अमेरिका में सुनियोजित ठगी के कारण तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध
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बीते कुछ समय में सुनियोजित ठगी के कारण अमेरिका में साइबर अपराध तेजी से बढ़े हैं। अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी (एफबीआई) के मुताबिक, 2015 में ऑनलाइन अपराधों के कारण 22 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ, जो 2019 में बढ़कर 1.5 अरब डॉलर हो गया।
एफबीआई के विशेष एजेंट गैबरियल गुंडरसन ने बताया कि ऐसे साइबर अपराधों के पीछे सबसे बड़ा कारण ऐसे ई-मेल रहे जो बेहद ही सुनियोजित तरीके से तैयार किए गए थे। इसमें साइबर अपराधी पीड़ित और कंपनी के बीच हो रही बातचीत की जासूसी करता है। इसके बाद कंपनी के ई-मेल से मिलता जुलता ई-मेल तैयार करता है। ऐसे ई-मेल में जानकारी काफी विस्तृत तौर पर होती है, जिससे पीड़ित अक्सर धोखा खा जाते हैं कि यह ई-मेल फर्जी है।
अधिकारियों ने बताया कि इस साल एक जनवरी से 30 सितंबर तक अकेले ऑरेगन प्रांत में कंप्यूटर संबंधी अपराधों के कारण 2.4 करोड़ डॉलर का नुकसान हो चुका है, वहीं पिछले साल 2.3 करोड़ डॉलर की चपत लगी थी। इसमें से ज्यादातर रकम बिजनेस ई-मेल के जरिए उड़ाई गई, जिसमें पीड़ितों से अपराधियों द्वारा अपने खातों में ऑनलाइन रकम जमा कराई गई।
एफबीआई के मुताबिक, लोगों को ई-मेल के जरिए होने वाली ठगी को लेकर ज्यादा सतर्कता बरतनी चाहिए। अगर उनसे ई-मेल द्वारा निर्धारित समयसीमा में रकम ट्रांसफर करने को कहा जाता है तो उन्हें हड़बड़ी दिखाने के बजाय संबंधित व्यक्ति को कॉल कर या ई-मेल भेजकर इसकी पुष्टि करनी चाहिए।
80 लोगों को किया था गिरफ्तार
एजेंसी ने इस साल अगस्त में ई-मेल स्कैम और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क चलाने के आरोप में लॉस एंजेलिस में 80 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें से ज्यादातर नाइजीरियाई मूल के थे। इन लोगों पर 60 लाख डॉलर की ठगी करने पर मुकदमा चलाया गया था।
नया घर खरीदने के चक्कर में गंवाई गाढ़ी कमाई
ऑरेगन के रहने वाले आरोन कोल ने दिसंबर, 2018 में ऐसे ही ई-मेल के झांसे में आकर अपनी जमापूंजी लुटा बैठे। कोल को नया घर खरीदना था। इस दौरान उन्हें एक ई-मेल मिला, जिसमें उनसे 1,23,000 डॉलर जमा कराने को कहा गया। कोल ने बिना जांचे रकम बताए गए खाते में जमा करा दी। इसके एक हफ्ते बाद कंपनी का ई-मेल आया, जिसमें भी रकम जमा कराने को कहा गया। इसके बाद कोल को ठगी का पता चला।