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युद्ध का 20वां दिन : रूस में भी आम जीवन बेहाल, महंगाई चरम पर, जमाखोरी बढ़ी, मध्यमवर्ग के सामने खड़ा हुआ खरीदी का संकट

Wed, 16 Mar 2022 02:48 AM IST
योगेश साहू न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, मॉस्को।
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, मॉस्को। Published by: योगेश साहू Updated Wed, 16 Mar 2022 02:48 AM IST
सार

रूसी सेना ने जंग के 20वें दिन मंगलवार को कीव पर हमले का दायरा बढ़ा दिया। रूस की मिसाइलें कई आवासीय इमारतों पर आकर गिरीं, जिसके बाद कई लोग मलबे में दब गए। अपने घरों को तबाही के धुएं में लिपटा देख उनमें रहने वाले लोग बिलखते रहे। उधर, रूसी वित्त मंत्रालय के मुताबिक, 25 फरवरी को वार्षिक ग्राहक महंगाई दर जहां 9.05 प्रतिशत थी वह 4 मार्च को 10.42 फीसदी हो गई। प्रति सप्ताह महंगाई भी 0.45 फीसदी से 2.22 फीसदी पर पहुंच गई है।

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Common life in Russia is also suffering due to war: inflation at peak, hoarding increased, crisis of purchase in front of middle class
रूस-यूक्रेन युद्ध - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रूस-यूक्रेन युद्ध के 20वें दिन भी जहां यूक्रेन पर रूसी सेना की बमबारी जारी है वहीं रूस पर प्रतिबंधों का दौर भी रुक नहीं रहा। इस दौरान यूक्रेनी शहरों से बड़ी संख्या में पलायन के कारण शरणार्थी संकट बढ़ रहा है वहीं रूसी शहरों में भी आम जीवन बेहाल है। रूस में बढ़ते प्रतिबंधों व आर्थिक दंडों के चलते महंगाई चरम पर है और जमाखोरी बढ़ने लगी है। रूबल की कीमत भी गिर चुकी है।

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रूस में जमीनी हालात यह हैं कि आम मध्यमवर्ग के सामने खरीदी का संकट खड़ा हो गया है। खाद्य तेल, चीनी और और दूसरी जरूरी चीजों के दाम प्रतिबंधों के बाद से ही बढ़ चुके हैं। पिछले 20 दिन में चीनी के दाम 20 फीसदी तक बढ़ गए हैं। मॉस्को और दूसरे शहरों में दवाईयों की बिक्री को भी सीमित किया जा रहा है। मॉस्को, बेलग्रेड, सेंट पीटर्सबर्ग और नोवेसिबर्स्क में जमाखोरी की खबरें हैं। 
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उधर, रूसी मुद्रा रूबर का यूक्रेन पर हमला शुरू होने के बाद से ही गिरना जारी है। 20 फरवरी को जहां ग्रॉसरी का जो सामान 5,500 रूबल में आता था, उसके लिए अब 8,500 रूबल चुकाने पड़ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय पाबंदियों के चलते रूस में स्मार्टफोन और लैपटॉप की आपूर्ति रुकने से इनके दाम 10 फीसदी तक  बढ़ गए हैं। जबकि कई कंपनियों का सामान बिकना ही बंद हो चुका है। इन हालात का पूरा असर आम जिंदगी पर पड़ रहा है।
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भुगतान लेने-देने का संकट
पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बाद से रूस विदेशी मुद्रा में डॉलर और यूरो रिजर्व का उपयोग नहीं कर पा रहा है। इसके उपाय के तौर पर रूस विदेश मुद्रा के तौर पर चीनी मुद्रा युआन का प्रयोग करेगा। लेकिन अभी उसके सामने समस्या है। रूस के वित्तीय संस्थान अंतरराष्ट्रीय स्विफ्ट भुगतान प्रणाली से हटा लिए गए हैं। इससे रूस में पेमेंट करना और रूस के बाहर पैसा पहुंचाना मुश्किल हो गया है। एप्पल, गूगल पे, मास्टरकार्ड, वीजा ने रूस में अपनी सेवाएं सीमित की हैं। इस कारण लोगों के सामने भुगतान लेने-देने का भी संकट खड़ा हो गया है।

हर सप्ताह महंगाई बढ़ने से दैनिक खर्च प्रभावित
रूसी वित्त मंत्रालय के मुताबिक, 25 फरवरी को वार्षिक ग्राहक महंगाई दर जहां 9.05 प्रतिशत थी वह 4 मार्च को 10.42 फीसदी हो गई। प्रति सप्ताह महंगाई भी 0.45 फीसदी से 2.22 फीसदी पर पहुंच गई है। यहां के प्रोमस्वयाज बैंक (पीएसबी) के मुताबिक लोगों ने मार्च माह के पहले हफ्ते में खाने व कपड़े पर ज्यादा खर्च किया। एक आम रूसी ने फरवरी में किए गए कुल औसत खर्चे की तुलना में मार्च के पहले हफ्ते में 21 फीसदी अधिक खर्च किया। 

