Ukraine War: शी जिनपिंग ने जेलेंस्की से की फोन पर बात, युद्ध को खत्म करने के लिए की मध्यस्थता की पेशकश
चीन के राष्ट्रपति शी ने फोन पर बातचीत में कहा, बातचीत और संवाद ही आगे बढ़ने का एकमात्र व्यावहारिक तरीका है। उन्होंने संघर्ष विराम पर बातचीत के लिए एक विशेष दूत भेजने की पेशकश की।
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रूस और यूक्रेन के बीच 24 फरवरी 2022 को शुरु हुआ भीषण युद्ध अब भी जारी है। दोनों पक्षों के हजारों सैनिक मारे जा चुके हैं। लेकिन यह संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने यूक्रेनी समकक्ष वोलोदिमिर जेलेंस्की के साथ फोन पर पहली बातचीत की। इस दौरान उन्होंने युद्ध को खत्म करने के लिए संघर्ष विराम और राजनीतिक समाधान लाने के लिए मध्यस्थता करने की पेशकश की।
शी जिनपिंग ने पिछले महीने मॉस्को का दौरा कर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एकजुटता जताई थी। तब इसकी दुनियाभर में खूब चर्चा हुई थी। अब वहीं शी जिनपिंग जेलेंस्की के साथ फोन पर बातचीत में मध्यस्थता की बात कर रहे हैं। शी ने कहा, बातचीत और संवाद ही आगे बढ़ने का एकमात्र व्यावहारिक तरीका है। उन्होंने संघर्ष विराम पर बातचीत के लिए एक विशेष दूत भेजने की पेशकश की।
उन्होंने लंबे समय से चल रहे युद्ध को लेकर आगाह करते हुए कहा, परमाणु युद्ध में कोई विजेता नहीं होता। परमाणु मुद्दे पर सभी संबंधित पक्षों को शांत रहना चाहिए और संयम बरतना चाहिए। अपने और मानवता के हित में वास्तव में काम करना चाहिए और मिलकर संकट का प्रबंधन करना चाहिए। शी ने कहा, अब तर्कसंगत सोच और आवाजें बढ़ रही हैं, ऐसे में संकट के राजनीतिक समाधाना के लिए इस अवसर का लाभ उठाना और अनुकूल परिस्थितियों का निर्माण करना महत्वपूर्ण है।
पिछले साल फरवरी में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद शी और जेलेंस्की के बीच यह पहला संपर्क है। मध्य पूर्व के दो प्रतिद्वंद्वी देश ईरान और सऊदी अरब के बीच शांति समझौते पर सफलतापूर्व बात करने के बाद शी जिनपिंग अब चीन की राजनयिक पहुंच को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। सात साल पहले दोनों देशों (सऊदी अरब-ईरान) ने भारी विवाद के बाद अपने राजनयित रिश्ते तोड़ लिए थे।
रूस का जिक्र किए बिना शी ने जेलेंस्की से कहा, उम्मीद है सभी पक्ष यूक्रेन संकट पर गंभीरता से विचार करेंगे और मिलकर बातचीत के जरिए यूरोप में स्थायी शांति और सुरक्षा लाने के तरीकों का पता लगाएंगे। उन्होंने कहा, चीन शांति के लिए वार्ता जारी रखेगा और जल्द संघर्ष विराम व शांति बहाली के लिए अपने प्रयास जारी रखेगा। चीन, यूक्रेन संकट के राजनीतिक समाधान पर सभी पक्षों के साथ गहन संवाद करने के लिए विशेष प्रतिनिधि को यूक्रेन और अन्य देशों में भेजेगा।
आधिकारिक बयान में रूस का कोई जिक्र नहीं किया गया है। यूक्रेन के खिलाफ युद्ध करने के बाद से चीन ने रूस की निंदा नहीं की है। हालांकि, उसने मॉस्को के दावों को भी मान्यता नहीं दी है। लेकिन, उसने रूस के साथ राजनीतिक, व्यापारिक और सैन्य संबंधों को मजबूत किया है। जेलेंस्की ने ट्वीट किया, राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ फोन पर लंबी और सार्थक बातचीत हुई। मुझे भरोसा है कि यह फोन कॉल चीन में यूक्रेन के राजदूत की नियुक्त के साथ ही हमारे द्विपक्षीय संबंधों के विकास को एक शक्तिशाली गति देगी। पुतिन पहले ही चीन की मध्यस्थता का स्वागत कर चुके हैं।
पर्यवेक्षकों का कहना है कि जेलेंस्की के पास विवादित क्षेत्रों पर रूसी दावों को छोड़े बिना समझौते को स्वीकार करने के लिए बहुत कम जगह है। शी की रूस यात्रा से पहले चीन ने 12 सूत्रीय दस्तावेज जारी कर यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए शांति वार्ता के बाद संघर्ष विराम का आह्वान किया था।
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