कोरोनावायरस से चीन में हाहाकार, 106 लोगों की मौत, भारत में 33 हजार विमान यात्रियों की हुई जांच
- चीन में 106 हो चुकी है मरने वाले लोगों की संख्या, 2,744 लोगों में वायरस की पुष्टि
- 33,552 विमान यात्रियों की जांच हुई जो 155 विमानों से चीन से भारत लौटे
- 4,359 यात्रियों की जांच हुई सोमवार को जो 18 फ्लाइट से भारत आए
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विस्तार
चीन में कोरोना वायरस के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 106 हो गई है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि विषाणु संक्रमण के 1,300 नए मामले सामने आए हैं। इस संक्रमण के केंद्र मध्य हुबेई प्रांत के स्वास्थ्य आयोग ने कहा कि विषाणु संक्रमण के कारण और 24 लोगों की मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि और 1,291 लोग इस संक्रमण से ग्रसित पाए गए हैं जिसके साथ ही देश भर में कोरोनावायरस संक्रमण के पुष्ट मामलों की संख्या 4,000 से अधिक हो गई है।
#Coronavirus death toll in China rises to 106, nearly 1300 new cases detected, says the government: AFP news agency.
— ANI (@ANI) January 28, 2020विज्ञापन
सोमवार को दक्षिणी मुंबई के रहने वाले एक 36 वर्षीय व्यक्ति को कोरोनावायरस का संदिग्ध रोगी मानकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसी तरह चीन से लौटी बिहार के छपरा की रहने वाली एक लड़की का संदिग्ध रोगी मानकर पटना मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। उसमें कोरोना वायरस जैसे लक्षण मिले हैं।
राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक संदिग्ध रोगी मिला है। इसका इलाज एसएमएस अस्पताल में चल रहा है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने बताया कि युवक चीन से एमबीबीएस की पढ़ाई कर लौटा है। इसके अलावा राज्य के चार जिलों में 18 लोगों की अगले 28 दिनों तक निगरानी की जा रही है जो हाल ही चीन से राजस्थान लौटे हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि अब तक 155 फ्लाइट से आने वाले 33,552 यात्रियों की जांच हो चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि कोरोनावायरस को पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित करना जल्दबाजी होगी।
वुहान में फंसे लोगों के लिए कदम उठा सकती है सरकार
केंद्र सरकार ने सोमवार को चीन के वुहान शहर में फंसे लोगों को वापस लाने का फैसला किया है। यहां फंसे लोगों की संख्या करीब 250 है जिनमें अधिकतर भारतीय छात्र हैं। कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में हुई बैठक में ये फैसला लिया गया। इसके साथ ही कोरोना वायरस से निपटने के लिए तैयारियों की समीक्षा की गई।
एक अधिकारी की मानें तो विदेश मंत्रालय जल्द ही चीन के अधिकारियों से बात कर वुहान में फंसे भारतीय छात्रों और अन्य लोगों की वापसी की बात करेगा। मालूम हो कि वुहान समेत कुल 12 शहरों को चीन ने वायरस के खौफ में सील कर दिया है।
वहीं भारत सरकार का जहाज रानी मंत्रालय अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों पर चीन से आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग शुरू कर सकता है जिससे देश के भीतर इस वायरस को फैलने से रोका जा सके। इसी तरह चीन से आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग के साथ नेपाल सीमा पर भी स्क्रीनिंग की व्यवस्था शुरू होगी।
मुंबई में हवाई अड्डे पर 3756 यात्रियों की स्क्रीनिंग
महाराष्ट्र में मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 26 जनवरी तक 3756 यात्रियों ने स्क्रीनिंग की जा चुकी है। अब तक कोरोनावायरस के चार संदिग्ध मरीजों को मुंबई के कस्तूरबा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुणे के नायडू अस्पताल में दो मरीजों को भर्ती किया गया है।
Maharashtra government: 3756 passengers screened at Mumbai International Airport till 26th January. So far 4 persons suspected with #Coronavirus have been admitted to Mumbai's Kasturba hospital while 2 are admitted to Pune's Naidu hospital.
