कोरोना : कमला हैरिस बोलीं- हम भारत के साथ, हर संभव मदद कर रहे
उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने कहा कि भारत में कोरोना की दूसरी लहर से बने हालात और मौत के बढ़ते मामले दिल दहला देने वाली घटनाओं से कम नहीं हैं। आपमें से जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मैं अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करती हूं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत में कोरोना की दूसरी लहर के प्रसार के बाद से ही दुनियाभर के देशों से मदद मिल रही है। इस बीच अमेरिका की उप राष्ट्रपति कमला हैरिस ने भी भारत की हर संभव मदद की बात कही है। कमला ने अपने संबोधन में राष्ट्रपति जो बाइडन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन पर हुई बातचीत का उल्लेख भी किया।
उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने कहा कि भारत में कोरोना की दूसरी लहर से बने हालात और मौत के बढ़ते मामले दिल दहला देने वाली घटनाओं से कम नहीं हैं। आपमें से जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मैं अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करती हूं। उन्होंने कहा कि जैसे ही गंभीर स्थिति के बारे में जानकारी मिली, हमारे प्रशासन ने उचित कदम उठाने शुरू कर दिए थे।
हैरिस ने कहा कि बीती 26 अप्रैल को राष्ट्रपति जो बाइडन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर बात की थी। इसके बाद 30 अप्रैल को अमेरिका की ओर से राहत सामग्री पहुंचाई जा चुकी थी। उन्होंने कहा कि हमने पहले से ही रिफिल करने योग्य ऑक्सीजन सिलिंडर और ऑक्सीजन सांद्रक भेजे हैं और भी भेजे जाएंगे। हमने एन95 मास्क भेजे हैं और भी अधिक भेजने के लिए तैयारी जारी है। हमने कोविड रोगियों के इलाज के लिए रेमेडिसविर की खुराक भी दी है।
हैरिस ने कहा कि हमने कोविड-19 टीकों पर पेटेंट को निलंबित करने के लिए हमारे पूर्ण समर्थन दिया है। हमने भारत और अन्य देशों को अपने लोगों का और अधिक तेजी से टीकाकरण करने में मदद करने की घोषणा की है। भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका में दुनिया में सबसे अधिक कोविड-19 मामले हैं।
कमला ने कहा कि महामारी की शुरुआत में जब हमारे यहां अस्पतालों में बेड बढ़ाए जाने थे, तब भारत ने सहायता भेजी थी। आज, हम भारत को उसकी जरूरत के समय में मदद करने के लिए दृढ़ हैं। हम इसे भारत के लिए एक दोस्त के रूप में, एशियाई क्वाड के सदस्यों के रूप में और वैश्विक समुदाय के हिस्से के रूप में कर रहे हैं।
भारत में घिरा हैरिस का परिवार
अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के मामा जी. बालाचंद्रन इस साल 80 वर्ष के हो गए हैं और अगर कोरोना वायरस वैश्विक महामारी न आई होती तो वह अपने परिवार के सदस्यों से घिरे होते, जो उनके साथ जन्मदिन के जश्न में शरीक होते।
लेकिन अपने गृह देश भारत में वायरस के प्रकोप के चलते बालाचंद्रन को इस बार सिर्फ फोन पर बधाई के संदेशों से काम चलाना पड़ा। इनमें से एक संदेश उनकी बेहद लोकप्रिय भांजी अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस का भी था। उन्होंने नई दिल्ली में अपने घर से जूम पर हुए साक्षात्कार में बृहस्पतिवार को कहा कि दुर्भाग्य से, कोविड के कारण, मैं बड़ा कार्यक्रम नहीं कर पाया
चिंता मत करो मामा, मैं आपकी बेटी का ख्याल रखूंगी...
हैरिस के मामा ने कहा कि उन्होंने हैरिस और उनके पति डॉग एमहॉफ से कुछ समय पहले बात की थी। बातचीत के अंत में हैरिस ने उन्हें आश्वासन दिया था कि वह उनकी बेटी- अपनी ममेरी बहन जो वॉशिंगटन में रहती हैं, उसका ख्याल रखेंगी। मार्च में हुई बातचीत के अंश याद करते हुए बालाचंद्रन ने कहा कि चिंता मत करो, मामा। मैं आपकी बेटी का ख्याल रखूंगी। मैं उससे समय-समय पर बात करती रहती हूं।
बालाचंद्रन और हैरिस के बीच आखिरी बार यही बातचीत हुई थी। उसके बाद से कोरोना वायरस भारत में अनियंत्रित हो गया है और स्वास्थ्य व्यवस्था पर अत्यंत दबाव डालने के साथ ही हजारों लोगों की जान ले चुका है।
भारत में इस संकट ने बाइडन प्रशासन के लिए कूटनीतिक एवं मानवीय चुनौतियां खड़ी की हैं लेकिन हैरिस के लिए यह निजी भी है क्योंकि उनकी मां भारतीय मूल की हैं और उन्होंने अपने पूरे राजनीतिक करियर में भारत की अपनी कई यात्राओं का जिक्र किया है।