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कोरोनावायरस: स्वास्थ्यकर्मियों के लिए निजी बचाव सामग्री की किल्लत, चेतावनी जारी

Wed, 04 Mar 2020 02:17 PM IST
आसिम खान यूएन हिंदी समाचार
यूएन हिंदी समाचार Published by: आसिम खान Updated Wed, 04 Mar 2020 02:17 PM IST
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Coronavirus: Lack of private rescue material for health workers, WHO issued a warning
Coronavirus - फोटो : PTI

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी जारी की है कि स्वास्थकर्मियों के लिए निजी बचाव सामग्री व उपकरणों की वैश्विक आपूर्ति में लगातार बढ़ते गंभीर व्यवधान के कारण कोरोनावायरस (कोविड-19) और अन्य संक्रामक बीमारियों से खतरा बढ़ रहा है। बढ़ती मांग और भय के कारण तेजी से खरीदारी, जमाखोरी और गलत इस्तेमाल के कारण बचाव उपकरणों की भारी कमी हो रही है। ध्यान रहे कि संक्रमित मरीजों की देखभाल में जुटे स्वास्थ्यकर्मियों को अपने बचाव के लिए फेस मास्क, दस्तानों, गाउन, एप्रन सहित अन्य निजी बचाव सामग्री पर निर्भर रहना पड़ता है।

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स्वास्थ्य एजेंसी के महानिदेशक टैड्रोस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने बताया, सुरक्षित आपूर्ति व्यवस्था के अभाव में विश्वभर में स्वास्थकर्मियों को जोखिम होना वास्तविक है। सरकारों व उद्योग जगत को आपूर्ति बढ़ाने के लिए जल्द कार्रवाई करनी होगी, निर्यात पर लगी पाबंदी हटानी होगी और कयासबाजी व जमाखोरी रोकने के लिए उचित कदम उठाने होंगे। स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना हम कोविड-19 को नहीं रोक सकते।
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यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के मुताबिक वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए उत्पादन में 40 फीसदी की बढ़ोत्तरी करनी होगी। जबसे कोविड-19 महामारी तेजी से दुनिया में फैली है, कीमतों में भारी बढ़ोत्तरी हुई है। सर्जिकल मास्क के दामों में छह गुना, N-95 श्वसन यंत्र की कीमतों में तीन गुना और गाउन के दामों में दो गुना बढ़ोत्तरी हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन अब तक पांच लाख से ज्यादा बचाव किट 47 देशों में भेज चुका है।
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यूएन एजेंसी के अनुमान के अनुसार कोविड-19 से निपटने के लिए हर महीने आठ करोड़ 90 लाख मेडिकल मास्क की जरूरत होगी, जबकि जांच के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले दस्तानों की अनुमानित संख्या सात करोड़ 60 लाख आंकी गई है।

कोविड-19 अपडेट
यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के महानिदेशक ने मंगलवार को बताया कि विश्वभर में कोरोनावायरस के संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 90 हजार 893 हो गई है और अब तक तीन हजार 110 लोगों की मौत हुई है। चीन में पिछले 24 घंटों में संक्रमण के 129 मामले सामने आए हैं जो 20 जनवरी के बाद सबसे कम आंकड़ा है। चीन के बाहर 48 देशों में एक हजार 848 नए मामलों का पता चला है जिनमें 80 फीसदी से ज्यादा मामलों की पुष्टि कोरिया गणराज्य, ईरान और इटली में हुई है।

12 देशों में पहली बार कोविड-19 के मामले सामने आए हैं और 21 देशों में एक-एक मामला है। 122 देशों में अभी तक इसके संक्रमण के एक भी मामले की पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक ने बताया कि अभी तक का अनुभव दर्शाता है कि कोविड-19, इन्फ्लुएंजा जैसी तेजी से नहीं फैलता है। दूसरा अंतर यह है कि मौसमी इन्फ्लुएंजा की तुलना में कोविड-19 से तबीयत ज्यादा खराब होती है और अभी शरीर में इससे लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता भी विकसित नहीं हो पाई है।


कोविड-19 वायरस से संक्रमित अब तक औसतन 3/4 फीसदी मरीजों की मौत हुई है जबकि मौसमी फ्लू से आम तौर पर एक प्रतिशत से भी कम मरीजों की जान जाती है। उन्होंने बताया कि कोरोनावायरस से निपटने के लिए अभी कोई वैक्सीन या उपचार उपलब्ध नहीं है लेकिन इस दिशा में प्रयास चल रहे हैं, दवाइयों का परीक्षण हो रहा है और 20 से ज्यादा वैक्सीनों पर काम चल रहा है।

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