— ANI (@ANI) January 27, 2020
केरल में 436 लोग निगरानी में, सभी की रिपोर्ट निगेटिव
चीन से केरल लौटे 436 लोग निगरानी में है। पांच लोग अभी भी अस्पतालों के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती हैं। सभी रोगियों के खून का नमूण पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजा गया था जिनकी रिपोर्ट निगेटिव है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री केके शायलजा का कहना है कि जिला स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर सभी तरह के कदम उठाए गए हैं। अभी कोई रोगी न मिलने के बाद अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड तैयार कर लिया है।
रोगियों के करीबी 33 हजार लोगों की निगरानी
चीन के हेल्थ कमीशन ने बताया कि रविवार को 51 लोगों की हालत में सुधार देखा गया है। निमोनिया के चलते अब तक 80 लोगों की मौत हुई है। इसके बाद भी 5,794 लोग संदिग्ध हैं जिन पर नजर रखी जा रही है। कुल 33 हजार लोग, जो रोगियों के करीब हैं उनकी भी निगरानी की जा रही है। इसमें से 30,453 लोगों का इलाज भी चल रहा है। 8 मामले हांगकांग, 5 मकाऊ और चार मामले ताइवान से आए हैं।
दूसरे देशों में बढ़ रही मरीजों की संख्या
- ऑस्ट्रेलिया 5
- थाईलैंड 4
- सिंगापुर में 4
- अमेरिका 3
- कोरिया 3
- जापान 3
- फ्रांस 3
- मलेशिया 3
- वियतनाम 2
- नेपाल 1
फ्रांस वुहान में फंसे नगारिकों को बाहर निकालेगा
अमेरिका और जापान के बाद अब फ्रांस भी वुहान में फंसे अपने नागरिकों को बाहर निकालने की तैयारी में है। फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्री एग्नेस बुजिन ने कहा है कि सप्ताह के मध्य तक फ्रांस के रहने वाले लोगों को विशेष विमान से अपने देश लाया जाएगा। यहां पर इलाज और जांच के सभी इंतजाम भी किए जाएंगे।
लूनर न्यू ईयर की छुट्टियां तीन दिन बढ़ाई
चीन के प्रीमियर ली किकियांग सोमवार को वुहान शहर का दौरा करने पहुंचे। इसी बीच वायरस पीड़ितों की मदद के लिए बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने 70 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद करने की घोषणा की है।
मौतों और मरीजों की संख्या में इजाफा होते देख चीन ने सोमवार को लूनर न्यू ईयर की छुट्टियां और तीन दिन बढ़ा दी है। कैबिनेट की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि लोगों के बाहर निकलने से वायरस के फैलने का खतरा अधिक है। स्कूल भी अगले आदेश तक नहीं खुलेंगे।
श्रीलंका ने चीनी नागरिकों के लिए आगमन पर वीजा फिलहाल के लिए रोका
स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा देश के पहले कोरोनावायरस संक्रमण का पता लगाने के एक दिन बाद श्रीलंका ने मंगलवार को चीनी यात्रियों के लिए आगमन पर वीजा देने की अपनी नीति पर फिलहाल के लिए रोक लगा दी है। देश के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रमुख महामारी विशेषज्ञ सुदत सुरावीरा ने सोमवार को कहा कि 40 वर्षीय चीनी महिला वायरस से संक्रमित पाई गई।
जर्मनी में कोरोनावायरस के पहले मामले की पुष्टि हुई
जर्मनी के दक्षिणी बेयर्न क्षेत्र में स्वास्थ्य अधिकारियों ने देश में घातक कोरोना वायरस के पहले मामले की पुष्टि की है। चीन में वायरस ने कुछ ही हफ्तों में बड़ी संख्या में लोगों की जान ले ली और करीब चार हजार लोग इससे संक्रमित पाए गए, जबकि एक दर्जन से अधिक अन्य देशों में इन मामलों की पहचान की गई है।
वायरस से टूरिज्म इंडस्ट्री को झटका
