMM अध्यक्ष ने की गुटेरस से मांग
सिंधु नदी का जल मोड़कर नहरें बनाने के खिलाफ जारी आंदोलन रविवार रात हिंसक हो गया। दरअसल, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंटों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर गोलियां चलाईं। शफी बुरफत ने बताया कि दो अज्ञात वाहन प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और सशस्त्र कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की, जिसमें एक वकील और कुछ अन्य लोग घायल हो गए।
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उन्होंने कहा कि सिंधु नदी का जल मोड़कर नहरें बनाने के खिलाफ जारी आंदोलन रविवार रात उस समय हिंसक हो गया जब पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंटों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर गोलियां चलाईं। शफी बुरफत ने बताया कि दो अज्ञात वाहन प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और सशस्त्र कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की, जिसमें एक वकील और कुछ अन्य लोग घायल हो गए। इससे सिंधी वकीलों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और नागरिक समाज के सदस्यों की तरफ से शांति पूर्वक दिए जा रहे धरने की जगह पर आक्रोश फैल गया।
जेएसएमएम अध्यक्ष ने इसे पाकिस्तान सरकार की तरफ से जल अधिकार, भूमि संप्रभुता और सिंध के लिए राजनीतिक स्वतंत्रता की मांग करने वाले आंदोलन को दबाने की कोशिश करार दिया। उन्होंने कहा, संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों को सियासी कार्यकर्ताओं और नागरिकों के इस तरह के क्रूर दमन पर चुप्पी नहीं साधनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि संघर्ष की जड़ें 1945 के सिंध-पंजाब समझौते से जुड़ी ऐतिहासिक त्रुटियों में निहित हैं।
हिंदू राज्य मंत्री पर प्रदर्शनकारियों का हमला
पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक हिंदू राज्य मंत्री पर प्रदर्शनकारियों ने हमला बोल दिया। उन्होंने नई नहरों की योजना के खिलाफ रैली निकाली थी। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के सांसद खेल दास कोहिस्तानी, धार्मिक मामलों के राज्य मंत्री शनिवार को थट्टा जिले से गुजर रहे थे। तभी उनके काफिले पर प्रदर्शनकारियों ने टमाटर और आलू फेंके गए। उपद्रवियों ने संघीय सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए। अधिकारियों ने कहा कि हमले में कोहिस्तानी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने रेडियो पाकिस्तान के हवाले से बताया कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कोहिस्तानी को फोन किया और उन्हें घटना की गहन जांच का आश्वासन दिया। प्रधानमंत्री ने कहा, 'जन प्रतिनिधियों पर हमला अस्वीकार्य है। घटना में शामिल लोगों को कड़ी सजा दी जाएगी।' सूचना मंत्री अत्ता तरार ने सिंध के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) गुलाम नबी मेमन से घटना का ब्योरा मांगा और संघीय आंतरिक सचिव से रिपोर्ट मांगी।
कोहिस्तानी के बारे में जानिए
नेशनल असेंबली की वेबसाइट पर व्यक्तिगत विवरण के मुताबिक, कोहिस्तानी सिंध के जमशोरो जिले से हैं। 2018 में पीएमएल-एन से पहली बार संसद के सदस्य के रूप में चुने गए थे। पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद उन्हें 2024 में फिर से चुना गया। उन्हें राज्य मंत्री बनने के लिए पदोन्नति मिली।
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