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चीन में सर्जिकल मास्क की किल्लत, अमरिका पर आरोप- मदद की जगह फैला रहा खौफ

Tue, 04 Feb 2020 12:37 AM IST
अमित कुमार पीटीआई, बीजिंग
पीटीआई, बीजिंग Published by: अमित कुमार Updated Tue, 04 Feb 2020 12:37 AM IST
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coronavirus: China accuses US (America) of spreading global panic over deadly virus
Coronavirus - फोटो : PTI

कोरोना वायरस से जूझ रहे चीन में सर्जिकल मास्क और चिकित्सकीय सामानों की कमी हो गई है और उसे इनकी तत्काल जरूरत है। साल 2002 में आए सार्स से भी ज्यादा लोगों की जान ले चुके कोरोना वायरस से चीन में 17 हजार से ज्यादा लोग संक्त्रस्मित हो चुके हैं। सोमवार को इससे मरने वाले लोगों की संख्या 360 के पार पहुंच गई। 1.4 अरब आबादी वाले देश में लोग डर के मारे अपने घरों में सर्जिकल मास्क जमा कर रहे हैं। इधर, चीन ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि बीमारी से निबटने में मदद करने के बजाय वह डर और खौफ का माहौल पैदा कर रहा है।

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सर्जिकल मास्क बनाने वाली चीनी कंपनियां पूरी क्षमता से काम करें तो रोजाना दो करोड़ सर्जिकल मास्क बना सकती हैं, लेकिन वे फिलहाल 60 से 70 फीसदी उत्पादन ही कर रही हैं। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ शुनविंग ने कहा, चीन को अभी सबसे ज्यादा जरूरत सर्जिकल मास्क, संक्त्रस्मण से सुरक्षित रखने वाले खास सूट और रंगीन चश्मों की है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि दक्षिण कोरिया, जापान, कजाकिस्तान और हंगरी ने चिकित्सकीय सामानों की मदद भेजी है। इधर, चीन का उद्योग मंत्रालय यूरोप, जापान और अमेरिका से सर्जिकल मास्क मंगाने की कोशिश कर रहा है। सर्जिकल मास्क की कमी का बड़ा कारण यह है कि कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित हुबेई के अलावा गुओंगडांग, शिझुआन, जियांग्शी जैसे कई अन्य प्रांतों और शहरों ने सार्वजनिक स्थानों पर इसे पहनना अनिवार्य कर दिया है।
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अमेरिका पर खौफ फैलाने का आरोप

चीनी सरकार ने वायरस के चलते बिगड़ते आर्थिक और कूटनीतिक परिस्थितियों के लिए अमेरिका पर अंगुली उठाई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका मदद करने की बजाय डर और खौफ का माहौल पैदा कर रहा है। बता दें कि व्यापारिक विवादों के चलते चीन और अमेरिका के संबंध पिछले एक साल से तनावपूर्ण रहे हैं। कोरोना वायरस का संक्त्रस्मण सामने आने पर चीनी यात्रियों पर प्रतिबंध और चीन में अपने दूतावास के कर्मचारियों में कमी करने वाला पहला देश अमेरिका ही था।

शेयर बाजार में भारी गिरावट

कोरोना वायरस का असर अब आर्थिक और कूटनीतिक क्षेत्रों में भी दिखने लगा है। सोमवार को चीन के शेयर बाजार में भारी बिकवाली हुई और शंघाई कंपोजिट इंडेक्स में भी करीब 8 प्रतिशत गिरावट आई जो एक साल में सबसे ज्यादा है। इससे निवेशकों को 445 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। चीनी मुद्रा युआन में भी सोमवार को तेज गिरावट दर्ज की गई और और डॉलर के मुकाबले उसका मूल्य करीब 1.5 फीसदी कम हो गया। चीन के केंद्रीय बैंक ने बाजार में 173.8 अरब डॉलर (12 लाख करोड़ रुपए) की नकदी बढ़ाकर गिरावट रोकने की कोशिश की, लेकिन इसका भी खास असर नहीं हुआ।

