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असमंजस: कोरोना टीके के बाद संक्रमण से भी लंबे समय तक रह सकती है शरीर में तकलीफ
Fri, 20 Aug 2021 07:55 AM IST
Kuldeep Singh
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन
Published by: Kuldeep Singh
Updated Fri, 20 Aug 2021 07:55 AM IST
सार
- टीके के बाद संक्रमण के लगातार बढ़ रहे हैं मामले
- वैज्ञानिक चाहते हैं तह तक पहुंचना, लेकिन अभी सही आंकड़े नहीं
- 30 प्रतिशत तक समस्या संभव, सावधानी ही है बचाव
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
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विस्तार
दुनिया कोरोना के डेल्टा वैरिएंट से जूझ रही है। टीका लगवा चुके लोगों में भी संक्रमण (ब्रेकथ्रू) के मामले सामने आ रहे हैं। अब संशय यह है कि क्या ऐसे लोगों में लंबे समय तक कोई स्वास्थ्य संबंधी तकलीफ रह सकती है?
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वैज्ञानिक चाहते हैं तह तक पहुंचना, लेकिन अभी सही आंकड़े नहीं
न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई हेल्थ सिस्टम के सेंटर फॉर पोस्ट कोविड केयर के निदेशक डॉक्टर जिजियान का चेन का कहना है चेन का कहना है कि टीके के बाद संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। सबसे बड़ी मुश्किल है यह है कि अभी ऐसी कोई तकनीक नहीं है जिससे इस तरह के मरीजों को अलग किया जा सके। टीका ले चुके अधिकतर लोगों में संक्रमण के लक्षण नहीं दिखने से उसकी गंभीरता का भी पता नहीं लगता है।
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30 प्रतिशत तक समस्या संभव, सावधानी ही है बचाव
सैन फ्रांसिस्को स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के मेडिसिन विभाग के प्रमुख प्रोफेसर रॉबर्ट एम वाचर का कहना है कि लोग टीका लगवाने के बाद कहते हैं कि उन्हें अब क्यों सावधानी बरतनी है। सच यह है कि मैं अभी भी कैंप में रह रहता हूं क्योंकि मुझे न तो संक्रमित होना है और न ही ब्रेकथ्रू की चपेट में आना है।
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लक्षणों के बारे में भी जानें
वैज्ञानिकों को कहना है कि लॉन्ग कोविड में व्यक्ति को अत्यधिक थकान, उलझन, मांसपेशियों में दर्द, सिर में दर्द, अनिद्रा समेत अन्य तरक्की तकलीफें की सप्ताह या महीने तक रह सकती हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि लोन्ग कोविड को पूरी तरह समझना भी मुश्किल है क्योंकि सही आंकड़े नहीं है।
बिना आंकड़ा कुछ कहना मुश्किल
येल स्कूल ऑफ मेडिसिन की इम्युनोलॉजिस्ट डॉ अकिकी इवासाकी का कहना है कि जब तक सही आंकड़ा नहीं आ जाता है तब तक ब्रेकथ्रू के कारण लॉन्ग कोविड के बारे में कुछ कहना मुश्किल होगा। वह कहती है कि ब्रेकथ्रू इंजेक्शन के बाद लॉन्ग कोविड में क्या तकलीफ होगी इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है।