यूक्रेन संकट के बीच ब्रिटिश वीजा प्राथमिकता सेवाएं निलंबित
मौजूदा यूक्रेन संकट के बीच ब्रिटिश वीजा और आव्रजन विभाग (यूकेवीआई) ने देश के बाहर से किए जा रहे सभी आवेदनों के लिए प्राथमिकता और अति-प्राथमिकता वीजा सेवाओं को निलंबित करने का फैसला किया है। नए अपडेट के मुताबिक, अब अध्ययन, कार्य और पारिवारिक वीजा के लिए आवेदनों पर कार्रवाई होने में ज्यादा समय लग सकता है।

भारत में ब्रिटिश दूतावास ने ट्वीट किया, यूकेवीआई यूक्रेन पर हमले के कारण पैदा हुए मानवीय संकट के जवाब में यूक्रेन परिवार योजना के आवेदनों को प्राथमिकता दे रहा है, और इसलिए अध्ययन, कार्य तथा पारिवारिक वीजा के लिए आवेदनों को संसाधित होने में अधिक समय लग सकता है। यूकेवीआई निजी मामलों पर अपडेट देने में असमर्थ है और कृपया वीएसी में तब तक शामिल न हों जब तक आपको ऐसा करने के लिए आमंत्रित नहीं किया जाता है।

आपात स्थिति में सहायता के लिए कृपया http://gov.uk/contact-ukvi-inside-outside-uk से संपर्क करें। सोमवार को, ब्रिटिश सेक्रेटरी ऑफ लेवलिंग अप, हाउसिंग एंड कम्युनिटीज, माइकल गोव ने प्रायोजकों के लिए एक वेबपेज लॉन्च किया, जिसमें आवेदनों के लिए योजना के पहले चरण से पहले अपनी रुचि दर्ज की गई।

युद्ध का 20वां दिन : रूस ने राष्ट्रपति बाइडन समेत अमेरिकी विदेश और रक्षामंत्री पर लगाए प्रतिबंध
यूक्रेन पर हमले के बाद पश्चिमी देशों द्वारा लगाए प्रतिबंधों से परेशान रूस ने मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, विदेशमंत्री एंटनी ब्लिंकन, रक्षामंत्री लॉयड ऑस्टिन और अमेरिकी सेनाओं के चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष मार्क मिले पर व्यक्तिगत प्रतिबंध लगा दिया। इन सभी की रूस में स्थित संपत्तियां जब्त हो जाएंगी और वहां प्रवेश की इजाजत भी नहीं होगी। उधर, रूस ने दावा किया, यूक्रेन के दक्षिणी शहर खेरसान पर उसका पूरा कब्जा हो गया है। वहीं, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने दोहराया कि उनका देश नाटो का सदस्य नहीं बन सकता। 

यही सच है और यूक्रेनवासियों को इसे मान लेना चाहिए। जेलेंस्की ने यह भी कहा, यूक्रेन रूसी आक्रमण के सामने नहीं झुकेगा। जेलेंस्की ने ब्रिटेन की अगुआई वाले संयुक्त बल की बैठक में कहा, यह स्पष्ट है कि हम नाटो के सदस्य नहीं हो सकते। हम इसे समझते हैं। वर्षों से हमें कहा जा रहा था कि दरवाजा खुला है, लेकिन अब सुन रहे हैं कि हम इसमें प्रवेश नहीं कर सकते। इस बीच, तीन पड़ोसी देशों पोलैंड, चेक गणराज्य व स्लोवेनिया के प्रधानमंत्री अपना समर्थन जताने मंगलवार को कीव पहुंच गए।

29 लाख छोड़ चुके यूक्रेन
अबतक 29 लाख से अधिक लोग यूक्रेन छोड़कर पड़ोसी देशों में शरणार्थी बनने पर मजबूर हुए हैं। 73 हजार बच्चे रोज देश छोड़ रहे हैं।

शहरों में भीषण बमबारी
यूक्रेन ने कहा, रूसी सेनाओं ने पश्चिमी हवाईअड्डे समेत कीव, चेर्निहीव व माइकोलेव शहरों में भीषण बमबारी की। एक टीवी स्टेशन पर हवाई हमले में 19 लोगों की मौत हो गई। वहीं, दोनों देशों में अब दैनिक आधार पर वार्ता शुरू हो गई है। जेलेंस्की के सलाहकार ने जल्द युद्ध खत्म होने का दावा किया है।