अलग-थलग पड़ा चीन,पाक से विमान सेवाएं बहाल

वायरस का सबसे ज्यादा कहर झेल रहे वुहान और कुछ अन्य शहर पूरी तरह अलग-थलग पड़ गए हैं। इन शहरों से लोगों की आवाजाही करीब-करीब पूरी तरह बंद है। कई देशों ने चीन में अपनी विमान सेवाएं कम कर दी हैं और वहां से अपने देश आने वालों यात्रियों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। रविवार को बांग्लादेश ने चीनी नागरिकों के लिए वीजा-ऑन अराइवल की सुविधा पर अस्थायी रोक लगा दी। देश में चीनी नागरिकों को काम पर नहीं रखने का निर्देश जारी किया गया है। भारत ने भी रविवार को चीनी नागरिकों के लिए ई-वीजा सुविधा निलंबित कर दी। सिंगापुर, वियतनाम, फिलीपींस, श्रीलंका, मलेशिया और मोजांबिक पहले ही चीनी नागरिकों पर वीजा संबंधी प्रतिबंध लगा चुके हैं। हालांकि, इस बीच पाकिस्तान ने सोमवार को चीन से अपनी विमान सेवाएं दोबारा शुरू कर दीं। कोरोना वायरस का संक्त्रस्मण सामने आने के बाद उसने 2 फरवद्भरी तक चीन में अपनी विमान सेवाओं पर रोक लगा दी थी।

छुट्टियां खत्म, वायरस के और फैलने का डर

देश में चंद्र नए वर्ष की छुट्टियां खत्म होने के बाद कोरोना वायरस के और फैलने का डर स्थानीय लोगों को सताने लगा है। छुट्टियां खत्म होने के बाद लोग एक से दूसरी जगह की यात्राएं कर अपने काम की जगह पर पहुंचेंगे. जिससे वायरस के प्रसार में भी तेजी आ सकती है। डर के मारे लोग अपने आसपास आने-जाने वालों पर नजर रख रहे हैं। खास नजर उन पर है जो वुहान से आए हैं। वुहान से आए लोगों की जानकारी देने के लिए कई जगहों पर ईनाम घोषित किए गए हैं। बता दें कि कोरोना वायरस की शुरुआत वुहान से ही हुई थी।

13 फरवरी तक बंद रहेगे होंडा के प्लांट

जापानी ऑटो निर्माता कंपनी होंडा मोटर कंपनी के वुहान स्थित तीन कार प्लांट 13 फरवरी तक बंद रहेंगे। कंपनी ने पहले बताया था कि प्लांट में 14 फरवरी से दोबारा काम शुरू हो जाएगा, लेकिन सोमवार को कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि इस मामले में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन किया जाएगा। इसलिए, प्लांट दोबारा कब काम शुरू करेंगे, इस बारे में स्पष्ट कुछ नहीं कहा जा सकता। बता दें कि हुबेई की प्रांतीय सरकार ने चंद्र नए साल की छुट्टियां 13 फरवरी तक बढ़ा दी हैं।

10 दिन में तैयार हुआ अस्पताल, मरीजों का इलाज शुरू

कोरोना वायरस से मुकाबले के लिए चीन में नया अस्पताल तैयार हो गया है और इसमें मरीजों का इलाज भी शुरू हो गया है। 1000 बेड वाले इस अस्पताल का निर्माण वुहान में केवल 10 दिन में पूरा किया गया और सोमवार को यहां ईलाज के लिए मरीजों की पहली खेप भी आ गई।  करीब 60 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में बनाए गए दोमंजिला अस्पताल में 30 इंटेंसिव केयर यूनिट हैं। इसमें तमाम आधुनिक सुविधाएं लगाई गई हैं।  यह दूसरा मौका है जब चीन में किसी बीमारी से निबटने के लिए रातोरात अस्पताल तैयार हुआ है। 2003 में सार्स के मरीजों के लिए बीजिंग में इसी तरह अस्पताल बनाया गया था। 
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