कोविड-19: डब्ल्यूएचओ से नाराज ट्रंप प्रशासन का फैसला, नहीं करेगा बकाया राशि का भुगतान
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अमेरिका की तरफ से एक बार फिर से कोरोना महामारी को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन के खिलाफ हमला बोला गया है। अमेरिकी सरकार की प्रवक्ता मॉर्गन ऑर्टगस ने कहा, 'दुर्भाग्य से, हाल के दशक में डब्ल्यूएचओ सिर्फ कोविड-19 ही नहीं बल्कि अन्य स्वास्थ्य समस्यायों के उपाय ढूंढने में भी बुरी तरह विफल रहा है। इतना ही नहीं चीन का समर्थन करते हुए डब्ल्यूएचओ ने तत्काल आवश्यक सुधारों को अपनाने से भी इंकार किया।
प्रवक्ता ने आगे कहा, 'आज, अमेरिका डब्ल्यूएचओ से जुड़े अपने संबंधों और संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर अगले कदमों की घोषणा कर रहा है। इसके तहत ट्रंप प्रशासन अब विश्व स्वास्थ्य संगठन को छह करोड़ डॉलर से ज्यादा बकाया राशि का भुगतान नहीं करेगा और बाकी धन वह संयुक्त राष्ट्र में अन्य मदों में देगा।
Through July 2021, US to scale down its engagement with WHO, to include recalling Health&Human Services Dept detailees from WHO HQs,regional offices&country offices, &reassigning these experts. US participation in WHO meetings to be determined on case-by-case basis: US State Dept https://t.co/qUMFVtFPrD
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) September 3, 2020
हालांकि संगठन से अलग होने की प्रक्रियाओं के बावजूद प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि अमेरिका डब्ल्यूएचओ की चुनिंदा बैठकों में शामिल होता रहेगा। साथ ही अलग होने की प्रक्रिया की एक वर्ष की अवधि के दौरान विशेष कार्यक्रमों में एक बार का योगदान भी देगा। इन कार्यक्रमों में अफगानिस्तान तथा पाकिस्तान में पोलिया उन्मूलन, लीबिया तथा सीरिया में मानवीय सहायता एवं इनफ्लूऐंजा से निपटने के प्रयास से जुड़े कार्यक्रम शामिल हैं।
गौरतलब है कि डब्ल्यूएचओ की कार्य प्रणाली से असंतुष्ट ट्रंप ने जुलाई में घोषणा की थी कि अमेरिका जुलाई 2021 तक डब्ल्यूएचओ से अलग हो जाएगा। इसके साथ ही प्रशासन को निर्देश दिए थे कि वे एजेंसी के वित्तपोषण एवं सहयोग संबंधी काम निपटाने शुरू कर दें। उस घोषणा तक अमेरिका 2020 के लिए अनुमानित 12 करोड़ डॉलर की राशि में से करीब 5.2 करोड़ डॉलर का भुगतान कर चुका था।