Congo Unrest: 'कांगो हिंसा में इस साल सात हजार लोगों की मौत', पीएम ने संयुक्त राष्ट्र को दी जानकारी
कांगो के प्रधानमंत्री जूडिथ सुमिनवा तुलुका ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद बताया कि हिंसा में इस साल सात हजार लोगों की मौत हो चुकी है। क्षेत्र में सुरक्षा और मानवीय स्थिति खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। वहीं संयुक्त राष्ट्र ने पूर्वी क्षेत्र के लिए व्यापक खतरे की चेतावनी दी है।
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लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो के पूर्वोत्तर हिस्से में बढ़ रही हिंसा में इस साल सात हजार लोगों की मौत हो चुकी है। एम 23 विद्रोहियों ने पूर्वोत्तर में बड़े क्षेत्र में कब्जा कर लिया है। कांगो के प्रधानमंत्री जूडिथ सुमिनवा तुलुका ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद बताया कि क्षेत्र में सुरक्षा और मानवीय स्थिति खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। वहीं संयुक्त राष्ट्र ने पूर्वी क्षेत्र के लिए व्यापक खतरे की चेतावनी दी है।
लगातार बढ़ रहे एम 23 विद्रोही
बीते महीने रवांडा समर्थित विद्रोही संगठन एम23 और अन्य उग्रवादी संगठनों ने पूर्वी कांगो के गोमा शहर पर कब्जा किया था। उस लड़ाई में करीब 3000 लोग मारे गए थे। इसी हफ्ते विद्रोहियों ने पूर्वी कांगो के बुकावु शहर पर भी कब्जा कर लिया था। गौरतलब है कि इस क्षेत्र में सोने और कोल्टन के भंडार हैं। साथ ही मोबाइल फोन, लैपटॉप में इस्तेमाल होने वाले कैपिसेटर्स को बनाने में जिन खनिजों का इस्तेमाल होता है, उनके भी भंडार पूर्वी कांगो में मौजूद हैं। संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों के अनुसार, विद्रोहियों को रवांडा से लगभग 4,000 सैनिकों का समर्थन प्राप्त है। एम23 विद्रोहियों का कहना है कि वे कांगो के राष्ट्रपति फेलिक्स त्सेसीकेदीन ने नेतृत्व वाली सरकार को हटाना चाहते हैं। उनका कहना है कि वह बुरे शासन और असुरक्षा को समाप्त करना चाहते हैं।
क्या है लड़ाई की वजह
100 से ज्यादा विद्रोही संगठन मिलकर कांगो पर हमला कर रहे हैं। इनमें एक प्रमुख संगठन है एम23। रवांडा का आरोप है कि साल 1994 में रवांडा के अल्पसंख्यकों तुत्सीस और उदारवादी हुतुस जनजाति के लोगों का नरसंहार किया गया और इस नरसंहार के पीछे कट्टरपंथी हुतु लोग शामिल थे। रवांडा का कहना है कि वे तुत्सीस और उदारवादी हुतु लोगों की सुरक्षा के लिए कांगो में बदलाव लाना चाहता है और उसे एक असफल राष्ट्र से आधुनिक राष्ट्र बनाना चाहता है। हालांकि विश्लेषकों को रवांडा के इस दावे पर शक है और उनका कहना है कि रवांडा की नजरें कांगो के खरबों डॉलर की कीमत वाली खनिज संपदा पर है और रवांडा कांगो पर कब्जा कर उसकी खनिज संपदा का अपने फायदे के लिए दोहन करना चाहता है।
11 युवाओं की कर दी गई हत्या
स्थानीय लोगों का कहना है कि एम23 की खुफिया शाखा पूर्व कांगो सैनिकों और अपराधियों को खोज रही है। लेकिन कुछ लोगों की गलत पहचान कर ली गई है। रविवार को भारोत्तोलन कक्षा में इंतजार कर रहे 11 युवाओं की चोर समझकर हत्या कर दी गई।
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