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Corona Vaccine: बढ़ते ग्राफ को देख ब्रिटेन, ब्राजील व जर्मनी समेत कई देशों में लगेगी बूस्टर डोज
Wed, 04 Aug 2021 07:47 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, लंदन
एजेंसी, लंदन
Published by: Kuldeep Singh
Updated Wed, 04 Aug 2021 07:47 AM IST
सार
- ब्रिटेन भी अपने 3.2 करोड़ आबादी को छह सितंबर से बूस्टर डोज देगा।
- जर्मनी में जिन वर्ग व उम्र के लोगों को ज्यादा खतरा है उन्हें सितंबर से बूस्टर डोज देने का फैसला किया गया।
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कोरोना वैक्सीन
- फोटो : PTI
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विस्तार
कोरोना के बढ़ते ग्राफ को देख दुनिया के कुछ देश बूस्टर डोज की तैयारी में जुट गए हैं। ब्रिटेन, ब्राजील, इस्राइल, जर्मनी और संयुक्त अरब अमीरात ने डेल्टा वैरिएंट के बढ़ते प्रकोप के बीच अपने लोगों को टीके की बूस्टर डोज देने का फैसला किया है।
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जर्मनी के स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि कोरोना से जिन वर्ग व उम्र के लोगों को ज्यादा खतरा है उन्हें सितंबर से बूस्टर डोज देने का फैसला किया गया है। जिन भी लोगों को एस्ट्राजेनेका या जॉनसन का टीका लगाया गया है उन्हें बूस्टर डोज के तौर पर एमआरएनए आधारित फाइजर और मॉडर्ना का टीका लगाया जाएगा। ब्रिटेन भी अपने 3.2 करोड़ आबादी को छह सितंबर से बूस्टर डोज देगा।
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वरिष्ठ नागरिकों को बूस्टर डोज
इस्राइल की सरकार ने भी 60 वर्ष से अधिक उम्र केलोगों को बूस्टर डोज लगाने की घोषणा की है। इसी तरह संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) चीन द्वारा निर्मित साइनोफॉर्म वैक्सीन का इस्तेमाल बूस्टर डोज के तौर पर करेगा। मालूम हो कि रूस, फ्रांस, और कंबोडिया भी अपने लोगों कोसंक्रमण से बचाने के लिए बूस्टर डोज दे रहे हैं।
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भारत में बूस्टर डोज कब
दुनिया के दूसरे देश वायरस से बचने के लिए बूस्टर डोज की तैयारी कर रहे हैं। वहीं भारत में वर्ष 2021 के अंत तक वयस्क आबादी को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि बूस्टर डोज की जरूरत पड़ेगी क्योंकि कुछ समय बाद टीके का प्रभाव कम होने लगता या एंटीबॉडीज का स्तर कम होता है। ऐसे में संक्रमण से बचाने के लिए बूस्टर डोज ही विकल्प है।