फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Countries strain for consensus as Dubai climate talks stretch into overtime

COP 28: जलवायु शिखर सम्मेलन में आम सहमति बनाने के लिए चर्चा जारी, इन मुद्दों पर अधिकारियों से बातचीत

Wed, 13 Dec 2023 01:57 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दुबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दुबई Published by: जलज मिश्रा Updated Wed, 13 Dec 2023 01:57 AM IST
सार

कॉप-28 के प्रवक्ता ने बताया कि शिखर सम्मेलन के अध्यक्ष और उनकी टीम सदस्य देशों और समूहों के प्रतिनिधियों के साथ व्यापक रूप से परामर्श कर रही है। आम सहमति बनाने के लिए सभी को सुनना, सभी के विचारों पर चर्चा आवश्यक है।

विज्ञापन
Countries strain for consensus as Dubai climate talks stretch into overtime
COP- 28. - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

दुबई में जलवायु शिखर सम्मेलन जारी है। इस बीच, दुबई एक्सपो सिटी सेंटर में आम सहमति तलाशने के लिए गहन चर्चा हुई। अधिकारी वित्त और जीवश्म ईंधन सहित प्रमुख मुद्दों पर बातचीत कर रहे थे। मंगलवार रात 10 बजे कॉप-28 के प्रवक्ता ने बताया कि चर्चा सुबह तीन बजे तक जारी रहेगी। बता दें, सुबह 11 बजे के बाद से चर्चा शुरू हुई थी। 
विज्ञापन


मसौदा समझौते में काफी आपत्तियां जताई गईं
कॉप-28 के प्रवक्ता ने बताया कि शिखर सम्मेलन के अध्यक्ष और उनकी टीम सदस्य देशों और समूहों के प्रतिनिधियों के साथ व्यापक रूप से परामर्श कर रही है। आम सहमति बनाने के लिए सभी को सुनना, सभी के विचारों पर चर्चा आवश्यक है। 11 दिनों के बाद सोमवार को जारी मसौदा समझौते में काफी आपत्तियां जताई गईं। मसौदे में विकसित और विकासशील देशों की अपेक्षाएं की गईं हैं। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, जापान और यूरोपीय संघ जैसे अमीर देश जलवायु संकट के मूल कारणों जीवाश्म ईंधन को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने पर जोर दे रहे हैं। वहीं, ग्लोबल साउथ के कई देशों ने इसका विरोध किया। विरोध करने वाले देशों की मानें तो मसौदे में सार्वजनिक वित्त और तकनीकी सहायता का भी जिक्र होना चाहिए।  
विज्ञापन


जीवाश्म ईंधन को चरणबद्ध तरीके से खत्म करना कॉप-28 की सफलता का संकेत
जलवायु परिवर्तन से जुड़े कार्यकर्ताओं की सबसे बड़ी मांग है कि पेट्रोल, कोयला जैसे जीवाश्म ईंधन पर रोक लगाई जाए, क्योंकि यह जलवायु को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाते हैं। कई देशों और यूरोपीय संघ ने इस बात पर जोर दिया है कि सभी जीवाश्म ईंधन को चरणबद्ध तरीके से चलन से बाहर करने का समझौता कॉप-28 की सफलता का संकेत देगा। कॉप-28 के अध्यक्ष यूएई सरकार के मंत्री सुल्तान अल जाबेर ने कहा, हम शुरू से अपनी महत्वाकांक्षा को लेकर स्पष्ट हैं। यह मसौदा इसी महत्वाकांक्षा को दिखाता है और आगे की दिशा में बड़ा कदम है। अब यह संबंधित पक्षों के हाथ में है और हमारा भरोसा है, वे मानवता और धरती के हित में बेहतरीन फैसला करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


पासा पलटने का ये आखिरी मौका
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटरेस ने कहा कि दुनिया ताबाही के कगार पर है। सीओपी 28 हमारे पास पासा पलटने का आखिरी मौका है। वहीं, सीओपी आयोजक यूएनएफसीसी सचिव सिमॉन स्टील ने कहा कि अब एक पल भी नहीं गंवाया जा सकता है। धरती को बचाना है, तो ऊर्जा संक्रमण के लिए काम शुरू करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed