चीन में पालतू बिल्ली की मौत से दुखी युवक ने तैयार कराया क्लोन
- चीनी कंपनी सिंगोजीन ने बनाई पहली क्लोन बिल्ली
- अब तक 40 से ज्यादा कुत्तों का क्लोन तैयार कर चुकी है
- गार्लिक और क्लोन में करीब 90 फीसदी एकरूपता
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चीनी कंपनी सिंगोजीन ने देश की पहली क्लोन बिल्ली बनाई है। इसका जन्म 21 जुलाई को हुआ। यह गार्लिक नामक पालतू बिल्ली की हूबहू नकल है। क्लोन का जन्म गार्लिक की मौत के सात महीने बाद हुआ है। इसे तैयार कराने वाले 23 वर्षीय हुआंग यू ने बताया कि वह गार्लिक को परिवार का हिस्सा मानते थे। उसकी मौत से बहुत दुखी थे लेकिन उसका दूसरा अवतार देखकर खुश हैं। गार्लिक और क्लोन में करीब 90 फीसदी एकरूपता है।
सिंगोजीन के सीईओ मी जिडोंग ने कहा कि कीमत ज्यादा होने के बावजूद क्लोन तैयार करवाने वालों की लंबी कतार है। इनमें ज्यादातर युवा हैं। एक कुत्ते का क्लोन तैयार करने में करीब 53 हजार डॉलर (38 लाख रुपये) लागत आती है। जबकि बिल्ली के क्लोन में करीब 25 लाख रुपये खर्च हुए। चीनी वैज्ञानिक भी पशुओं के क्लोन तैयार करने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। चीनी अकादमी ऑफ साइंसेज के विशेषज्ञ चेन डेयुआन पिछले 20 साल से पांडा का क्लोन बनाने में जुटे हैं।
सिंगोजीन चीन की पहली ऐसी कंपनी है जिसने बिल्ली का क्लोन बनाया है। कंपनी अब तक 40 से ज्यादा पालतू कुत्तों का क्लोन तैयार कर चुकी है। चीन में पालतू पशुओं का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। पैट फेयर एशिया के अनुसार, यहां पालतू पशुओं से संबंधित खर्च 23.7 अरब डॉलर या करीब एक लाख 70 हजार करोड़ रुपये सालाना तक पहुंच चुका है।
कई देशों में पालतू पशुओं की क्लोनिंग पर रोक
दुनिया के कई देशों में पालतू पशुओं की क्लोनिंग पर रोक है लेकिन आवश्यक मंजूरी लेकर अमेरिका और दक्षिण कोरिया में पालतू पशुओं का क्लोन बनाया जा सकता है। दक्षिण कोरिया में 2005 में पहले कुत्ते का क्लोन बनाया गया था। दक्षिण कोरिया के सूआम बायोटेक रिसर्च फाउंडेशन अब तक करीब 800 पशुओं का क्लोन तैयार करने का दावा करता है। वह प्रति पशु करीब 72 लाख रुपये वसूलता है।