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यह भी हैं मास्क के फायदे, महिलाओं को भी राहत, झूठी मुस्कान से मिली आजादी
Tue, 16 Jun 2020 02:11 PM IST
आसिम खान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: आसिम खान
Updated Tue, 16 Jun 2020 02:11 PM IST
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मास्क की वजह से महिलाओं को मिली राहत
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रोजमर्रा के जीवन में ऐसे कई अवसर आते हैं। जब हमें बेवजह मुस्कुराना पड़ता है। कभी सिर्फ सामने वाले को खुश रखने के लिए हंसते हैं तो कभी बात समझ में आने पर भी मुस्कुरा देते हैं। होटल एयरलाइंस कॉल सेंटर से लेकर कॉरपोरेट संस्कृति में तो हर किसी के सामने मंद-मंद झूठी मुस्कान को जरूरी ही मान लिया गया है।
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जानकारों का कहना है कि महिलाओं से तो खास अपेक्षा की जाती है कि वे जब भी परिवारजनों के बीच हों, कार्यस्थल पर हों, या सार्वजनिक स्थल पर, चेहरे पर मुस्कान बिखेरती रहें। लेकिन कोरोना काल में चेहरों पर लगे मास्क ने उन्हें झूठी हंसी से मुक्ति दिला दी है।
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मिली 'फेशियल फ्रीडम'
जानकारों का कहना है कि वास्तविक मुस्कान खुद-ब-खुद आती है। उसका कोई मोल नहीं होता और लोगों के दिलों पर गहरा असर छोड़ती है। लेकिन आजकल कॉरपोरेट संस्कृति ने हमें बनावटी दुनिया में धकेल दिया महिला अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि महामारी हम आज के चलने कम से कम हमें इस बनावटी पंछी आजाद किया है। कई महिलाओं का तो कहना है कि मास्क पहनना ऐसी आजादी है जिसे हम हमेशा बरकरार रखना चाहेंगे। वह मास्क से मिली फेशियल फ्रीडम को एक छोटी जीत की तरह देख रही हैं।
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तनाव और अवसाद के बावजूद मुस्कुराती हैं महिलाएं
विशेषज्ञों के अनुसार, समाज में स्थित और मुस्कान का आपसी जुड़ाव मान लिया गया। पुरुष गंभीर महिलाओं को कम आकर्षित मानते हैं जानकारों का कहना है तमाम सामाजिक और आयु वर्गों में महिलाएं पुरुषों से ज्यादा मुस्कुराती है। इसका मतलब यह नहीं है कि वह ज्यादा खुश रहती हैं। असलियत में महिलाएं ज्यादा तनाव और अवसाद से गुजरती हैं।
येल यूनिवर्सिटी की मनोविज्ञानी मरिआने लाफ्रांस कहती है कि महिलाओं पर मुस्कुराने का दबाव रहता है। अगर वे ऐसा न करें उन्हें अप्रत्यक्ष दंड भी मिलता है।
कार्यस्थलों पर खुश दिखना जरूरी नहीं
कई महिला रिसेप्शनिस्ट और सफाई कर्मचारी आगंतुकों से आंख मिलाकर मुस्कुराने की अनिवार्यता से नाराज रही हैं। इससे उन्हें छेड़छाड़ का भी सामना करना पड़ा। कुछ ने झूठी मुस्कुराहट को कंपनी खिलाफ हथियार भी बनाया। हाल ही में अमेरिका में कैथे एयरलाइंस की एयर होस्टेस ने मानदेय बढ़ाने के लिए धमकी दी कि वे यात्रियों के समक्ष मुस्कुराना छोड़ देंगी। 2016 में अमेरिकी कंपनी की मोबाइल के कर्मचारियों की शिकायत पर राष्ट्रीय संबंध बोर्ड ने आदेश दिया कि कर्मचारियों का कार्य स्थल पर खुश दिखना जरूरी नहीं है।
एक मास्क कई उपयोग
अब फेस मास्क के जरूरी होने पर गैर जरूरी मुस्कान पीछे छूट जाएगी। एशिया के कई समय इनका रोगाणु से ज्यादा अन्य जरूरतों के लिए भी इस्तेमाल रहा है। कई देशों में वायु प्रदूषण से बचाव के लिए मांस पहना जाता है। जापानी महिलाएं जब-तब मेकअप न करने की स्थिति में इनका इस्तेमाल करती हैं।
अमेरिका में सोसायटी ऑफ प्लास्टिक सर्जन के डॉक्टर लिन जेफर्स का कहना है कि लोग काफी बातें आंख, आवाज और भौंह से भी कर सकते हैं। हालांकि कुछ जानकार मास्क की बाध्यता की आलोचना भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे लोगों के चेहरे पर दिखने वाली मुस्कुराहट गायब हो गई है। इससे आसपास बोरियत पैदा हो रही है।