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Coronavirus: यूनिवर्सिटी ऑफ टोक्यो के वैज्ञानिकों ने जेनेटिक कोडिंग की पहचान की, असरदार दवा बनाने में होगा मददगार
Thu, 04 Jun 2020 02:33 PM IST
देव कश्यप
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 04 Jun 2020 02:33 PM IST
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कोरोना वायरस (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : पेक्सेल्स
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कोरोना का कार्ड पता करने में जुटे वैज्ञानिकों को एक और कामयाबी मिली है। जापान का यूनिवर्सिटी ऑफ टोक्यो के वैज्ञानिक डॉक्टर नोबुयोशी अकिमस्तु का कहना है कि कोरोना वायरस के विशेष हिस्से की जेनेटिक कोडिंग का पता चला है।
इससे उसके जीवन चक्र के बारे में पता किया जा सकता है और इलाज के लिए असरदार दवा तैयार करने में मदद मिलेगी। डॉक्टर अकिमिस्तु ने बताया कि कोरोना और इनफ्लुएंजा वायरस एक ही परिवार के हैं और यह सभी अपने जेनेटिक सिक्वेंस को आरएनए के तौर पर रखते हैं यही आरएनए जब मनुष्य की कोशिकाओं में घुसता है तो शरीर में अपनी संख्या को बढ़ाता है।
बायोकेमिकल एंड बायोफिजिकल रिसर्च में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, वैज्ञानिकों ने इस बार जेनेटिक सीक्वेंसिंग की आयु जाने पर काम किया जिससे यह पता चला है कि वह अपने आपको रख सकता है या निष्क्रिय हो जाता है।
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26 वायरस जीनोम के आरएनए का अध्ययन
वैज्ञानिकों ने 26 वायरस जीनोम के 11,848 आरएनए सीक्वेंसिंग का अध्ययन किया। इसमें वैज्ञानिकों ने 625 स्थिति और अन्य मिले डाक्टर अकिमिस्तु का कहना है कि शोध के जरिए कोरोना वायरस के लिए असरदार दवा बनाई जा सकती है।
दवा को कुछ इस तरह से तैयार किया जाएगा कि वह वायरस के जेनेटिक मैटेरियल को खत्म करेगी जिससे वे अपना कुनबा नहीं बढ़ा सकेगा।
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इससे उसके जीवन चक्र के बारे में पता किया जा सकता है और इलाज के लिए असरदार दवा तैयार करने में मदद मिलेगी। डॉक्टर अकिमिस्तु ने बताया कि कोरोना और इनफ्लुएंजा वायरस एक ही परिवार के हैं और यह सभी अपने जेनेटिक सिक्वेंस को आरएनए के तौर पर रखते हैं यही आरएनए जब मनुष्य की कोशिकाओं में घुसता है तो शरीर में अपनी संख्या को बढ़ाता है।
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बायोकेमिकल एंड बायोफिजिकल रिसर्च में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, वैज्ञानिकों ने इस बार जेनेटिक सीक्वेंसिंग की आयु जाने पर काम किया जिससे यह पता चला है कि वह अपने आपको रख सकता है या निष्क्रिय हो जाता है।
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वैज्ञानिकों ने 26 वायरस जीनोम के 11,848 आरएनए सीक्वेंसिंग का अध्ययन किया। इसमें वैज्ञानिकों ने 625 स्थिति और अन्य मिले डाक्टर अकिमिस्तु का कहना है कि शोध के जरिए कोरोना वायरस के लिए असरदार दवा बनाई जा सकती है।
दवा को कुछ इस तरह से तैयार किया जाएगा कि वह वायरस के जेनेटिक मैटेरियल को खत्म करेगी जिससे वे अपना कुनबा नहीं बढ़ा सकेगा।