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खुली पोल: चीनी कंपनियों ने अमेरिका-यूरोप में गंवाया विश्वास, खुफिया एजेंसियों ने माना- तकनीक चुराना इनका मकसद

Sun, 28 Aug 2022 04:53 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, वाशिंगटन।
एजेंसी, वाशिंगटन। Published by: देव कश्यप Updated Sun, 28 Aug 2022 04:53 AM IST
सार

अमेरिका, यूरोपीय संघ, यूके ने चीनी कंपनियों को प्रतिबंधित करना शुरू कर दिया है। एफबीआई की तरह यूके की खुफिया एजेंसी एमआई5 ने भी पहली बार चीनी सरकार की जासूसी के खिलाफ चेतावनी जारी की है। एशियन लाइट इंटरनेशनल के अनुसार, एजेंसियों ने माना है कि चीन सरकार बड़े तालमेल के साथ जासूसी अभियान चला रही है।

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Chinese companies lost trust in America-Europe
FBI - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

‘चीनी कंपनियां तुम्हारी तकनीकें चुरा लेंगी। वे तकनीकें, जिनसे तुम्हारे उद्योग आगे बढ़ रहे हैं। इसी का इस्तेमाल तुम्हारे कारोबार खत्म करने में करेंगी। तुम्हारे ही बाजार में आकर तुम्हें दबाएंगी।’ अमेरिकी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) के डायरेक्टर क्रिस्टोफर ए रे के ये चेतावनी भरे शब्द उस डर को बताते हैं, जो विकसित देशों के मन में तो हैं लेकिन अब तक वे इस पर खुलकर बात नहीं कर रहे थे।

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अब हालात बदले हैं। अमेरिका, यूरोपीय संघ, यूके ने चीनी कंपनियों को प्रतिबंधित करना शुरू कर दिया है। एफबीआई की तरह यूके की खुफिया एजेंसी एमआई5 ने भी पहली बार चीनी सरकार की जासूसी के खिलाफ चेतावनी जारी की है। एशियन लाइट इंटरनेशनल के अनुसार, एजेंसियों ने माना है कि चीन सरकार बड़े तालमेल के साथ जासूसी अभियान चला रही है। चीनी कंपनियां का लक्ष्य दूसरे देशों की महत्वपूर्ण तकनीक हासिल करना या चुराना है। पश्चिमी देशों की एजेंसियों के अनुसार खतरा ‘वास्तविक’ है और ‘तत्काल ध्यान देना होगा।’ देरी हुई तो पूरा खेल बदल सकता है। यानी चीन तकनीकी क्षेत्र में बहुत आगे निकल जाएगा।
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सख्ती की शुरुआत
मार्च, 2021 में अमेरिका के फेडरल कम्युनिकेशन कमीशन ने पांच चीनी कंपनियों को देश की सुरक्षा के लिए खतरा मानकर प्रतिबंधित किया। इसके लिए 2019 में ही बने नये कानून का उपयोग किया। प्रतिबंधित कंपनियों में चीन की प्रमुख टेक कंपनी हुआवे टेक्नोलॉजी, जेडटीई कॉर्प, हाईटेरा कम्युनिकेशन कॉर्प, हांग्जो हाईकीविजन डिजिटल टेक, झिजियांग देहुआ  टेक शामिल हैं।
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इस तरह पहचान कर रोक रहे चीन का खतरा

  • खुफिया एजेंसी ने पता लगाया कि कौन सी कंपनियों के उपकरण और सेवाएं अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकों को किस तरह खतरे में डाल रही हैं।
  • 2018 में अमेरिका ने डिफेंस ऑथराइजेशन एक्ट बनाया। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समय में हुआवे सहित कई कंपनियों को कारोबार की ब्लैक लिस्ट में डाला गया।
  • रिपब्लिकन सांसदों ने चिंता जताई कि हुआवे क्लाउड सर्विसेस 40 देशों में मौजूद है। इसका उपयोग चीन की कम्युनिस्ट पार्टी जासूसी के लिए कर रही है। विदेश मंत्री एंथनी ब्लिंकन को अमेरिका में इसका प्रसार रोकने को कहा गया।


यूरोप ने भी उठाए कदम
फरवरी में यूरोपीय संघ ने विश्व व्यापार संगठन में चीन के खिलाफ केस दायर कर कहा कि चीन उसकी कंपनियों को वाजिब अधिकार होने के बावजूद 4जी या 5जी जैसी अहम तकनीक उपयोग नहीं करने देता। पेटेंट का गलत उपयोग करता है। यूके ने हुआवे को अपने यहां 5जी सेवाएं विकसित करने की योजना में शामिल होने से प्रतिबंधित कर दिया। फ्रांस व इटली ने हुआवे को सीधे तौर पर प्रतिबंधित नहीं किया, लेकिन उसके उपकरण उपयोग करने पर रोक लगा दी है।

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