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Corona Virus: कोरोना महामारी के बाद दिल की बीमारी से मरने वालों का आंकड़ा बढ़ा, स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा
Thu, 26 Jan 2023 02:48 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 26 Jan 2023 02:48 PM IST
सार
स्टडी में कहा गया है कि साल 2020 में कार्डियोवेस्कुलर डिजीज (दिल की बीमारियों) से मरने वालों की संख्या 9,28,741 है, जबकि 2019 में यह आंकड़ा 8,74,613 था।
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heart attack
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोरोना महामारी के दौरान मचे हाहाकार को बीते काफी समय गुजर गया है लेकिन अभी भी महामारी को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। ऐसा ही एक खुलासा अमेरिकी स्टडी में हुआ है, जिसमें दावा किया गया है कि कोरोना महामारी के बाद के बाद अमेरिका में दिल की बीमारियों से मरने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। स्टडी के अनुसार, कोरोना महामारी के एक साल बाद दिल की बीमारियों से मरने वाले लोगों की संख्या में 6.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
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यह स्टडी अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने हार्ट डिजीज एंड स्ट्रोक स्टेटिक्स 2023 के तहत की है। स्टडी में कहा गया है कि साल 2020 में कार्डियोवेस्कुलर डिजीज (दिल की बीमारियों) से मरने वालों की संख्या 9,28,741 है, जबकि 2019 में यह आंकड़ा 8,74,613 था। साल 2015 के बाद यह सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। इससे पहले साल 2003 में दिल की बीमारियों से अमेरिका में 9,10,000 लोगों की मौत हुई थी, उसके बाद 2020 में ही सबसे ज्यादा लोगों की जान दिल की बीमारियों से गई। यह स्टडी जर्नल सर्कुलेशन में छपी है।
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स्टडी में शामिल हावर्ड मेडिकल स्कूल के असिस्टेंट प्रोफेसर कोनी डब्लू सो का कहना है कि दिल की बीमारियों से मरने वालों का आंकड़ा तो बढ़ा ही है साथ ही बीते कई सालों में पहली बार उम्र संबंधी मृत्यु दर में भी 4.6 फीसदी की तेजी आई है। स्टडी में कहा गया है कि कोरोना महामारी से हर उम्र वर्ग के लोग प्रभावित हुए हैं। एशिया, अश्वेत और हिस्पैनिक लोगों में कोरोना से ज्यादा मौतें हुईं। स्टडी में दावा किया गया है कि कोरोना संक्रमण ने प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से लोगों के दिल पर असर किया है। वायरस के असर से शरीर में क्लोटिंग और संक्रमण की समस्या बढ़ गई है। बता दें कि कोरोनरी हार्ट डिजीज, स्ट्रोक, हार्ट फेल और हाइपरटेंशन, हाई ब्लड प्रेशर सभी कार्डियोवेस्कुलर डिजीज में आती हैं। दिल की धमनियों में क्लोटिंग अमेरिका में मौत का सबसे बड़ा कारण रही।
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