चीन में फैले वायरस के चलते एशियाई देशों की टूरिज्म इंडस्ट्री को झटका लगा है। जापान समेत अन्य एशियाई देशों को पर्यटन से होने वाली आय में कमी दर्ज हो रही है। इसका सीधा असर जापान थाईलैंड और दूसरे देशों के पर्यटन स्थलों, होटलों और अन्य स्थानों पर देखने को मिल रहा है। जापान के एक्सी कॉर्प में चीफ मार्केट स्ट्रैटजिस्ट स्टीफन इन्स का कहना है कि हालात इसी तरह खराब रहे तो सबसे अधिक बुरा असर जापान की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
पाकिस्तान में पांच संदिग्धों का चल रहा इलाज
पाकिस्तान में चीन के चार नागरिकों के साथ कुल पांच लोगों का इलाज संदिग्ध के तौर पर चल रहा है। इसमें दो सैंपल मुल्तान से हांगकांग भेजे गए हैं क्योंकि इस जांच के लिए पाकिस्तान में कोई लैब नहीं है। मुल्तान में इलाज करा रहे दो मरीजों में से एक मरीज पाकिस्तानी है।
पाक के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के चीन मेजर जनरल डॉ. आमेर इकराम ने बताया कि एक चीनी नागरिक मुल्तान के अस्पताल में संदिग्ध के रूप में भर्ती है जिसे कफ और बुखार की शिकायत है। चीन से पाकिस्तान हर सप्ताह 41 फ्लाइटें आती हैं जिससे वायरस फैलने का खतरा अधिक है।
मुंबई, बेंगलुरु और कोच्चि एयरपोर्ट पर सख्ती
मुंबई एयरपोर्ट पर वायरस के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। बेंगलूरू एयरपोर्ट हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने सोमवार को बताया कि चीन से बेंगलुरु आने वाले किसी भी यात्री में कोरोनावायरस की पुष्टि नहीं हुई है।
अब तक कुल 2,572 लोगों की एयरपोर्ट पर जांच की जा चुकी है। ये भी बताया है कि 18 जनवरी को चीन से भारत लौटे दो यात्री अस्पताल में भर्ती हैं। इसके अलावा छह यात्री, जिसमें चार चीन के हैं और दो भारतीय हैं, वे घर पर हैं और अगले 28 दिन तक निगरानी में रहेंगे।
कोच्चि एयरपोर्ट पर कुल 178 यात्रियों की जांच हो चुकी है। तीन संदिग्ध मरीजों का ब्लड सैंपल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, पुणे जांच के लिए भेजा गया है। शुक्रवार को चीन से 80 लोग केरल वापस लौटे थे।
नेपाल में एक रोगी में कोरोनावायरस की पुष्टि के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम नेपाल से आ रहे लोगों की जांच कर रही है। सोमवार को 152 लोगों की जांच की गई।
मंगोलिया ने चीन सीमा और स्कूल कॉलेज किए बंद
कोरोनावायरस की दहशत में मंगोलिया ने चीन से लगती अपनी सीमा को कार और पैदल चलने वाले लोगों के लिए बंद कर दी है। इसके अलावा स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी को बंद करने के साथ सार्वजनिक कार्यक्रम पर पूरी तरह रोक लगा दी है। उप प्रधानमंत्री एंकथुवशिन उलजीसाईखान ने कहा कि ये फैसला जनहित को देखकर लिया गया है।
केरल के सीएम ने की मोदी से मांग वुहान में फंसे भारतीय लोगों को एयरलिफ्ट करें
केरल के मुख्यमंत्री पिन्नाराई विजयन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि चीन के वुहान में फैले कोरोनावायरस के कारण वहां फंसे भारतीय लोगों और दक्षिणी राज्यों के लोगों को एयरलिफ्ट किया जाए। पीएम मोदी को लिखे पत्र में विजयन ने कहा है कि ‘वुहान में हालात खराब होते जा रहे हैं’।
राज्य सरकार को सूचना मिली है कि वुहान यूनिवर्सिटी और दूसरी अन्य यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले कई छात्र फंस गए हैं जहां कब्रगाह जैसे हालात हैं। वहां फंसे लोगों को सकुशल वापस लाने के लिए विशेष विमान की व्यवस्था करनी चाहिए।