1400 अरब के मालिक की उदासी का राज, जानेंगे तो चौंक उठेंगे
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चीन की सबसे बड़े ई-कामर्स ग्रुप अलीबाबा के चेयरमैन जैक मा का कहना है कि वो अरबपति होकर भी खुश नही हैं। जैक मानते है कि जब वे अपने पैतृक घर हैंगजोऊ, चीन में एक अंग्रेजी के टीचर के तरह 12 डॉलर प्रति माह कमाते थे तो खुद को ज्यादा संतुष्ट पाते थे।
इकोनॉमिक क्लब को एक इंटरव्यू देते हुए मा का कहना है कि जब आपके पास पैसा कम होता है तो आपको ये अच्छे से पता होता है कि उसे कहा और कैसे खर्च करना है। तो आप अपनी जरुरत के हिसाब से उसे खर्च करते हैं।
पर जब आपके पास अरबों रुपये आ जाए तो आप काफी जिम्मेदारी सी महसूस करते हैं कि उसे किस तरह से उपयोग में लाया जाए कि समाज को उससे ज्यादा से ज्यादा लाभ हो। और इस तरह की जिम्मेदारी काफी बढ़ी होती है।
दूसरा मौका होता तो अलीबाबा से ना जुड़ते
मा आगे बताते है कि जब आप शुरुआती एक मिलियन की कमाई करते हैं तो खुद को भाग्यशाली समझते हैं पर जैसे ही आप दस मिलियन का आंकड़ा पार करते है तो ये अपने साथ कई सारी परेशानियां लाता है।
मा का तो यहां तक कहना है कि अगर उनके पास कोई दूसरा मौका होता तो वो अलीबाबा के साथ कभी नहीं जुड़ते।
जैक बाकी अरबपतियों की तरह नही हैं जो बड़ी-बड़ी खेल की टीमों को खरीदते हैं। बल्कि अपने स्टॉफ के मनोरंजन के लिए पॉप कांसर्ट पर पैसा खर्च करते हैं।