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कोरोना: यूरोप के इन तीन देशों में 45 फीसदी तक घटा जानलेवा प्रदूषण
Tue, 21 Apr 2020 06:25 AM IST
योगेश साहू
वर्ल्ड डेस्क, एम्सटर्डम।
वर्ल्ड डेस्क, एम्सटर्डम।
Published by: योगेश साहू
Updated Tue, 21 Apr 2020 06:25 AM IST
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साफ मौसम
- फोटो : ट्विटर
वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की वजह से दुनिया भर के देशों में लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है। वहीं इस लॉकडाउन का एक अच्छा पक्ष भी देखने को मिल रहा है। दरअसल, लॉकडाउन के कारण पूरी दुनिया में प्रदूषण का स्तर घटा है। यूरोप के तीन देशों में तो यह 45 फीसदी तक घट गया है।
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बता दें कि कोरोना महामारी से यूरोप में करीब 10 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हैं, जबकि अब तक करीब 95 हजार से ज्यादा की मौत हो चुकी है। बहरहाल, नीदरलैंड की मौसम विज्ञान संस्था (केएनएमआई) ने यूरोप के तीन बड़े देशों स्पेन, इटली और फ्रांस के वायुमंडल की ताजा सैटेलाइट तस्वीर जारी की हैं। संस्था ने कहा है कि इस तस्वीर के अध्ययन से पता चलता है कि यहां के वायुमंडल से वायु प्रदूषण 2019 की तुलना में 45 फीसदी तक घट गया है। अध्ययन के अनुसार वायुमंडल में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड का स्तर भी 54 फीसदी तक घटा है।
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बता दें कि वैज्ञानिकों ने यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के कॉपरनिकस ट्रोपोमी उपकरण के जरिए ली गई साल 2019 के मार्च-अप्रैल और 2020 के मार्च-अप्रैल की तस्वीरों का तुलनात्मक अध्ययन किया। इसमें उन्होंने पाया कि तीनों देशों का वातावरण बहुत साफ हो गया है। तस्वीरों से पता चलता है कि साल 2019 में प्रदूषण कितना ज्यादा था।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार वायु प्रदूषण की वजह से हर साल दुनिया में 7 फीसदी लोगों की असमय मृत्यु होती है। वहीं स्पेन, फ्रांस और इटली में कोरोना के कारण अब तक करीब 60 हजार लोगों की जान गई है। यूरोप में सबसे ज्यादा मौतें इटली में 23,660 से अधिक हुई हैं।
नाइट्रोजन डाइऑक्साइड है जानलेवा
अध्ययन करने वाले केएनएमआई के वैज्ञानिक डॉ. हंक एस्कस बताते हैं कि नाइट्रोजन डाइऑक्साइड एक जानलेवा प्रदूषक है, जो औद्योगिक गतिविधियों की वजह से पैदा होता है। उन्होंने कहा कि टीम ने 2019 और 2020 के तुलनात्मक अध्ययन में पाया कि मैड्रिड (स्पेन), मिलान और रोम (इटली) के साथ लगते अन्य शहरों में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड का स्तर 45 फीसदी तक कम हुआ है। जबकि फ्रांस के पेरिस में इसका स्तर 54 प्रतिशत रहा।
हालांकि उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों की गणना में अहम मार्जिन 15 फीसदी अंक जुड़ने या घटने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसा मुख्य रूप से बदलते मौसम की स्थिति और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड की दैनिक दर में भारी उतार-चढ़ाव से होता है। बहरहाल, कोरोना महामारी के कारण लागू लॉकडाउन के चलते दुनिया में प्रदूषण का स्तर घटना, मानवीय जीवन के लिए एक अच्छी खबर है।