फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   CM of Pakistan's restive Khyber Pakhtunkhwa province advocates talks with TTP militants to ensure peace

Pakistan: हमलों से परेशान खैबर पख्तूनख्वा के CM, शहबाज सरकार के खिलाफ जाकर आतंकवादियों से बात करने को तैयार

Tue, 23 Apr 2024 03:09 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: काव्या मिश्रा Updated Tue, 23 Apr 2024 03:09 PM IST
सार

तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान द्वारा नवंबर 2022 में संघर्ष विराम समाप्त करने के बाद से पाकिस्तान में आए दिन आतंकवादी हमले देखने को मिलते हैं। सबसे ज्यादा जिन क्षेत्रों को निशाना बनाया जा रहा है उनमें खैबर पख्तूनख्वा, बलूचिस्तान और पंजाब शामिल है। 

विज्ञापन
CM of Pakistan's restive Khyber Pakhtunkhwa province advocates talks with TTP militants to ensure peace
Chief Minister Ali Amin Gandapur - फोटो : एएनआई

विस्तार

पाकिस्तान में आतंकवादियों का आतंक तेजी से बढ़ता जा रहा है। आए दिन हमले होते रहते हैं। भारत का पड़ोसी मुल्क प्रतिबंधित पाकिस्तानी तालिबान के साथ सार्थक बातचीत नहीं करने की अपनी इस नीति पर डटा हुआ है। हालांकि, इस बीच खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर का रुख कुछ और ही देखने को मिला। उन्होंने क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए खूंखार आतंकवादी समूह के साथ बातचीत करने का आह्वान किया है।

विज्ञापन


नवंबर 2022 में संघर्ष विराम समाप्त करने के बाद से हमले बढ़े
तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) द्वारा नवंबर 2022 में संघर्ष विराम समाप्त करने के बाद से पाकिस्तान में आए दिन आतंकवादी हमले देखने को मिलते हैं। सबसे ज्यादा जिन क्षेत्रों को निशाना बनाया जा रहा है उनमें खैबर पख्तूनख्वा, बलूचिस्तान और पंजाब शामिल है। आतंकी हमले इस्लामाबाद और कराची तक पहुंच गए हैं।
विज्ञापन


राष्ट्रीय स्तर पर एक रणनीति बनाई जाए
गंडापुर ने सोमवार को पत्रकारों से कहा कि प्रांत में शांति सुनिश्चित करने के लिए आतंकवादियों के साथ बातचीत जरूरी है। क्षेत्र को और नुकसान रोकने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक रणनीति बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रांत में कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार के लिए हम आतंकवादी संगठन के साथ सार्थक वार्ता का पूरा समर्थन करते हैं। जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के मुख्यमंत्री ने कहा कि ठोस स्तर पर समस्या के खत्म करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति के मापदंडों के दायरे में आतंकवादी संगठन के साथ बातचीत होनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


शरीफ सरकार ने टीटीपी के साथ बातचीत की थी बंद
इमरान खान के सत्ता में रहने के दौरान टीटीपी नेतृत्व के साथ औपचारिक बातचीत हुई थी। पाकिस्तान के कई प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए काबुल गए थे। हालांकि, सभी प्रयास असफल रहे। साल 2022 में इस्लामाबाद में शासन परिवर्तन के बाद, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार ने टीटीपी के साथ बातचीत की प्रक्रिया बंद कर दी और आतंकवादियों के खिलाफ सैन्य अभियान चलाने का फैसला किया।

वर्ष 2023 में पाकिस्तान ने प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) आतंकवादी समूह को बेअसर करने में काबुल की विफलता के बाद अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अफगान तालिबान के मामले का समर्थन नहीं करने या कोई अन्य सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया।


टीटीपी, जिसका अफगान तालिबान के साथ वैचारिक संबंध है और इसे पाकिस्तान तालिबान के रूप में भी जाना जाता है, को 2007 में कई आतंकवादी संगठनों के एक छत्र समूह के रूप में स्थापित किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य पूरे पाकिस्तान में इस्लाम के अपने सख्त ब्रांड को लागू करना है। पाकिस्तान को उम्मीद थी कि सत्ता में आने के बाद अफगान तालिबान टीटीपी के सदस्यों को निष्कासित करके पाकिस्तान के खिलाफ अपनी जमीन का इस्तेमाल बंद कर देगा, लेकिन उन्होंने इस्लामाबाद के साथ तनावपूर्ण संबंधों की कीमत पर ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया है। तालिबान अफगानिस्तान में टीटीपी की उपस्थिति से इनकार करता रहा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed