अमेरिका में बेरोजगारी दर 14.7 फीसदी हुई, 2.05 करोड़ नौकरी जाने का खतरा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को वहां के सीनेटर टेड क्रूज, टॉम कॉटन, चक ग्रैसली और जोश हावली ने एक पत्र लिखा है। इस पत्र में एच-1 बी वीजा को कुछ समय के लिए निलंबित करने का सुझाव दिया गया है।
विस्तार
अमेरिका में अप्रैल में बेरोजगारी दर 14.7 फीसदी रही, जो महामंदी के बाद उच्चतम रिकॉर्ड की गई है। कोरोना वायरस के कारण 2.05 करोड़ लोगों की नौकरी जाने से अमेरिका में यह हालात पैदा हुए हैं। देश में नौकरियां तेज गति से जा रही हैं।
यह हालात तब हैं जब फरवरी में बेरोजगारी दर 3.5 फीसदी थी, जो पांच दशक के सबसे निचले स्तर पर थी। वहीं मार्च में बेरोजगारी दर्ज 4.4 फीसदी दर्ज की गई थी लेकिन अप्रैल में हालात और जटिल हो गए।
एच-1 बी : सीनेटरों ने ट्रंप से किया इसे निलंबित करने का अनुरोध
वहीं दूसरी ओर रिपब्लिकन पार्टी के शीर्ष सांसदों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से एच-1 बी वीजा समेत संविदा पर काम करने वाले कामगारों को दिए जाने वाले अस्थायी वीजा (गेस्ट वर्कर) को बेरोजगारी दर सामान्य होने तक निलंबित करने का अनुरोध किया है। अमेरिका में कोविड-19 महामारी को फैलने से रोकने के लिए लोगों को घरों में रहने के जारी दिशा-निर्देशों के तहत बेरोजगारी दर रिकॉर्ड उच्च स्तर पर है।
ट्रंप को दिए इस पत्र पर सीनेटर टेड क्रूज, टॉम कॉटन, चक ग्रैसली और जोश हावली ने दस्तखत किए हैं। उन्होंने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में कहा, ‘जैसा कि आप जानते हैं कि 3.3 करोड़ से अधिक अमेरिकियों ने मार्च के मध्य से लेकर अब तक बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन दिया है।’ सांसदों ने लिखा, ‘आर्थिक बहाली के शुरुआती चरण में बेरोजगार अमेरिकियों की रक्षा करने के लिए हम आपसे अगले 60 दिनों के लिए सभी गैर-आव्रजक गेस्ट वर्कर वीजा निलंबित करने का आग्रह करते हैं।’
सात मई को लिखे इस पत्र में अगले 60 दिनों के लिए सभी गैर-आव्रजक गेस्ट वर्कर वीजा निलंबित करने की अपील की है। इसके साथ ही नए गैर-आव्रजक गेस्ट वर्कर वीजा की कुछ श्रेणियों के लिए एक साल या राष्ट्रव्यापी बेरोजगारी दर के सामान्य होने तक निलंबन का अनुरोध किया गया है।
भारत में भी असर: इंडिगो करेगी वेतन में कटौती
विमानन कंपनी इंडिगो कर्मचारियों की मई से वेतन में दस से 25 फीसदी तक की कटौती करेगी। इसके साथ ही वरिष्ठ कर्मचारियों को मई, जून और जुलाई में कर्मचारियों को श्रेणीबद्ध तरीके से सीमित बिना वेतन की छुट्टियों पर भी भेजेगी। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रणजॉय दत्ता ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।
25 मार्च से शुरू हुए लॉकडाउन की मार विमानन कंपनियों पर पड़ी है। दरअसल अगले आदेश तक विमानन कंपनियां बुकिंग नहीं ले रहीं हैलोगों की आवाजाही पर पाबंदी है। सीईओ दत्ता ने अपने कर्मचारियों को ई-मेल भेजकर बताया कि मार्च और अप्रैल में कर्मचारियों का पूरा वेतन दिया गया है।
अब हमारे पास पूर्व में घोषित वेतन कटौती को मई 2020 से लागू करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। इसके साथ ही मई, जून और जुलाई में कर्मचारियों को बिन वेतन के डेढ़ से पांच दिन की छुट्टियों पर भेजना का फैसला लिया है। यह कर्मचारी की श्रेणी पर निर्भर करेगा। इस दौरान यह ध्यान रखा जाएगा कि श्रेणी ए के कर्मचारी जो की हमारे कार्यबल में सर्वाधिक हैं उन पर इस फैसले का कोई असर न पड़े इस तथ्य को सुनिश्चित किया जाएगा।
इंडिगो ने 19 मार्च को वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन में कटौती की घोषणा की थी। लेकिन सरकार की अपील को ध्यान में रखते हुए उसने इसे 23 अप्रैल को इसे वापस ले लिया। मालूम हो कि ज्यादातर घरेलू विमानन कंपनियों नें पिछले कुछ सप्ताह में कॉस्ट कटिंग के तहत वेतन कटौती व लीव विद आउट पे जैसे कदम उठाए हैं।
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