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Moscow: एमएफसी की 5वीं बैठक, अफगानिस्तान से शामिल देशों की आंतकियों और तस्करों पर कार्रवाई की मांग
Sat, 30 Sep 2023 09:57 PM IST
आदर्श शर्मा
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, मॉस्को
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, मॉस्को
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Sat, 30 Sep 2023 09:57 PM IST
सार
रूस के दक्षिण पश्चिम शहर कजान में शुक्रवार को हुई एमएफसी की 5वीं बैठक में अफगानिस्तान की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई है और सदस्य देशों ने अपने विचारों का आदान प्रदान किया।
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अफगानिस्तान पर मॉस्को प्रारूप परामर्श(एमएफसी) की 5वीं बैठक
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
अफगानिस्तान पर मॉस्को प्रारूप परामर्श (एमएफसी) में शामिल देशों ने तालिबान से देश में समावेशी सरकार गठित करने के लिए कहा, जिसमें सभी जातीय-राजनीतिक समूहों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। साथ ही आतंकवाद विरोधी और नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने को कहा है।
रूस के दक्षिण पश्चिम शहर कजान में शुक्रवार को हुई एमएफसी की 5वीं बैठक में अफगानिस्तान की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई है और सदस्य देशों ने अपने विचारों का आदान प्रदान किया। रूसी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि बैठक में भारत, रूस, चीन, पाकिस्तान, ईरान, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान के विशेष प्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। अफगानिस्तान में तालिबान के कार्यवाहक विदेश मंत्री, सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और तुर्किये के प्रतिनिधि भी बैठक में उपस्थित रहे।
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बयान में कहा गया है कि बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय आर्थिक प्रक्रियाओं में अफगानिस्तान के एकीकरण पर जोर दिया गया। सदस्यों का यह मानना था कि अमेरिका और उसके सहयोगी अफगानिस्तान की संपत्तियों पर से तुरंत रोक हटाएं, क्योंकि लंबे संघर्ष के बाद अफगान अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण की मुख्य जिम्मेदारी उन्हीं की है। बयान में यह भी कहा गया कि अफगानिस्तान या उसके पड़ोसी देशों में अमेरिका या नाटो के सैनियों की किसी बहाने से वापसी स्वीकार नहीं है।
मानवीय सहायता जारी रखने का आश्वासन
बयान में कहा गया है कि सभी भागीदार देशों ने अफगानिस्तान में मानवीय सहायता जारी रखने का आश्वासन दिया। बैठक के बाद कजान घोषणापत्र स्वीकार किया गया। अफगानिस्तान स्थित खामा प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हफ्ते की शुरुआत में संयुक्त राष्ट्र की बैठक के दौरान 11 देशों ने महिलाओं के अधिकारों के उल्लंघन को लेकर तालिबान सरकार पर दबाव बनाया था और महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा रोकने की मांग की थी। इन देशों में अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन और जापान शामिल थे।
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रूस के दक्षिण पश्चिम शहर कजान में शुक्रवार को हुई एमएफसी की 5वीं बैठक में अफगानिस्तान की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई है और सदस्य देशों ने अपने विचारों का आदान प्रदान किया। रूसी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि बैठक में भारत, रूस, चीन, पाकिस्तान, ईरान, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान के विशेष प्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। अफगानिस्तान में तालिबान के कार्यवाहक विदेश मंत्री, सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और तुर्किये के प्रतिनिधि भी बैठक में उपस्थित रहे।
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Russian Foreign Ministry on September 29, in Kazan hosted the fifth meeting of the Moscow format on Afghanistan with the participation of special representatives and senior officials from Russia, China, Pakistan, Iran, India, Kazakhstan, Kyrgyzstan, Turkmenistan and Uzbekistan.… pic.twitter.com/6Pdvi05Nn1
— ANI (@ANI) September 30, 2023
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बयान में कहा गया है कि बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय आर्थिक प्रक्रियाओं में अफगानिस्तान के एकीकरण पर जोर दिया गया। सदस्यों का यह मानना था कि अमेरिका और उसके सहयोगी अफगानिस्तान की संपत्तियों पर से तुरंत रोक हटाएं, क्योंकि लंबे संघर्ष के बाद अफगान अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण की मुख्य जिम्मेदारी उन्हीं की है। बयान में यह भी कहा गया कि अफगानिस्तान या उसके पड़ोसी देशों में अमेरिका या नाटो के सैनियों की किसी बहाने से वापसी स्वीकार नहीं है।
मानवीय सहायता जारी रखने का आश्वासन
बयान में कहा गया है कि सभी भागीदार देशों ने अफगानिस्तान में मानवीय सहायता जारी रखने का आश्वासन दिया। बैठक के बाद कजान घोषणापत्र स्वीकार किया गया। अफगानिस्तान स्थित खामा प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हफ्ते की शुरुआत में संयुक्त राष्ट्र की बैठक के दौरान 11 देशों ने महिलाओं के अधिकारों के उल्लंघन को लेकर तालिबान सरकार पर दबाव बनाया था और महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा रोकने की मांग की थी। इन देशों में अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन और जापान शामिल थे।