एकजुटता का संदेश : जंग के बीच ट्रेन से कीव पहुंचे पोलैंड चेक गणराज्य व स्लोवेनिया के पीएम, कुछ घंटे पहले ही कीव में जबरदस्त धमाके
रूसी हमले के खिलाफ यूक्रेन के साथ यूरोपीय संघ (ईयू) की तरफ से एकजुटता प्रदर्शित करने पोलैंड, चेक गणराज्य और स्लोवेनिया के प्रधानमंत्री मंगलवार को ट्रेन से कीव पहुंचे।  बीते माह युद्ध की शुरुआत होने के बाद से विदेशी नेताओं की यह पहली यूक्रेन यात्रा है। तीनों नेताओं के यूक्रेन पहुंचने से कुछ घंटे पहले ही कीव में अल-सुबह दो जबरदस्त धमाके हुए, जिनसे पूरी राजधानी दहल गई। आपातकालीन सेवाओं के मुताबिक धमाकों की वजह से एक बहुमंजिला इमारत के मलबे में दबने से दो लोगों की मौत हो गई।

मोराविकि के प्रमुख सहयोगी मिखाइल ड्वॉर्क्जिक ने बताया कि तीनों नेताओं के साथ प्रतिनिधिमंडल ने सुबह आठ बजे के बाद पोलेंड-यूक्रेन की सीमा से यूक्रेन में प्रवेश किया। इसके अलावा उन्होंने बताया कि इस दौरे के विचार पर पिछले सप्ताह फ्रांस के वर्साय में यूरोपीय संघ के नेताओं के शिखर सम्मेलन में सहमति बनी थी।

चेक प्रधानमंत्री पेट्र फियाला ने कहा, यात्रा का मकसद यूक्रेन की संप्रभुता और स्वतंत्रता के लिए पूरे यूरोपीय संघ के स्पष्ट समर्थन की पुष्टि करना है। वहीं, स्लोवेनियाई प्रधानमंत्री जेनेज जानसा ने कहा, इस यात्रा के जरिये यूक्रेन और यूक्रेनियन लोगों के साथ पूरे यूरोप का व्यापक समर्थन व्यक्त किया गया है। चेक गणराज्य और पोलेंड रूस के साथ युद्ध के शुरुआत के समय से ही यूक्रेन का पुरजोर समर्थन कर रहे हैं। इस बुरे दौर में हम यूक्रेन के नागरिकों के साथ हैं।

मोराविकि बोले- सबका कर्तव्य है...वहां मौजूद रहें, जहां इतिहास गढ़ा जा रहा
रूस की तरफ से यूक्रेन के खिलाफ किए गए आपराधिक हमले की शुरुआत के 20 दिन हो चुके हैं। यह वक्त पूरी दुनिया के लिए बेहद अहम है, इस दौर में सबका कर्तव्य है कि वहां मौजूद रहें, जहां इतिहास गढ़ा जा रहा है। यह सिर्फ हमारे बारे में नहीं है, बल्कि हमारे बच्चों के भविष्य के बारे में भी है, जिन्हें अत्याचार से मुक्त दुनिया में रहने का हक है। -मातेउस्ज मोराविकि, पोलिश प्रधानमंत्री (यूक्रेन पहुंचकर फेसबुक पर बयान)

ईयू ने रूस के खिलाफ चौथी बार लगाए प्रतिबंध
यूरोपीय संघ (ईयू) ने रूस पर चौथी बार प्रतिबंध लागू करने की घोषणा की है। ईयू की अध्यक्षता कर रहे फ्रांस ने कहा कि 27 देशों की सदस्यता वाले ईयू ने हमारे वैश्विक साझेदारों के साथ विचार-विमर्श करके यूक्रेन के खिलाफ हमले में शामिल लोगों एवं प्रतिष्ठानों तथा रूसी अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों को निशाना बनाने वाले चौथे पैकेज को मंजूरी दी है।

सबसे पसंदीदा-राष्ट्र का आवेदन खारिज
ईयू ने रूस के लिए सबसे पसंदीदा-राष्ट्र के पद संबंधी आवेदन को खारिज करने की मंजूरी दे दी है। इससे कंपनियों को तवज्जो नहीं मिलेगी।

अमेरिकी धमकी के बाद डरा चीन, दी सफाई- जंग से कोई वास्ता नहीं
अमेरिका से मिल रही धमकियों के बीच चीन ने सफाई दी है कि यूक्रेन पर रूसी जंग से उसका कोई वास्ता नहीं है। न ही वह अमेरिकी प्रतिबंधों से प्रभावित होना चाहता है। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने स्पेनी समकक्ष जोस मैनुअल अल्बारेस से फोन पर कहा, बीजिंग को अपने अधिकारों और हितों की रक्षा करने का पूरा अधिकार है। कुछ ताकतें यूक्रेन संकट में चीन को कलंकित कर रही हैं, लेकिन इस युद्ध से हमारा कोई लेना-देना नहीं हैं। वहीं, शीर्ष चीनी राजनयिक यांग जिएची ने भी रोम में अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाकार जेक सुलिवान से बात की थी।

  • यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका ने रूस को पश्चिमी प्रतिबंधों से बचाने में मदद करने को लेकर चीन को गंभीर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
  • क्रेमलिन ने बीजिंग से हथियार मांगने के आरोप खारिज किए : कहा, रूस सक्षम देश... वह अपने बूते कार्रवाई जारी रखेगा।


रूस की घेराबंदी : जी-7 और नाटो से परे एक नए वैश्विक गठबंधन के लिए काम कर रहा अमेरिका

  • राष्ट्रपति जो बाइडन का प्रशासन जी-7 और उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) भागीदारों से परे एक वैश्विक गठबंधन बनाने की दिशा में काम कर रहा है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने बताया कि चीन, भारत, ब्राजील और मेक्सिको जैसे कुछ देश रूस के खिलाफ अमेरिका के आर्थिक युद्ध का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन इससे रूस के खिलाफ जो बाइडन प्रशासन के प्रयास कमजोर नहीं हुए हैं।
  • साकी ने कहा, हम जी-7 और अपने नाटो भागीदारों से परे एक वैश्विक गठबंधन बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं और इसमें हमें काफी सफलता भी मिली है। विश्व मंच पर राष्ट्रपति बाइडन के नेतृत्व और आर्थिक पाबंदियों ने रूस तथा उसकी अर्थव्यवस्था को पतन की कगार पर पहुंचा दिया है।

ऑपरेशन गंगा...भारतीयों ने यूक्रेन में की निस्वार्थ सेवा, यह हमारी सभ्यता व मूल्यों का उदाहरण : मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को विशेष रूप से देश के बाहर रह रहे भारतीयों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी निस्वार्थ सेवा भारतीय सभ्यता और मूल्यों का उदाहरण है, जो वे विदेश में भी कायम रखे हुए हैं। उन्होंने दूतावासों के अधिकारियों से वर्चुअल तरीके से बात की, जो यूक्रेन संकट के दौरान भारतीयों की निकासी की मुहिम ऑपरेशन गंगा को अंजाम दे रहे थे। उन्होंने हंगरी और रोमानिया के दूतावास कर्मियों से भी बात की।

इस बातचीत के दौरान केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, कानून मंत्री किरण रिजिजू, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री जनरल (से.) वीके सिंह भी मौजूद थे। ये चारो मंत्री क्रमश: रोमानिया, स्लोवाक गणराज्य, हंगरी और पोलैंड भेजे गए थे। भारत अब तक यूक्रेन से 22,500 से अधिक लोगों को बचाकर ला चुका है। इस दौरान बांग्लादेश और नेपाल के नागरिक भी बचाए गए हैं।

दावा : फरवरी से यूक्रेन पर हुए 3000 साइबर हमले
यूक्रेन के एसएसएससीआईपी साइबर सुरक्षा एजेंसी के उप चेयरमैन विक्टर झोरा के अनुसार फरवरी मध्य के बाद से यूक्रेन के खिलाफ 3000 साइबर हमले हुए हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से अधिकतर हमले रूस की ओर से किए गए हैं। इनका उद्देश्य इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को निशाना बनाना और अन्य संचार सेवाओं को ठप करना था।

यूक्रेन युद्ध में एक और पत्रकार की मौत
फॉक्स न्यूज के फोटोग्राफर पियरे जेक्रजेव्स्की की यूक्रेन युद्ध के दौरान फायरिंग में मौत हो गई है। जेक्रजेव्स्की कीव के बाहरी हिस्से में संवाददाता बेंजामिन हॉल के साथ खबरें जुटाने एक गाड़ी में जा रहे थे जब उनकी गाड़ी अचानक गोलीबारी की चपेट में आ गई। हॉल घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती हैं। जेक्रजेव्स्की एक युद्ध फोटोग्राफर थे जिन्होंने ईराक, अफगानिस्तान और सीरिया में भी फॉक्स न्यूज के लिए काम किया था। फॉक्स न्यूज के सीईओ सूजेन स्कॉट ने कंपनी के कर्मचारियों को भेजे मेल में लिखा कि पत्रकारिता के लिए जेक्रजेव्स्की का जुनून और उनकी योग्यता अतुलनीय थी। पिछले दो दिन में यूक्रेन युद्ध में मारे जाने वाले जेक्रजेव्स्की दूसरे पत्रकार हैं।

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