{"_id":"5eb37081cfb003502c180d7c","slug":"cyber-threats-are-increasing-during-lockdown-gangs-of-spammers-are-active","type":"story","status":"publish","title_hn":"लॉकडाउन के दौरान बढ़ रहे हैं साइबर खतरे, स्पैमर्स के गिरोह हो गए हैं अधिक सक्रिय","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
लॉकडाउन के दौरान बढ़ रहे हैं साइबर खतरे, स्पैमर्स के गिरोह हो गए हैं अधिक सक्रिय
Thu, 07 May 2020 07:51 AM IST
संजीव कुमार झा
डिजिटल ब्यूरो, काठमांडू
डिजिटल ब्यूरो, काठमांडू
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Thu, 07 May 2020 07:51 AM IST
सार
- नेपाल के कई वेबिनार और वीडियो कांफ्रेंसिग में स्पैमर्स की घुसपैठ
- जूम, स्काइप, मैसेन्जर से निजता को खतरा, डाटा हो सकता है सार्वजनिक
विज्ञापन
Cyber Crime
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
लंबे समय तक लॉकडाउन और घर से डिजिटल तरीके से काम करने की वजह से नेपाल ही नहीं पूरी दुनिया में इंटरनेट का इस्तेमाल पहले से 50 फीसदी ज्यादा हो गया है। वेबिनार, वीडियो क्रांफ्रेंसिग औऱ डिजिटल क्लासेज का चलन लगातार बढ़ने से साइबर खतरे काफी बढ़ गए हैं। नेपाल में पिछले दिनों ऐसे कई मामले सामने आए जब वीडियो कांफ्रेंसिंग और वेबिनार के दौरान स्पैमर्स ने घुसपैठ की और लोगोंके एकाउंट हैक करने की कोशिशें हुईं।
विज्ञापन
गूगल मीट एप्लिकेशन के जरिये नेपाल में पिछले दिनों हुए एक वेबिनार में स्पैमर ने घुसपैठ की लेकिन उसे बाद में हटा दिया गया। उसी तरह 29 अप्रैल को भी एक वेबिनार इसी वजह से बीच में ही खत्म कर देना पड़ा क्योंकि यहां स्पैमर्स के एक पूरे गिरोह ने घुसपैठ की, जिनका पता लगाना मुश्किल हो गया। ऐसे हमले ज्यादातर लड़कियों या महिलाओं की ओर से आयोजित ई कार्यक्रमों में खास तौर से हो रहे हैं। इस दौरान अश्लील टिप्पणियां करना और एकाउंट के बीच में आकर कार्यक्रम को बरबाद करने की कोशिश करने जैसी हरकतें शामिल है।
विज्ञापन
जेनेसिस क्लाउड अकादमी की सीईओ अंजली फुयाल के मुताबिक उन्होंने ईमेल के जरिये ऐसे स्पैमर्स को पकड़ने की कोशिश की तो पता चला कि नेपाल में ऐसे स्पैमर्स बहुत ही सुनियोजित तरीके से गिरोह बनाकर काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि स्पैमर्स ने फेसबुक पर फर्जी अकाउंट बनाकर देश विदेश में होने वाले हर तरह के वेबिनार की जानकारी इकट्ठा करते हैं और जैसे ही वेबिनार शुरु होता है, वो स्पैम के जरिये उसमे व्यवधान डालने और घुसपैठ करने की कोशिशें तेज कर देते हैं।
विज्ञापन
ये पता चला है कि स्पैमर्स का यह गिरोह कॉलेज के छात्रों का है जो इस साइबर क्राइम का अंजाम नहीं जानते। तमाम आईटी कंपनियों और इससे जुड़े लोगों ने सरकार से मांग की है कि ऐसे वक्त में साइबर कानूनों को सख्ती से पालन करना और दोषियों को सजा देना जरूरी है।
साइबर मामलों के जानकार सचिन ठाकुरी के मुताबिक लॉकडाउन के दौरान जो लोग भी वेबिनार या वीडियो कांफ्रेंसिंग का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें साइबर सुरक्षा के तौर तरीके भी समझना चाहिए। ये जरूरी है कि सरकार साइबर कानूनों को सख्त करे, लेकिन यूजर्स को भी इसकी सुरक्षा मानकों को समझने की जरूरत है।
सूचना और तकनीकी मामलों के मंत्रालय के एक अधिकारी लोकराज शर्मा का कहना है कि सरकार को इसके बारे में पूरी जानकारी है। दरअसल कोरोना वायरस की वजह से अचानक हुए लॉकडाउन में इसकी सुरक्षा तौयारियों का मौका नहीं मिला, लेकिन इन घटनाओं को देखते हुए सरकार अब इसके लिए एक दीर्घकालिक योजना बनाने में लगी है।
उनके मुताबिक जूम, स्काइप और मैसेन्जर का इस्तेमाल करते हुए हमें ध्यान रखना चाहिए कि इससे हमारी तमाम सूचनाएं और डाटा कहीं भी जा सकता है जो हमारी प्राइवेसी के लिए बहुत बड़ा खतरा हो सकता है।